हजारीबाग:बड़कागांव थाना के बाहर ग्रामीणों का हंगामा, मामला दर्ज करने पर शुरू किया ‘जेल भरो आंदोलन’

हज़ारीबाग।झारखण्ड के हजारीबाग जिले के बड़कागांव प्रखंड के बादम कोल ब्लॉक में एनटीपीसी के मुआवजा शिविर में मंगलवार को हुए हंगामे के बाद जब पुलिस ने मामला दर्ज किया, तो इसके विरोध में ग्रामीणों ने आज गुरुवार की सुबह जेल भरो आंदोलन शुरू कर दिया।बड़ी संख्या में ग्रामीण बड़कागांव थाना का घेराव करने पहुंचे हैं।ग्रामीणों ने बड़कागांव मुख्य चौक भगवान बागी रोड भी जाम कर दिया है।

ग्रामीणों कहना है कि एनटीपीसी बादम कोल ब्लॉक कंपनी के इशारे पर पुलिस उन पर जुल्म कर रही है।निर्दोष लोगों को झूठे मुकदमे में फंसा कर गिरफ्तार किया जा रहा है।लोगों का कहना है कि हमारा क्षेत्र हरियाली है। यहां की मिट्टी उपजाऊ है।हम लोग यहां चार फसली फसल करते हैं।इसके अलावा आम महुआ, जामुन, समेत कई फलदार पौधे एवं औषधि युक्त पौधे से भी हमें लाभ मिलता है। इसलिए ऐसे क्षेत्र में हम कोयला खदान नहीं बनने देंगे।

बता दें एनटीपीसी की ओर से बादम पंचायत और आसपास के क्षेत्रों में कोयला खदान विकसित करने की योजना बनायी जा रही है। इस संबंध में हजारीबाग उपायुक्त कार्यालय की भू-अर्जन शाखा के पत्रांक 1834, दिनांक 7 अगस्त 2025 के अनुसार, बड़कागांव अंचल के महुगाई कला गांव के अंबाजीत इलाके में अधिग्रहीत भूमि को लेकर मुआवजा वितरण शिविर का आयोजन 12 अगस्त को बड़कागांव अंचल कार्यालय में निर्धारित किया गया था।

मुआवजा शिविर की सूचना मिलते ही बड़कागांव पूर्वी क्षेत्र के हजारों भू-रैयत, जो जल, जंगल और जमीन बचाने की मांग कर रहे हैं, मंगलवार को अंचल कार्यालय पहुंच गये।भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने तुरंत शिविर स्थल बदलकर महुगाई कला पंचायत भवन में आयोजन की तैयारी शुरू कर दी। इस कदम से ग्रामीण आक्रोशित हो उठे।उनका कहना था कि कोल कंपनी मनमाने तरीके से जनता को बिना पूर्व सूचना दिए शिविर का स्थान बदल रही है, जो संविधान के खिलाफ है।

इसी दौरान पुलिस और ग्रामीणों के बीच झड़प हो गयी, जिसमें एनटीपीसी और अंचल कार्यालय के कुछ अधिकारी घायल हो गये। घटना के बाद पुलिस ने ग्रामीणों पर मामला दर्ज किया और गिरफ्तारी की कार्रवाई शुरू कर दी।इस कारण क्षेत्र में ग्रामीणों का आक्रोश और गहरा गया है।

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