मुंशी ने ही लगा दिया 3.20 करोड़ का चूना :व्यापारी से पांच साल में ऑनलाइन–नकद गबन का आरोप
-क्यूआर कोड अपने नाम से बनवाकर करता रहा हेराफेरी,दो भाइयों संग जालसाजी का मामला
राँची।राजधानी राँची में एक व्यापारी के साथ 3 करोड़ 20 लाख रुपये की धोखाधड़ी और जालसाजी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि व्यापारी के भरोसेमंद मुंशी ने ही पांच वर्षों के भीतर ऑनलाइन और नकद लेन-देन में भारी गबन कर लिया। पीड़ित व्यापारी ने इस संबंध में चुटिया थाना में प्राथमिकी दर्ज कराया है। केतारी बगान,चुटिया निवासी संतोष सोनकर (40 वर्ष) ने थाना को दिए आवेदन में बताया है कि वह सूअर खरीद-बिक्री का व्यवसाय करता है।उनके यहां पांच वर्षों से अधिक समय से राजू कुमार काम कर रहा था। शुरुआत में ड्राइवर के रूप में रखे गए राजू कुमार को पढ़ा-लिखा होने के कारण बाद में मुंशी (मैनेजर) की जिम्मेदारी दी गई। व्यापार की पूरी देखरेख, लेन-देन और हिसाब–किताब उसी के जिम्मे था।
क्यूआर कोड अपने नाम से बनवाकर करता रहा खेल
आवेदन में कहा गया है कि व्यवसाय में ऑनलाइन भुगतान बढ़ने पर राजू कुमार ने अपने नाम से फोनपे के क्यूआर कोड बैंक ऑफ इंडिया और एसबीआई खातों से लिंक करवा लिए। व्यापारी को ऑनलाइन भुगतान की जानकारी नहीं होने का फायदा उठाते हुए वह ग्राहकों से आए पैसों का पूरा हिसाब नहीं देता था और आधे से ज्यादा रकम हड़प लेता था। ग्राहकों द्वारा किए गए ऑनलाइन भुगतान की राशि वह अपने भाइयों संजय साह और विष्णु साह के खातों में ट्रांसफर कर देता था या फिर एटीएम से नकद निकाल लेता था। यही नहीं, व्यापार में मिलने वाली नकद राशि भी वह गबन करता रहा।
क्यूआर कोड बदला तो खुली पोल
मामले का खुलासा तब हुआ जब सितंबर 2025 में राजू कुमार ने अपने खाते में ऑनलाइन भुगतान लेने से मना कर दिया। इसके बाद पीड़ित के भाई दीपू सोनकर ने अपने नाम से क्यूआर कोड बनवाया। पहले ही दिन करीब 45 हजार रुपये ऑनलाइन भुगतान आया, जबकि राजू कुमार हमेशा 10–15 हजार रुपये ही बताता था। जब इस बारे में पूछताछ की गई तो पहले आरोपी ने इनकार किया, बाद में कुछ रकम की चोरी स्वीकार की। ग्राहकों से पूछताछ करने पर भी यह सामने आया कि वे नियमित रूप से राजू कुमार के खाते में ही भुगतान कर रहे थे।
जांच में 1 करोड़ से ज्यादा ऑनलाइन गबन का खुलासा
पीड़ित ने बताया कि 6 दिसंबर 2025 को उसने चुटिया थाना में लिखित शिकायत दी थी। पुलिस द्वारा स्टेटमेंट की मांग के बाद यह सामने आया कि करीब 1 करोड़ 72 हजार रुपये का ऑनलाइन भुगतान राजू कुमार ने भाइयों की मिलीभगत से गबन किया है।
इसके अलावा, व्यापार में हुए नकद लेन-देन में करीब 2 करोड़ रुपये की हेराफेरी का भी आरोप है।
15 हजार वेतन, लेकिन जमीन–मकान में निवेश
आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि राजू कुमार की मासिक तनख्वाह सिर्फ 15 हजार रुपये थी, इसके बावजूद वह नामकुम इलाके में जमीन खरीदकर मकान निर्माण करा रहा है, जिससे अवैध कमाई की पुष्टि होती है।पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरु कर दी है।

