उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन के सचिव बने झारखण्ड कैडर के पूर्व आईएएस अधिकारी अमित खरे
राँची।झारखण्ड कैडर के पूर्व आईएएस ऑफिसर अमित खरे को बड़ी जिम्मेदारी मिली है उन्हें भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन का सचिव नियुक्त किया गया है।अमित खरे ने लंबे समय तक झारखण्ड में काम किया।बेहद ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी खरे को चारा घोटाले का खुलासा करने के लिए जाना जाता है। 12 अक्टूबर 2021 से वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सलाहकार के रूप में काम कर रहे थे पीएमओ में सामाजिक क्षेत्र से संबंधित मामले देख रहे थे।
केंद्र सरकार ने रविवार को पूर्व नौकरशाह अमित खरे को उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन का सचिव नियुक्त किया है। अमित खरे ‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020’ तैयार करने और लागू करने वाली टीम का भी हिस्सा रहे।उनकी नियुक्ति कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से 3 वर्ष की अवधि के लिए होगी।
1985 बैच के आईएएस (रिटायर्ड) अफसर हैं अमित खरे
एक आधिकारिक आदेश के अनुसार, ‘मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने झारखण्ड कैडर के 1985 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी (सेवानिवृत्त) अमित खरे को भारत के उपराष्ट्रपति का सचिव नियुक्त करने की मंजूरी दी है।’ कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार, खरे की नियुक्ति संविदा आधार पर सचिव रैंक में और समानुरूप वेतनमान के तहत 3 वर्ष के लिए होगी।
अमित खरे ने अपने लंबे प्रशासनिक कार्यकाल के दौरान केंद्र और राज्य सरकारों में कई अहम पदों पर सेवाएं दी हैं। उन्होंने 31 मई, 2018 को भारत सरकार में सूचना एवं प्रसारण सचिव के रूप में कार्यभार ग्रहण किया और बाद में स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता सचिव तथा उच्च शिक्षा सचिव के रूप में भी सेवाएं दी।
दिल्ली के सेंट स्टीफंस कॉलेज से स्नातक और भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम), अहमदाबाद से प्रबंधन में स्नानकोत्तर की डिग्री लेने वाले अमित खरे बिहार के ‘चारा घोटाले’ को उजागर करने में अपनी अहम भूमिका के लिए भी जाने जाते हैं।

