लातेहार बस हादसाः बस पलटने से अबतक 9 लोगों की मौत, 50 से ज्यादा घायल..
लातेहार। झारखण्ड के लातेहार जिले में हुए भीषण सड़क हादसे ने शादी की खुशियों को मातम में बदल दिया।महुआडांड़ थाना क्षेत्र के ओरसा घाटी में शनिवार शाम एक यात्रियों से भरी बस अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में अब तक 9 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 50 से अधिक यात्री घायल बताए जा रहे हैं।कई घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है
बलरामपुर थाना क्षेत्र के पिपरसुत गांव से करीब 75 से ज्यादा लोग एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए बस से लोध गांव (लातेहार) जा रहे थे। जैसे ही बस ओरसा घाटी के पास एक तीखे मोड़ पर पहुंची, चालक का संतुलन बिगड़ गया और बस पलट गई।हादसा इतना भयावह था कि मौके पर ही 5 यात्रियों की मौत हो गई, जबकि एक की मौत इलाज के दौरान महुआडांड़ में हुई। गंभीर रूप से घायल लोगों को बेहतर इलाज के लिए गुमला सदर अस्पताल रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान दो और घायलों ने दम तोड़ दिया। इसके बाद कुल मृतकों की संख्या बढ़कर 9 हो गई है।
पुलिस अधीक्षक कुमार गौरव ने बताया कि छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले से बारात लेकर बस लातेहार के महुआडांड़ आ रही थी। दुर्घटना में 5 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जिनमें से 4 महिलाएं थीं। हादसे में घायल हुए लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस हादसे पर शोक व्यक्त करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लातेहार के उपायुक्त को घायलों को उचित चिकित्सा सुविधाएं प्रदान करने का निर्देश दिया।
घायलों में 32 लोग गंभीर हालत में हैं। उपमंडल अधिकारी विपिन कुमार दुबे ने बताया कि 30 से अधिक घायलों को महुआडांड़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में और 20 से अधिक को एक निजी अस्पताल में भर्ती किया गया है। गंभीर हालत वाले 32 लोगों को राँची स्थित राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) भेजा गया है।
मृतकों की पहचान रेशांति देवी (35), प्रेमा देवी (37), सीता देवी (45), सोनमती देवी (55), सुखना भुइयां (40), और विजय भुइयां के रूप में हुई है। लातेहार अस्पताल में इलाज के दौरान दो और लोगों की मौत हो गई, जबकि गुमला सदर अस्पताल में भी दो लोगों की मौत हुई।
बस चालक विकास पाठक ने बताया कि बस के ब्रेक फेल हो गए थे। हैंडब्रेक और इंजन बंद करने के बाद भी वह बस पर नियंत्रण नहीं पा सका और बस पलट गई।
हादसे के बाद स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से घायलों को बस से बाहर निकाला गया। सभी घायलों को एंबुलेंस की सहायता से पहले महुआडांड़ और फिर गुमला सदर अस्पताल लाया गया। अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल रहा।मृतकों में कुछ की पहचान अब तक नहीं हो पाई है। घायलों में पिपरसुत बलरामपुर निवासी सौरव सोनवानी (1), रमेश कुमार (40), पोकला (50), फगुआ (50), मुकेश (25), सुगंति (20), नरेश नायक (50) और विश्वकर्मा नायक (10) अन्य शामिल हैं।
घायल परिजन लक्ष्मी देवी ने बताया कि शादी में शामिल होने के लिए सभी लोग खुशी-खुशी निकले थे, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि यह सफर जानलेवा साबित होगा। प्रशासन की ओर से घायलों के इलाज की समुचित व्यवस्था की जा रही है, वहीं गंभीर रूप से घायल अन्य यात्रियों को भी महुआडांड़ से गुमला लाया जा रहा है। पुलिस ने हादसे की जांच शुरू कर दी है।प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और घाटी क्षेत्र में तीखे मोड़ को हादसे की वजह माना जा रहा है।

