विधायक जयराम महतो की मांग, सूर्या हांसदा एनकाउंटर की हो सीबीआई जांच
धनबाद।जेएलकेएम प्रमुख सह डुमरी विधायक जयराम महतो ने सूर्या हांसदा एनकाउंटर की सीबीआई जांच की मांग की है। विधायक जयराम महतो ने धनबाद के सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत के क्रम में यह मांग की है।उन्होंने कहा कि पूर्व में सूर्या हांसदा बीजेपी में थे और उन्होंने 2019 के चुनाव में 45 हजार वोट लाया था।उनके पूर्व के प्रदर्शन के आधार पर 2024 के चुनाव में जेएलकेएम ने उन्हें प्रत्याशी बनाया था।
विधायक जयराम महतो ने कहा कि आज समाज के प्रबुद्ध लोगों को इस बात पर चिंतन करने की जरूरत है कि कैसे आदिवासी समाज से आने वाले सूर्या हांसदा जैसे नेता को एनकाउंटर का सामना करना पड़ रहा है और वह भी अपने राज्य में।उन्होंने कहा कि आज देश की राष्ट्रपति और राज्य के मुख्यमंत्री भी आदिवासी समाज से हैं। ऐसे में हमें लगता है कि एक बार विचार-विमर्श करने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि अगर गिरफ्तारी हो गई थी, फिर एनकाउंटर हुई तो इस पर जांच की आवश्यकता है।उन्होंने सूर्या हांसदा की एनकाउंटर की सीबीआई जांच की मांग की है, ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो जाए। उन्होंने सूर्या हांसदा के परिजनों के आरोपों और एनकाउंटर पर उठ रहे सवाल पर कहा कि यदि आदिवासी राज्य में एक आदिवासी एनकाउंटर के नाम पर मारा जाएगा, तो सवाल तो खड़ा होगा ही।

सूर्या हांसदा के एनकाउंटर पर अर्जुन मुंडा और अमित मंडल ने उठाए सवाल, बताया पुलिसिया कार्रवाई को संदेहास्पद
इधर पुलिस एनकाउंटर में सूर्या हांसदा के मारे जाने के बाद सवाल उठ रहे हैं। कल सूर्या के परिजनों ने एनकाउंटर को फर्जी बताया था और राजनीतिक साजिश के तहत सूर्या की हत्या का आरोप लगाया था। अब मामले में प्रदेश भाजपा भी खुलकर सामने आ गई है। भाजपा नेताओं ने मामले में राज्य सरकार और पुलिस पर कई गंभीर सवाल उठाए हैं।राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने सूर्या हांसदा के एनकाउंटर पर अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर पोस्ट लिखा है।जिसमें उन्होंने बड़ी बात लिखी है. अर्जुन मुंडा ने पोस्ट में लिखा है कि “वक्त ने एक आदिवासी को बनाया अपराधी, लोकतंत्र ने दिया मंच, पर पुलिस ने छीन ली आखिरी सांस…आदिवासी आदिवासी नेता सूर्या हांसदा का एनकाउंटर कई सवाल खड़े करता है। जब वे चार बार चुनाव लड़ चुके थे तो इसका मतलब साफ था कि वे मुख्यधारा से जुड़कर काम करना चाहते थे, लेकिन पुलिस द्वारा जिस हिसाब से कार्रवाई की गई है, वह कई तरह के संदेह खड़ा करता है।”
पूर्व विधायक अमित मंडल ने सरकार पर साधा निशाना
वहीं इस पूरे मामले पर प्रदेश भाजपा के प्रवक्ता सह गोड्डा के पूर्व विधायक अमित मंडल ने झारखण्ड सरकार पर कई बड़े और संगीन आरोप लगाए हैं। साथ इस मामले की जांच मानवाधिकार आयोग और एसटी आयोग से कराने की मांग की है। अमित मंडल ने कहा कि सूर्या हांसदा झामुमो, झाविमो, भाजपा के अलावा जेएलकेएम में रह चुके थे।पिछला चुनाव उन्होंने जयराम की पार्टी जेएलकेएम से लड़ा था।इसलिए फिलहाल उसका संबंध भाजपा से नहीं है।अमित मंडल ने कहा कि “वर्तमान सरकार पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार की तर्ज पर हर उस आवाज को शांत करा देती है, जो उसके विरुद्ध उठती है।”
इससे पूर्व पिछले दिनों भोगनाडीह में चंपाई सोरेन के कार्यक्रम के दौरान आदिवासी ग्राम प्रधानों के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया था।साथ ही मामले में कई ग्राम प्रधानों को जेल भेज दिया गया था।साथ ही चंपाई सोरेन के आप्त सचिव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था।उन्होंने कहा कि मतलब साफ है कि अगर सरकार को आपकी आवाज पसंद नहीं आयी तो पुलिस आपको एनकाउंटर करेगी या फिर जेल में बंद कर देगी।
गोड्डा के पूर्व विधायक अमित मंडल ने पुलिसिया कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि गिरफ्तारी देवघर में हुई और एनकाउंटर बोआरीजोर में होता है।अगर देवघर मे गिरफ्तारी की खबर नहीं फैलती तो एनकाउंटर वहीं हो जाता।साथ ही उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि यदि सूर्या हांसदा का नाम सूर्या अंसारी होता तो क्या ऐसी करवाई पुलिस और सरकार करती। इसलिए सरकार इस पूरे मामले पर स्थिति स्पष्ट करें।साथ ही उन्होंने कहा कि हम कोर्ट का सम्मान करते हैं। कोई दोषी है या नहीं इसका फैसला अदालत करती है।

