गिरिडीह गोलीकांड:गोली लगने से घायल शमीम अंसारी की मौत, मुख्य आरोपी शिवम आजाद के समर्थन में महिलाओं ने की नारेबाजी…बताया निर्दोष…!
गिरिडीह।झारखण्ड के गिरिडीह में 23 फरवरी को नगर निगम चुनाव के दौरान हुई फायरिंग में गंभीर रूप से घायल मो शमीम अंसारी की इलाज के दौरान बुधवार को मौत हो गयी। शमीम के सिर में गोली लगी थी। धनबाद के एसएनएमएमसीएच में मेडिकल बोर्ड गठित कर उसके शव का पोस्टमार्टम किया गया।पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी करायी गयी। चिकित्सकों के अनुसार, शमीम के सिर के पिछले हिस्से में गोली लगी थी, जिससे मस्तिष्क को गंभीर क्षति पहुंची।आगे की जांच के लिए विसरा सुरक्षित रखा गया है।इधर गिरिडीह के उपायुक्त रामनिवास यादव और एसपी डॉ. बिमल कुमार के नेतृत्व में शहरी क्षेत्र में विधि- व्यवस्था को लेकर पूरी तैयारी की गई थी और सभी डीएसपी- एसडीपीओ और थाना प्रभारियों को निर्देश दिया गया था कि किसी भी स्थिति में लॉ- एंड ऑर्डर को नहीं बिगड़ने दें।माहौल पूरी तरह से तनावपूर्ण हो जाने के कारण आईजी अभियान से लेकर दो डीआईजी भी पिछले दो दिनों से लगातार गिरिडीह में कैम्प किए हुए थे।बुधवार की शाम मो. शमीम का शव कड़ी सुरक्षा के बीच गिरिडीह लाया गया और फिर शव को उनके परिजनों को सौंप दिया गया। शव के गिरिडीह पहुंचने के बाद एक समुदाय विशेष के लोगों में भारी आक्रोश का माहौल देखने को मिल रहा था। यही कारण है की किसी भी स्थिति में माहौल न बिगड़े इसलिए सभी को अलर्ट कर दिया गया था।शव को करीब दस बजे रात सुप्रदे खाक करने के लिए भंडारीडीह कब्रिस्तान (अलकापूरी)ले जाया गया। इस दौरान पूरे शहर में यातायात व्यवस्था को बंद कर दिया गया था और स्वर्ण सिनेमा हॉल से लेकर भंडारीडीह, अलकापुरी समेत बक्सीडीह रोड, आजाद नगर, झिंझरी मुहल्ला में भारी संख्या में पुलिस बल के जवान को तैनात किया गया था।डीसी रामनिवास यादव और एसपी डॉ. बिमल कुमार के साथ एएसपी अभियान सुरजीत कुमार, एसडीपीओ जीतवाहन उरांव, धनंजय राम, डीएसपी नीरज कुमार सिंह, राजेंद्र प्रसाद, एसडीएम श्रीकांत यशवंत विस्पुते के साथ सीओ, बीडीओ के अलावे रैफ़ के सैकड़ों जवान तैनात थे।
इधर इस घटना के बाद झामुमो जिलाध्यक्ष संजय सिंह के नेतृत्व में एक टीम भी मो. शमीम के घर पहुंची और उन्हें सांत्वना दी और तत्काल 50 हजार रुपए की सहायता राशि दी और कहा मंत्री सुदिव्य कुमार के द्वारा उन्हें सरकार के स्तर से सहायता प्रदान की जाएगी।
बता दें गिरिडीह पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी शिवम कुमार श्रीवास्तव उर्फ शिवम आजाद समेत पांच लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। हत्या में प्रयुक्त देशी पिस्टल और जिंदा गोली भी बरामद की गयी है।डीसी और एसपी ने बुधवार को समाहरणालय के सभाकक्ष में पत्रकारों को बताया कि घटना के तुरंत बाद आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए एसआइटी गठित की गयी थी। चार अलग-अलग टीमों ने विभिन्न स्थानों पर छापेमारी की। मुख्य आरोपी शिवम आजाद को दुर्गापुर एयरपोर्ट से पकड़ा गया, जबकि उसके सहयोगियों अमित विश्वकर्मा, आकाश हाड़ी, मंजीत पासवान और किशोर पासवान को अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार किया गया। तलाशी के दौरान कांड में प्रयुक्त देशी पिस्टल और जिंदा गोली बरामद हुई। एसपी ने बताया कि शिवम आजाद के खिलाफ पूर्व से मुफस्सिल और नगर थाना क्षेत्र में 13 आपराधिक मामले दर्ज हैं।छापेमारी दल में डीएसपी कौशर अली, डीएसपी नीरज कुमार सिंह, साइबर डीएसपी आबिद खान, एसडीपीओ सुमित कुमार, एसडीपीओ धनंजय कुमार, एसडीपीओ कैलाश प्रसाद महतो, डीएसपी नीलम कुजूर समेत कई पुलिस अधिकारी भी शामिल थे।
कोर्ट परिसर के बाहर महिलाओं ने शिवम आजाद के समर्थन में की नारेबाजी
बताते चलें कि वार्ड 18 के बूथ संख्या चार पर चुनाव के दौरान अंधाधुंध फायरिंग हुई थी, जिसमें दो लोग घायल हुए थे। बक्सीडीह रोड भंडारीडीह निवासी मो. शमीम अंसारी को सिर में गोली लगी थी। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गयी, जबकि दूसरे घायल शेरू अंसारी का इलाज जारी है।गिरफ्तारी के बाद पांचों आरोपियों को गिरिडीह मुफस्सिल थाना लाकर करीब दो घंटे तक पूछताछ की गयी।एसआइटी प्रभारी सह एसडीपीओ जीतवाहन उरांव के नेतृत्व में टीम ने कई अहम जानकारियां जुटायीं।मेडिकल जांच के बाद गिरफ्तार सभी आरोपी को कोर्ट में पेश कर भारी सुरक्षा के बीच जेल भेज दिया गया।कोर्ट परिसर के बाहर कुछ महिलाओं ने शिवम आजाद के समर्थन में नारेबाजी की और साजिश के तहत फंसाने का आरोप लगाया।
बुधवार को पुलिस द्वारा शिवम को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद वार्ड 18 के झिंझरी मुहल्ला में महिलाओं और परिजनों ने विरोध शुरू कर दिया। इस दौरान शिवम की मां सरिता श्रीवास्तव और पत्नी प्रिया श्रीवास्तव भी सड़क पर उतर आईं। प्रदर्शनकारी पहले पचम्बा थाना पहुंचे, जहां उन्होंने राजू खान सहित उसके गुर्गों के खिलाफ आवेदन सौंपा। थाना प्रभारी ने आवेदन लेकर कार्रवाई का भरोसा दिलाया। रिपोर्ट के अनुसार पुलिस ने शिवम और उसकी मां को नगर थाना में भी आवेदन देने का सुझाव दिया, तो उन्होंने नगर थाना में भी आवेदन दिया।इधर, पुलिस पूरे मामले की बहुस्तरीय जांच में जुटी है और अन्य पहलुओं पर भी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

