हजारीबाग:डीजीपी तदाशा मिश्रा ने खुला जेल सह पुनर्वास केंद्र का किया निरीक्षण…
हज़ारीबाग।झारखण्ड के पुलिस महानिदेशक एवं पुलिस महानिरीक्षक (प्रभारी डीजीपी) तदाशा मिश्रा ने बुधवार को हजारीबाग स्थित झारखण्ड खुला जेल सह पुनर्वास केंद्र का निरीक्षण किया। निरीक्षण के उपरांत उन्होंने ओपन जेल परिसर का भ्रमण कर वहां सजायाफ्ता कैदियों को उपलब्ध कराई जा रही विभिन्न सुविधाओं की जानकारी ली।निरीक्षण के दौरान डीजीपी ने सजायाफ्ता कैदियों से संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं को सुना।
डीजीपी तदाशा मिश्रा ने सरेंडर किए नक्सलियों से बात की और वहां बंद नक्सलियों के रहन सहन को ध्यान से देखा.इस दौरान डीजीपी ने बंदियों के बीच 1 घंटे 45 मिनट के आसपास अपना समय बिताया।उन्होंने बंदी के साथ संवाद स्थापित किया और उन्हें क्या सुविधा दी जा रही है, उनका जीवन स्तर कैसे ऊंचा किया जाए? इस पर चर्चा हुई।
निरीक्षण के दौरान डीजीपी से वहां कई बंदियों ने अपनी बातों को साझा कियामजिसके बाद ठंड को देखते हुए डीजीपी ने बंदियों को कंबल भी उपलब्ध कराया।निरीक्षण करने के बाद उन्होंने बताया कि राज्य सरकार, सरेंडर नक्सलियों और उनके पूरे परिवार पर विशेष रूप से ध्यान दे रही हैं।सरकार चाहती है कि उनका विकास हो। सरकार ने नक्सलियों को सरेंडर करने के लिए आत्मसमर्पण नीति बनाई है और उसका लाभ इन्हें मिला है।
डीजीपी ने कहा कि झारखण्ड के जेलों को अपग्रेड करने की तैयारी चल रही है। जैमर दुरुस्त हो इसे लेकर भी काम किया जा रहा है। आने वाले समय में जेल के जैमर 5G स्तर के होंगे।संगठित अपराध को रोकने के लिए राज्य सरकार वचनबद्ध है। एटीएस, एनएआई और सीबीआई के साथ समन्वय स्थापित कर काम भी किया जा रहा है।कई अपराधी गिरफ्तार भी हुए हैं।

इस क्रम में उन्होंने मुख्यमंत्री के निर्देशों का उल्लेख करते हुए कहा कि झारखण्ड सरकार की सरेंडर पॉलिसी का लाभ कैदियों को सुनिश्चित किया जाएगा। डीजीपी ने संबंधित विषयों पर शीघ्र सकारात्मक पहल किए जाने का आश्वासन भी दिया।
इस अवसर पर उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह एवं एसपी अंजनी अंजन उपस्थित थे।
इससे पहले डीजीपी का परिसदन भवन, हजारीबाग में उपायुक्त एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया तथा उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया गया।कार्यक्रम के उपरांत उपायुक्त एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा डीजीपी को प्रतीक चिन्ह भेंट किया गया।

