फर्जी ज्वाइनिंग लेटर के सहारे बीएसएफ में नौकरी पाने की कोशिश,दो गिरफ्तार
हजारीबाग।झारखण्ड के हजारीबाग जिले के मेरु बीएसएफ कैंप में फर्जी तरीके से नौकरी ज्वाइन करने आये दो अभ्यर्थियों को बीएसएफ के अधिकारियों ने पकड़ा है।दोनों अभ्यर्थी मुफ्फसिल पुलिस को सौंप दिये गये है। आरोपियों में पश्चिम बंगाल मुर्शिदाबाद जिले के पौलुस सोरेन और रवि बेसरा शामिल है।दोनों अभ्यार्थियों पर जालसाजी कर फर्जी तरीके से बीएसएफ में नौकरी ज्वाइन करने का आरोप है।
पुलिस के अनुसार पश्चिम बंगाल मुर्शिदाबाद से दो अभ्यर्थी बीएसएफ मेरु में ज्वाइनिंग के लिए 31 मई को पहुंचे थे। ज्वाइनिंग करने आए सभी युवकों के दस्तावेजों की जांच की जा रही थी। इसी दौरान इन दोनों अभ्यार्थियों के दस्तावेज जाली पाये गये, जिसके बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों को पकड़ा गया। बीएसएफ अधिकारियों ने दोनों से पूछताछ की, जिसके बाद मामले का खुलासा हुआ। मालूम हो पुलिस काफी समय से फर्जी तरीके से बीएसएफ में बहाली करने वाले रैकेट की तलाश कर रही है। इसके पूर्व भी फर्जी तरीके से बीएसएफ में भर्ती होने आये दो अभ्यार्थियों को गिरफ्तार किया गया था।
बीएसएफ के प्रशिक्षण इंस्पेक्टर अनूप सिंह ने मामले को लेकर मुफ्फसिल थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी है।पूछताछ में अभ्यार्थियों ने पुलिस को बताया कि दलाल ने एक अभ्यार्थी से 60 हजार और दूसरे अभ्यार्थी से 1.20 लाख रूपये लेकर जवाइनिंग लेटर जारी किया था। दक्षिण बंगाल के सिनॉत भर्ती एजेंसी बीएसएफ द्वारा जवाइनिंग लेटर अभ्यार्थी लेकर आये थे।संदेह के आधार पर जब मेरु बीएसएफ के अधिकारियों ने इसकी जांच पड़ताल की, तो ज्वाइनिंग लेटर फर्जी पाया गया। सिनॉत के अधिकारियों को जानकारी हुई की यहां से यह ज्वाइनिंग लेटर जारी नही हुआ है।
मुफ्फसिल थाना प्रभारी कुणाल किशोर ने कहा कि 5 महीने के अंतराल में बीएसएफ में फर्जी तरीके से बहाल होने आये 4 अभ्यार्थियों को गिरफ्तार किया गया है।दोनों मामले से खुलासा हुआ है कि बीएसएफ में फर्जी तरीके से बहाल करने के लिए कोई रैकट चल रहा है। इस रैकट में शामिल दलाल तक पुलिस पहुंचने की कार्रवाई कर रही है।
इससे पूर्व हजारीबाग बीएसएफ मेरु कैंप में भर्ती होने आये दो अभ्यार्थियों को पुलिस ने 24 जनवरी 2025 को गिरफ्तार किया था। इनमें मध्य प्रदेश के अंकुर कुमार और अनित थे। जांच पड़ताल में पाया गया था कि परीक्षा किसी अन्य अभ्यार्थी ने लिखी थी और बहाल होने दूसरे अभ्यार्थी आये थे। दोनों अभ्यर्थियों के अंगूठे का निशान लेने पर परीक्षा में शामिल अभ्यर्थी के अंगूठे से मैच नही हुआ था।इसके बाद बीएसएफ अधिकारियों ने दोनों अभ्यर्थियों को पकड़ कर पूछताछ किया, जिसके बाद पूरा मामला उजागर हुआ।

