झारखण्ड पुलिस के पदाधिकारियों और कर्मियों को उनकी उत्कृष्ट सेवा के लिए राज्यपाल ने किया सम्मानित…

 

राँची।स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पुलिस पदाधिकारियों से लेकर आरक्षी तक को उनकी उत्कृष्ट सेवा के लिए सम्मानित किया गया।मोरहाबादी मैदान में आयोजित 79वें स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पदक के अलावा वीरता पदक और पुलिस सराहनीय सेवा पदक से सम्मानित किया।

सम्मानित होने वाले पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों में आईपीएस ऋषभ झा, आईपीएस अनुराग राज और डीएसपी समेत कई अन्य शामिल हैं।ऐतिहासिक मोरहाबादी मैदान के मंच से राज्यपाल ने झारखण्ड जगुआर के सब इंस्पेक्टर अमर तांती को विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पदक, स्पेशल ब्रांच के इंस्पेक्टर रोहित कुमार रजक को असाधारण आसूचना कुशलता पदक से सम्मानित किया।

वहीं,आईपीएस ऋषभ झा, आईपीएस अनुराग राज, एएसपी सीआरपीएफ विजेंद्र कुमार मिश्रा,डीएसपी दीपक कुमार,इंस्पेक्टर दिग्विजय सिंह, इंस्पेक्टर राजीव कुमार, इंस्पेक्टर विश्वजीत कुमार सिंह, सब इंस्पेक्टर रोशन कुमार सिंह, सब इंस्पेक्टर उमेश सिंह, हवलदार सुभाष दास, कांस्टेबल रवींद्र टोप्पो, कांस्टेबल गोपाल गंझू, कांस्टेबल कृष्णा उरांव, आरक्षी रंजीत कुमार को वीरता पदक से सम्मानित किया।

पुलिस सराहनीय सेवा पदक से कांस्टेबल रणधीर कुमार सिंह, विमल कुमार छेत्री, कांस्टेबल सलोमोनी मिंज, हेड कांस्टेबल संजय उरांव, हेड कांस्टेबल हेमा रानी कुल्लू, कांस्टेबल रेखा कुमारी, कांस्टेबल संजीव कुमार गुप्ता, कांस्टेबल ऋतुराज, हेड कांस्टेबल राजेंद्र राम, हेड कांस्टेबल अरुण उरांव, हेड कांस्टेबल संजय कुमार को सम्मानित किया गया।

आईपीएस ऋषभ झा ने नक्सल प्रभावित खूंटी के तोरपा में चलाए गए अभियान को याद करते हुए  कहते हैं कि उन दिनों यह इलाका काफी नक्सल प्रभावित था और पुलिस द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही थी, इस दौरान अनुराग राज ने भी महत्वपूर्ण सहयोग दिया, जिसके कारण इस इलाके के कई कुख्यात नक्सली या तो पकड़े गए या मारे गए। आज मुझे वीरता पदक मिला है

वहीं आईपीएस अनुराग राज ने भी खूंटी के तोरपा में चलाए गए नक्सली अभियान को याद करते हुए कहा कि यह पुलिस के लिए एक चुनौतीपूर्ण कार्य था।उस समय ऋषभ कुमार झा के नेतृत्व में चलाया गया ऑपरेशन काफी सफल रहा था और इसीलिए मुझे वीरता पदक से सम्मानित किया गया है।

 

राष्ट्रपति वीरता पदक से सम्मानित होने वाले डीएसपी दीपक कुमार ने घटना को याद करते हुए बताया कि उनकी पोस्टिंग उस समय गुमला जिले के बसिया एसडीपीओ के रूप में थी। उस समय PLFI नक्सलियों का आतंक गुमला और समीपवर्ती जिलों में ज्यादा था। उनके संयुक्त नेतृत्व में एक दिन कामडारा थाना अंतर्गत PLFI नक्सलियों के साथ भीषण मुठभेड़ हुई थी। उन्होंने बताया कि मुठभेड़ में PLFI संगठन के सेकेण्ड इन कमान नक्सली गुज्जु गोप, बिष्णु सिंह और समीर कंडुलना को मार गिराया गया था और 10 लाख इनामी नक्सली संतोष यादव को गिरफ्तार कर भारी मात्रा हथियार बरामद की गई थी। डीएसपी ने बताया उसके बाद से गुमला जिले में नक्सलियों का प्रभाव काफी कम हो गया था।इस साहसिक कार्य के लिए उन्हें और उनकी टीम को राष्ट्रपति वीरता पदक से सम्मानित किया गया है।

 

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