राजधानी राँची में पहुंचा खतरनाक मादक पदार्थ LSD ,सरगना सहित दो ड्रग्स तस्कर गिरफ्तार…नीदरलैंड से कुरियर के जरिए तीसरी खेप मंगवाई…

 

राँची।राजधानी राँची में अब बेहद खतरनाक मादक पदार्थ एलएसडी की तस्करी शुरू हो चुकी है।हालांकि इस खतरनाक मादक पदार्थ की तस्करी भनक लगते ही राँची के एसएसपी राकेश रंजन को निर्देश पर प्रशिक्षु आईपीएस साक्षी जमुआर और कोतवाली डीएसपी प्रकाश सोय ने फिल्मी अंदाज में सरगना सहित दो को गिरफ्तार कर लिया है।मुख्य आरोपी तस्कर अविनाश कुमार मिश्रा डार्क वेब और क्रिप्टो करेंसी के जरिए राजधानी राँची में एलएसडी ड्रग्स लाने की शुरुआत की थी।पुलिस ने दोनों तस्करों को पूरी नाटकीय अंदाज में गिरफ्तार किया है।अविनाश ने नीदरलैंड से कुरियर के जरिए एलएसडी की खेप मंगवाई थी।

राजधानी में ब्राउन शुगर, कोकीन, गांजा और ब्लैक स्टोन जैसे ड्रग्स के बाद अब सबसे खतरनाक माने जाने वाले ड्रग्स लाइसर्जिक एसिड डाइथायलैमाइड यानी एलएसडी ने भी नशे के बाजार में दस्तक दे दी है।सिटी एसपी ने आज प्रेस वार्ता में बताया कि वरीय पुलिस अधीक्षक को मिली गुप्त सूचना के आधार पर पंडरा ओपी क्षेत्र में छापेमारी कर दो ड्रग्स पैडलर्स को गिरफ्तार किया है।गिरफ्तार पैडलर्स के द्वारा ही आठ लाख का एलएसडी ड्रग्स मंगवाया गया था।सिटी एसपी पारस राणा ने बताया कि एसएसपी को एक गुप्त सूचना प्राप्त हुई कि एक व्यक्ति ने डार्क वेब के माध्यम से मादक पदार्थ का पार्सल मंगवाया है,जो ओझा मार्केट, हेसल के पास डिलीवर होगी।इस सूचना पर पुलिस उपाधीक्षक कोतवाली प्रकाश सोय के नेतृत्व में एक छापेमारी दल का गठन किया गया।टीम में प्रशिक्षु आईपीएस साक्षी जमुआर और थानेदार को शामिल किया गया।टीम ने सटीक सूचना के आधार पर ओझा मार्केट पहुंचकर पुलिस की टीम मादक पदार्थ प्राप्त करने वाले शख्स का इंतजार कर रही थी।इसी दौरान लाल कपड़ा पहना एक स्कूटी सवार युवक आया और पार्सल रिसीव कर लिया।कुछ दूर जाने के बाद पुलिस ने उसे रोका।पूछताछ में युवक ने अपना नाम कुमार अभिषेक बताया।तलाशी लेने पर उसके पैंट के बाएं जेब से एक सफेद लिफाफा बरामद हुआ, जिसपर ‘NEDERLAND INTERNATIONAL’ का टिकट लगा था। लिफाफे में Belgian Greetings कार्ड मिले, जिसमें 100 पैच का रंग-बिरंगा कागज था।पूछताछ में अभिषेक ने कबूल किया कि यह LSD मादक पदार्थ है, जिसे उसने अविनाश कुमार मिश्र के साथ मिलकर डार्क वेब से क्रिप्टोकरेंसी पेमेंट कर नीदरलैंड से मंगवाया है।

एसपी ने बताया कि मामले में तुरंत नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की मदद ली गई और बरामद मादक पदार्थ की जांच करवाई गई। जांच में सिल्वर पेपर सहित 2.23 ग्राम और शुद्ध LSD 1.74 ग्राम पाया गया।जिसके बाद पुलिस ने अग्रिम कार्रवाई में सरगना अविनाश कुमार मिश्र और अभिषेक कुमार को गिरफ्तार कर लिया।झारखण्ड में यह पहली बार हुआ है, जब एलएसडी ड्रग पकड़ा गया है। ऐसे में पुलिस पूरी तरह से अलर्ट हो गई है और इसके पीछे कौन सा नेटवर्क काम कर रहा है उसकी पड़ताल में जुट गई है।

इस मामले में कोतवाली डीएसपी प्रकाश सोय ने बताया कि इस खतरनाक मादक पदार्थों की तस्करी करने वाला मुख्य सरगना अविनाश मिश्रा है।अभी राँची में कुछ ही महीने पहले अविनाश ने शुरुआत की थी।इसका इरादा भी खतरनाक था।ये स्कूल,कॉलेज,बार और रेस्टोरेंट में इस खतरनाक नशे को धीरे धीरे खपाने के लिए टीम तैयार कर रहा था।ये तीसरी या चौथी बार कुरियर के द्वारा मंगवाई गई थी।बड़े पैमाने पर ड्रग तस्करी का कारोबार करने की तैयारी थी लेकिन उससे पहले पुलिस की गिरफ्त में आ गया है।पूछताछ में बताया है कि अभी कुछ ही दिनों से ये धंधा शुरू की थी।आरोपियों से मिली जानकारी के बाद औऱ कुछ तस्करों को गिरफ्तार करने की कार्रवाई जारी है।  

आरोपियों के पास से मोबाइल से बरामद ये ग्राफिक फ़ोटो..

क्या है एलएसडी:एलएसडी कुछ घंटों के लिए दिमाग को नशा देने वाला एक बहुत ही ताकतवर ड्रग है, जिसे लाइसर्जिक एसिड डाइएथाइलामाइड कहते हैं.यह एर्गोट नामक फंगस से बनाई जाती है और ज्यादातर छोटे कागज के टुकड़ों (ब्लॉटर), लिक्विड या गोलियों के रूप में ली जाती है।इसे लैब में ही विकसित किया जाता है। इसका कोई गंध नहीं होता है। ऐसे ड्रग ले जाने वाले लोग भरपूर नशे में होते हैं,लेकिन सामने वाला भी यह पहचान नहीं पता है कि अगला ड्रग के नशे में है।जीभ पर रखते ही ये अपना असर छोड़ने लगता है।भारत समेत ज्यादातर देशों में इसे लेना या बेचना गैरकानूनी है।जानकर बताते हैं कि यह मस्तिष्क पर 8-12 घंटे तक असर करता है। इसे इस्तेमाल करने पर ऐसी चीजें भी दिखने लगती हैं जो असल में है ही नहीं हैं। इसका आदि होने पर दिमाग की सोच बदल जाती है।कुछ घंटे में व्यक्ति अपने आप को तरह-तरह के भूमिकाओं में पाता है।ये स्वास्थ्य के लिए बहुत ही हानिकारक नशा है।मनुष्य को पागल भी बना देता है।

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