दुमका पुलिस परिवार को 2025 जाते-जाते दे गया गहरा जख्म…
दुमका।झारखण्ड की उपराजधानी दुमका में साल 2025 के अंतिम दिन दुमका पुलिस परिवार को एक ऐसा गहरा आघात मिला, जिसे भुला पाना आसान नहीं होगा।जिले के शिकारीपाड़ा थाना क्षेत्र के नलहची पुल के पास जाम समाप्त कराने के दौरान कर्तव्य पर तैनात पुलिस अवर निरीक्षक हेमंत भगत को एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने रौंद दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। यह हृदय विदारक घटना 31 दिसंबर 2025 के रात की है।जाम में फंसे आम नागरिकों को राहत दिलाने के लिए तत्पर एसआई हेमंत भगत अपने कर्तव्य का निर्वहन कर रहे थे, तभी यह हादसा हुआ। एक जिम्मेदार और सजग पुलिस अधिकारी की इस तरह ड्यूटी के दौरान हुई मौत ने पूरे पुलिस महकमे को स्तब्ध कर दिया।
गुरुवार (1 जनवरी 2026) को फूलो झानो मेडिकल कॉलेज अस्पताल (PJMCH) में पोस्टमार्टम के बाद दिवंगत एसआई हेमंत भगत के पार्थिव शरीर को दुमका पुलिस लाइन लाया गया। वहां उन्हें पूरे सम्मान और शोक सलामी के साथ अंतिम विदाई दी गई। वातावरण गम और सन्नाटे से भरा रहा।इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक पीतांबर सिंह खेरवार, एसडीपीओ विजय कुमार, डीएसपी मुख्यालय इकुड डुंगडुंग, पुलिस एसोसिएशन एवं पुलिस मेंस एसोसिएशन के पदाधिकारी समेत बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी और कर्मी मौजूद रहे।सभी ने पुष्प अर्पित कर अपने साथी को अंतिम नमन किया।
मूल रूप से लोहरदगा जिले के निवासी एसआई हेमंत भगत का कुछ माह पूर्व ही दुमका जिला पुलिस बल में स्थानांतरण हुआ था। वर्ष 1999 में कॉन्स्टेबल के रूप में सेवा शुरू करने वाले हेमंत भगत अपने व्यवहार, कर्मठता और ईमानदारी के लिए जाने जाते थे।हेमंत भगत अपने पीछे पत्नी, एक पुत्र और एक पुत्री को छोड़ गए हैं।उनका पुत्र दिल्ली में रहकर पढ़ाई करता है, जबकि पुत्री आठवीं कक्षा की छात्रा है।अचानक आए इस हादसे ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।
साल 2025 के विदा होते-होते दुमका पुलिस बल ने एक जांबाज, कर्तव्यनिष्ठ और भरोसेमंद अधिकारी को खो दिया।एसआई हेमंत भगत का असमय निधन न सिर्फ उनके परिवार, बल्कि पूरे दुमका पुलिस परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है।

