Ranchi:हरतालिका तीज पर सुहागिनों ने की शिव-पार्वती की पूजा,पति की लंबी उम्र और अखंड सौभाग्य की कामना की…
राँची।जिले में हरतालिका तीज व्रत श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर सुहागिन महिलाओं ने सोलह शृंगार कर भगवान शिव और माता पार्वती की प्रतिमा स्थापित की और पूजा-अर्चना कर तीज व्रत की कथा सुनी।इस दिन सुहागिन स्त्रियां अपने पति की लंबी आयु और अच्छे स्वास्थ्य के लिए निर्जला उपवास रखती हैं। व्रत की शुरुआत सूर्योदय से हो जाती है और समापन अगले दिन सूर्योदय के बाद किया जाता है। मान्यता है जो भी महिला इस व्रत को सच्चे मन से रखती है उसे अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है। वहीं कई जगहों पर ये व्रत कुंवारी कन्याएं भी अच्छे वर की प्राप्ति के लिए रखती हैं। कहा जाता है कि सबसे पहले ये व्रत माता पार्वती ने रखा था जिसके फलस्वरूप उनका विवाह भगवान शिव के साथ हुआ था।
राँची के स्वर्णरेखा नगर केतारी बागान नामकुम में व्रत कर रहीं किरण सिंह,लक्ष्मी तिवारी,बबिता देवी,सीमा देवी,ब्यूटी सिंह और मीना देवी ने बताया कि हरितालिका तीज का व्रत पति की लंबी उम्र और अखंड सौभाग्य की कामना के लिए किया जाता है।यह व्रत कठिन माना जाता है, क्योंकि इसमें जल ग्रहण करना भी वर्जित होता है।![]()
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तीज व्रत कर रहीं किरण सिंह ने कहा कि यह पर्व शिव-पार्वती की तपस्या और प्रेम का प्रतीक है, इसलिए सुहागिनें इसे पूरे उत्साह से करतीं हैं।उन्होंने बताया कि ये उनका 31वां तीज व्रत है।1995 से वे लगातार तीज व्रत करती आ रही हैं।
वहीं पंडित संदीप कुमार पांडेय ने बताया कि इस वर्ष हरितालिका तीज प्रदोष काल में पड़ी है,जिसे अत्यंत शुभ माना गया है। इस दिन शिव-पार्वती की पूजा और व्रत कथा सुनने से दांपत्य जीवन में सुख-समृद्धि और सौभाग्य की प्राप्ति होती है। पर्व के दूसरे दिन पारण की परंपरा निभाई जाती है।पूरे दिन व्रत और पूजा-अर्चना कर सुहागिन शिव-पार्वती से अपने परिवार की खुशहाली और पति की दीर्घायु की कामना की।

