कोडरमा में मुहर्रम जुलूस के दौरान बजा भड़काऊ बयान..मुहर्रम जुलूस कमिटी के खिलाफ प्राथमिकी, 8 गिरफ्तार, 100 अज्ञात पर केस

कोडरमा।झारखण्ड के कोडरमा जिले में मुहर्रम जुलूस के दौरान धार्मिक सौहार्द बिगाड़ने का मामला सामने आया है। यह घटना दर्जीचक लक्खीबागी में आयोजित जुलूस के दौरान हुई, जिसमें कई नियमों का उल्लंघन किया गया। इस संबंध में कोडरमा थाना में दर्जीचक लक्खीबागी मुहर्रम जुलूस कमेटी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।जुलूस के दौरान डीजे पर एक आपत्तिजनक भाषण बजाया गया, जिसमें देश विरोधी बयान शामिल था। वायरल वीडियो के अनुसार, डीजे पर बजाया गया भाषण काफी उत्तेजक और भड़काऊ था। बयान से क्षेत्र में तनाव फैलने की आशंका जताई गई।इसके अलावा जुलूस में उमर फारूख और तनवीर आलम नामक दो युवक पुलिस की केमोफ्लाज वर्दी में नजर आए, जबकि एक अन्य युवक अरमान, पिता मोमीन खलीफा, कथित रूप से पाकिस्तान के झंडे जैसे झंडे को लहरा रहा था।

मुहर्रम जुलूस में डीजे बजाने पर सरकारी रोक थी, बावजूद इसके आदेशों की अवहेलना करते हुए डीजे बजाया गया। करीब 100 लोग इस जुलूस में शामिल थे, जिनमें कई लाठी, डंडा और तलवार जैसे हथियारों से लैस थे।इस पूरे मामले को लेकर जुलूस में नियुक्त दंडाधिकारी और राज्यकर पदाधिकारी संजय कुमार ने कोडरमा थाना में शिकायत दर्ज कराई। उनके बयान और वीडियो साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सात नामजद और करीब 100 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

गिरफ्तार हुए आरोपियों में जमशेर आलम, उमर फारूख, मो. असगर अली, मो. हुसनैन रजा, मो. आमिर आलम, मो. असलम, तनवीर आलम, मो. फैजान रजा उर्फ अरमान शामिल हैं। सभी आरोपी लक्खीबागी दर्जीचक क्षेत्र के निवासी हैं। उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

पुलिस वायरल वीडियो क्लिप और स्थानीय गवाहों के आधार पर अन्य लोगों की पहचान में जुटी है। करीब 100 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

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