Ranchi:नामकुम थाने में दर्ज हुई कृषि विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का मामला,एक गिरफ्तार…मुख्य सरगना सहित कई फरार..एक हजार से ज्यादा युवाओं से करोड़ों की गई है ठगी..
–शनिवार को सीआईडी और राँची पुलिस ने की थी छापेमारी, कई युवक मिले थे पुलिस को जिन्होंने बताया था कि उनसे लिए गए पैसे..मामले की जांच जारी है…
राँची।राजधानी राँची के नामकुम थाना क्षेत्र में शनिवार को हुए एक फर्जी ट्रेनिंग सेंटर में छापेमारी में युवाओं से नौकरी लगाने के नाम पर ठगी के बड़ा खुलासा हुआ है।इस मामले में बिहार के भोजपुर जिले के रहने वाले युवक वीर भगत सिंह सरदार ने कृषि विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर 31 हजार रुपए की ठगी ,जान मारने की धमकी देने और बंधक बनाए जाने के सम्बंध नामकुम थाना में एक दर्जन लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई है।मामले में मनीष कुमार नामक एक युवक को गिरफ्तार किया गया है।जिसे जेल भेज दिया गया है।बता दें सीआईडी टीम ने सीआईडी एएसपी दीपक कुमार के नेतृत्व में नामकुम पुलिस के साथ मिलकर शनिवार को नामकुम थाना क्षेत्र में दो जगहों पर ठगी किए जाने के मामले में छापेमारी की थी। मामले में कई लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया था।जिन्हें पूछताछ के बाद में छोड़ दिया गया।इस मामले में सीआईडी को शिकायत मिली थी कि बेरोजगारों से ठगी किया जा रहा है।
इसी ऑफिस में पैसा जमा कराया जाता था
बंधक बनाया और रेप केस में फंसाने की धमकी दी
इधर दर्ज प्राथमिकी में पीड़ित युवक ने बताया है कि उसे आरोपियों ने झूठे रेप केस में फंसाने और जान से मारने की धमकी भी दी। साथ ही उसे बंधक बनाकर मारपीट भी की गई।वीर भगत सिंह ने बताया कि वह बीए पास है और बेरोजगार है। 20 जून 2025 को उसकी बहन जिया कुमारी के मोबाइल पर मनिषा कुमारी नाम की महिला ने कॉल कर कहा कि राँची में कृषि विभाग में बहुत सारी भर्तियां निकली हैं। फॉर्म भरने के लिए 2000 रुपए लगेंगे। नौकरी लगने पर 25 हजार रुपए मासिक वेतन मिलेगा। 24 जून की रात वह आरा से राँची पहुंचा। स्टेशन पर मनीष नामक युवक ने उसे रिसीव किया और चुटिया थाना क्षेत्र के द्वारिकापुरी ले गया। वहां पहले से 20 युवक मौजूद थे। 25 जून को मनीष ने 31 हजार रुपए की मांग की। वीर ने 11 हजार रुपए उसी दिन और 20 हजार रुपए 26 जून को अपने गांव से साइबर कैफे के जरिए मनीष के मोबाइल नंबर पर भेजे।
गिरफ्तार युवक
इंटरव्यू लेने के बाद दिया गया ट्रेनिंग
25 जून को उसका इंटरव्यू लिया गया। 28 जून को सुबह 7 से 10 बजे तक द्वारिकापुरी में ट्रेनिंग दी गई। 30 जून को केतारी बागान घाट रोड में स्थित पुष्पांजलि विवाह भवन, चुटिया में ट्रेनिंग के लिए ले जाया गया। वहां करीब 1000 युवक-युवतियां मौजूद थे। ट्रेनिंग में साइकोलॉजी पढ़ाई जा रही थी। जब वीर ने सवाल किया कि कृषि विभाग की नौकरी में साइकोलॉजी क्यों पढ़ाई जा रही है, तो कोई जवाब नहीं मिला। वहीं एक युवक ने बताया कि उसे दो दिन से बिना खाना-पानी के बंधक बनाकर रखा गया है। जब वीर ने मनीष से इस बारे में पूछा तो उसने गाली दी, थप्पड़ मारा और मोबाइल छीन लिया। खाना-पानी बंद कर उसे भी बंधक बना लिया गया। मनिष, मनिषा, अभिषेक, गुड्डू, अरुण, अजय ने धमकी दी कि 50 हजार रुपए और मंगाओ, नहीं तो रेप केस में फंसा देंगे।
ट्रेनिंग सेंटर,जहां शनिवार को छापेमारी हुई थी
भाई को चुपके से भेजा लोकेशन तब पहुँचे रिश्तेदार
3 जुलाई को सुबह सभी के सोने के दौरान वीर ने चुपके से अपने भाई को लोकेशन भेजा। इसके बाद राँची में रहने वाले रजत नामक रिश्तेदार को सूचना दी गई। रजत जब उसे लेने द्वारिकापुरी पहुंचे तो काफी विवाद के बाद वीर को वहां से निकाला गया। वीर ने डीजीपी अनुराग गुप्ता को आवेदन दिया। उसने बताया कि दरभंगा का मुरारी यादव कंपनी का मुख्य संचालक है।यही मुख्य सरगना है। राँची में रहकर कंपनी चलाता है। इसका ऑल इंडिया हेड अमरेन्द्र सिंह है, जो दिल्ली में रहता है। इनके साथ लव ठाकुर, पंकज, मधुरेंद्र कुमार पाठक उर्फ मधु सर और सरवन भी शामिल हैं। ये लोग बेरोजगारों को नौकरी का झांसा देकर ठगी करते हैं। 5 जुलाई को नामकुम थाना पुलिस और सीआईडी की टीम ने वीर को साथ लेकर पुष्पांजलि पैलेस और लोटा फैक्ट्री के पास स्थित आर्यावर्त एसोसिएट ऑफिस में छापेमारी की थी। पुलिस को देखकर कई लोग भाग गए। वहां से कई दस्तावेज, लैपटॉप, फॉर्म आदि जब्त किए गए।
जब्त समान को ले जाती पुलिस
इधर इस मामले में नामकुम थाना के प्रभारी थाना प्रभारी सब-इंस्पेक्टर रंजीत कुमार ने बताया कि मामले की जांच जारी है।मुख्य आरोपियों की तलाश जारी है।एक युवक की गिरफ्तारी हुई है।मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।मामले में कई युवकों ने मौखिक जानकारी दी है की किस तरह बेरोजगार युवक और युवतियों से नौकरी लगाने के लिए फर्जी ट्रेनिंग देकर पैसों की ठगी की जा रही थी।मामले की जांच और कार्रवाई जारी है।

