हजारीबाग पुलिस ने आलोक गिरोह के चार अपराधियों को हथियार के साथ किया गिरफ्तार….
हजारीबाग।झारखण्ड के हजारीबाग पुलिस को बड़ी कामयाबी हासिल हुई है।छापेमारी के दौरान चार कुख्यात अपराधियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है, जो पहले टीपीसी के लिए काम करते थे।ये सभी अपराधी आलोक गिरोह के नाम से इलाके में आपराधिक घटनाओं को अंजाम देते थे।गिरफ्तार अपराधियों के पास से पुलिस ने तीन पिस्तौल,एक कार्बाइन गन, 9 जिंदा कारतूस, 8 मोबाइल समेत अन्य सामान बरामद किया है।
एसपी अंजनी अंजन को गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी कि जिले के केरेडारी थाना क्षेत्र में कुछ अपराधी हथियार और गोली के साथ किसी बड़ी घटना को अंजाम देने के लिए बुंडू के जंगल में जमा हुए हैं।जिसके बाद बड़कागांव एसडीपीओ पवन कुमार के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 4 अपराधी अर्जुन करमाली उर्फ जयकांत उर्फ भैरव सिंह,समीर कुमार, राहुल कुमार और निखिल विश्वकर्मा को हथियार के साथ गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में अर्जुन करमाली ने पुलिस को बताया कि वे सभी पहले प्रतिबंधित संगठन टीपीसी में सक्रिय सदस्य थे।बाद में अलग होकर आलोक गिरोह बना लिया। जिसको राहुल तूरी संचालित करता था। लेकिन राहुल तूरी के मारे जाने के बाद आलोक गिरोह का संचालन अर्जुन करमाली कर रहा था। हजारीबाग एसपी अंजनी अंजन ने बताया कि 23 नवंबर की रात इसी संगठन ने बुंडू के रूपलाल करमाली की घर में घुसकर डायन बिसाही का आरोप लगाकर गोली मारकर हत्या की थी।
एसपी ने कहा कि आलोक गिरोह रामगढ़, राँची, चतरा और हजारीबाग में सक्रिय था। उन्होंने बताया कि गिरोह द्वारा एनटीपीसी और इसके एमडीओ कंपनी और ट्रांसपोर्टों से लेवी वसूली घटना को अंजाम देता था। बताया कि केरेडारी के रहने वाले अर्जुन करमाली उर्फ भैरव पर 15 मामले हजारीबाग, चतरा और राँची के कई थानों में दर्ज हैं।

