जामताड़ा पुलिस के हत्थे चढ़ा दो कुख्यात अपराधी,पिस्टल और गोली बरामद
जामताड़ा।झारखण्ड के जामताड़ा जिले के मिहिजाम पुलिस ने गुरुवार को दो कुख्यात अपराधियों को गिरफ्तार किया है।इस संबंध में जामताड़ा एसपी राजकुमार मेहता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी दी।कहा कि गुप्त सूचना मिली थी कि पूर्व में हत्या जैसे गंभीर मामलों में वांछित अपराधी मिहिजाम के कचड़ा पट्टी क्षेत्र के तीन मुहाने पर अपने साथियों के साथ एक बड़ी अपराध करने की योजना बना रहा है।सूचना मिलते ही मिहिजाम थाना प्रभारी विवेकानंद दूबे के नेतृत्व में पुलिस टीम ने इलाके की घेराबंदी कर दो अपराधियों को गिरफ्तार किया।गिरफ्तार अपराधियों की पहचान कुख्यात अपराधी युवराज यादव उर्फ युवराज सिंह (स्थायी पता –ग्यासपुर, थाना बख्तियारपुर, पटना; वर्तमान – कुर्मीपाड़ा, मिहिजाम, जामताड़ा) और मुकेश कुमार (स्थायी पता – गांव गुनसागर, थाना तेतरहट, लखीसराय; वर्तमान – कानगोई, मिहिजाम) के रूप में हुई है। युवराज के पास से एक देशी पिस्टल और दो जिंदा कारतूस, जबकि मुकेश के पास से तीन जिंदा कारतूस बरामद किए गए। दोनों के पास से दो मोबाइल भी जब्त किए गए।
एसपी ने बताया कि युवराज यादव पर मिहिजाम थाना में दर्ज दो गंभीर मामले (कांड संख्या 10/2025 और 54/2024) लंबित हैं, साथ ही उस पर पश्चिम बंगाल के रूपनारायणपुर में भी एक मामला दर्ज है।प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि दोनों किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की तैयारी में थे, जिसे पुलिस ने समय रहते नाकाम कर दिया।गिरफ्तार अपराधियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
बता दें गिरफ्तार कुख्यात अपराधी युवराज यादव ने अपने साथियों के साथ मिहिजाम के बढ़ईपाड़ा निवासी सीआइएसएफ जवान सुनील पासवान की हत्या कर दी थी और शव को बंगाल बॉर्डर इलाके में फेंक दिया था। मामले में बीते दिनों करीब तीन महीने बाद रूपनारायणपुर पुलिस ने मिहिजाम के आंबेडकर नगर निवासी राहुल गुप्ता को गिरफ्तार किया था। सुनील पासवान की हत्या मिहिजाम बंगाल सीमा पर धानगुड़ी इलाके में उनकी जमीन पर गोली मार कर दी गयी थी।रूपनारायणपुर पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अपराधी राहुल उर्फ मुर्गी की पहचान की।पुलिस ने उसके घर से घटना के दिन उसके पहने हुए कपड़े भी बरामद किया था।बताया जाता है कि घटना के दिन राहुल व उसके गैंग के सदस्य सुनील की जमीन पर शराब पी रहे थे, जब सुनील ने इसका विरोध जताया तो उसे गोली मार दी गयी। राहुल पूर्व में हत्या के मामले में जेल जा चुका है। 12 अगस्त 2024 को असम राइफल्स के जवान ओमप्रकाश भारती के साथ हुई लूटपाट व मारपीट की घटना में पुलिस ने राहुल को जामताड़ा जेल भेजा था। 30 जनवरी की रात हांसीपहाड़ी रेलवे फाटक के पास कैटरिंग कर्मी राहुल सिंह की गोली मार कर हत्या मामले में उसने एक महीने पहले जामताड़ा कोर्ट में सरेंडर किया था।रूपनारायणपुर पुलिस ने जामताड़ा कोर्ट से ट्रांजिस्ट रिमांड पर लेकर उसे गिरफ्तार किया उसके बाद खुलासा हुआ। इस गिरोह का मुख्य सरगना युवराज यादव फ़रार चल रहा था। पुलिस उसकी तलाश कर रही थी।इसी बीच एसपी राज कुमार मेहता को गुप्त सूचना मिल गई।उसके बाद दबोचा गया है।
प्रेस वार्ता में एसडीपीओ विकास आनंद लागोरी, इंस्पेक्टर राजेश,थाना प्रभारी विवेकानंद दुबे और छापेमारी दल के अन्य सदस्य उपस्थित थे। छापेमारी टीम में थाना प्रभारी विवेकानंद दूबे के साथ एसआई गुलशन कुमार सिंह, सोमवारी हेम्ब्रम, अरुण मल्लिक, हवलदार संतोष कुमार झा, व अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हथियार कहां से आए और इनके पीछे कोई बड़ा गिरोह तो नहीं।

