गजराज का तांडव जारी… दो दिन में एक मासूम सहित पांच लोगों को मार डाला, गांव में दहशत
रामगढ़।झारखण्ड के रामगढ़ जिले से सटे बोकारो जिले के महुआटांड़ थाना क्षेत्र में गजराज का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है।बीते एक दिन पहले जहां हाथियों ने घर से निकाल तीन बुजुर्गों को कुचल दिया था, वहीं शुक्रवार को एक बार फिर हाथियों के झुंड ने महुआटांड़ थाना क्षेत्र के गंगपुर गांव में कहर बरपाया है।इस घटना में एक ही परिवार के दो लोगों की मौत हो गई।जबकि इसी परिवार के तीन बच्चे सहित चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
मृतक के परिजन भोला साव ने बताया कि गंगपुर के हाथियों ने सोमर साव के घर पर हमला कर दिया था। इस दौरान घर मे मौजूद सभी लोग छत पर जाने के लिए भागे लेकिन हाथियों ने सोमर साव सहित पूरे परिवार को अपनी चपेट में ले लिया, जिसमें एक बच्चे सहित सोमर साव की मौत हो गई।मृतकों की पहचान सोमर साव और उसके पोते अमन साव (3 वर्ष) के रूप में हुई है।जबकि तीन बच्चे सहित एक बुजुर्ग महिला घायल हुए हैं।जिन्हें रामगढ़ सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनका इलाज चल रहा है।
वहीं, परिजन शैलेश कुमार महतो ने इस घटना के लिए क्षेत्र में हो रहे अवैध खनन को जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि जंगलों की अंधाधुंध कटाई और अवैध खनन के कारण हाथी गांवों में घुस रहे हैं और लोगों की जिंदगी के साथ-साथ घरों और फसलों को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं।वन विभाग को सुरक्षित वन क्षेत्र में हाथियों को भेजने के लिए उपाय करना चाहिए।
स्थानीय रवि महतो ने बताया कि पिछले छह महीने से हाथियों का झुंड रामगढ़ बोकारो सीमावर्ती क्षेत्रों में अपना डेरा जमाए हुए हैं।रामगढ़ और बोकारो में कई लोगो की मौत हाथियों की चपेट में आने से हो रही है, लेकिन फिर भी जंगली हाथियों को वन विभाग सुरक्षित कॉरिडोर में भेजने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है।
मामले को लेकर बोकारो डीएफओ संदीप शिंदे ने बताया कि हाथी हमले में दो लोगों की मौत हुई है। हमारी क्यूआर टीम हाथियों को भगाने के लिए दिन-रात काम कर रही है। हमने रामगढ़ और बंगाल से भी हाथी भगाने वाली एक्सपर्ट टीम को बुलाया है। डीएफओ संदीप शिंदे ने एक वीडियो जारी कर लोगों से अपील की है कि रात में घरों से बाहर न निकले, बहुत जरूरी होने पर ही निकलें।

