हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा:चाचा की जमीन हड़पने के लिए भतीजे ने 14 लाख रुपये की सुपारी दी थी,तीन गिरफ्तार
खूँटी।झारखण्ड के खूँटी जिले के कर्रा थाना क्षेत्र की पुलिस ने 64 वर्षीय बुधुवा उरांव उर्फ एतवा बाखला हत्याकांड का सोमवार को सनसनीखेज खुलासा कर लिया। एतवा की जमीन हड़पने के लिए उसके भतीजे जीवन बाखला ने 14 लाख रुपये में हत्या करने की सुपारी दी थी। इस मामले में पुलिस ने मृतक के भतीजे समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार लोगों में जोजो नागा बाजार, पंडरा ओपी राँची निवासी बॉल्टन कच्छप, साकू कच्चावारी निवासी अनिल कच्छप उर्फ अजय कच्छप और साकू माललो, कर्रा निवासी जीवन बाखला शामिल हैं। पुलिस ने तीनों के पास से हत्या के लिए दिए गए 5.40 लाख रुपये, दो स्कूटी और चार मोबाइल जब्त किया है।
यह जानकारी एसडीपीओ तोरपा क्रिस्टोफर केरकेट्टा ने सोमवार को कर्रा थाना में आयोजित प्रेसवार्ता में दी। उन्होंने बताया कि एसपी मनीष टोप्पो को सूचना मिली थी कि बुधुआ उरांव हत्याकांड के आरोपी मेजर कोठी, जोजो नागा बाजरा राँची में छिपे हैं।अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए एसडीपीओ तोरपा क्रिस्टोफर केरकेट्टा के नेतृत्व में विशेष छापेमारी टीम गठित की गई थी। टीम ने मेजरकोठी, जोजो नागा बाजरा राँची से वाल्टर कच्छप को धर दबोचा। पूछताछ में उसने बुधुवा उरांव हत्याकांड में शामिल होने की बात स्वीकार की। उसकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त स्कूटी, मृतक की स्कूटी, सुपारी के 90 हजार रुपए और एक मोबाइल जब्त किया गया। वहीं बाल्टर के बयान पर हत्या में शामिल उसके साथी अनिल कच्छप और जीवन बाखला को पुलिस ने पकड़ा। इसके बाद अनिल कच्छप उर्फ करमा कच्छप की निशानदेही पर हत्या के एवज में मिले साढ़े चार लाख रुपए नकद, तीन मोबाइल जब्त किया गया। ज्ञात हो कि बुधुवा उरांव का शव 22 सितंबर को सेताहुरू गांव के पास झाड़ियों से बरामद किया गया था।
छापेमारी टीम में सर्किल इंस्पेक्टर अशोक कुमार सिंह, कर्रा थाना प्रभारी मनीष कुमार, एसआई मुकेश कुमार यादव, दीपक कांत कुमार, भरत भूषण पटेल समेत कर्रा थाना के सशस्त्र बल के जवान शामिल थे।
एसडीपीओ क्रिस्टोफर केरकेट्टा ने बताया कि बुधुआ के भतीजे जीवन बाखला ने जमीन हड़पने के लिए चाचा की हत्य की सुपारी दी थी। चूंकि बुधुवा उरांव को कोई पुत्र नहीं था केवल दो पुत्रियां थीं। इसी कारण जीवन बाखला उसकी संपत्ति पर कब्जा जमाने की योजना बनाई। उसने 14 लाख रुपये में हत्या की सुपारी दी, जिसमें हत्या से पहले पांच लाख रुपये अग्रिम और हत्या के बाद नौ लाख रुपये का भुगतान किया गया था।

