कंटेनर के अंदर बना था तस्करी का गुप्त तहखाना, कटर से काटते ही उड़े पुलिस के होश; 426 किलो गांजा बरामद

 

गढ़वा। नशे के सौदागरों ने पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए तस्करी का ऐसा तरीका अपनाया था, जिसे देखकर कोई भी धोखा खा जाए। बाहर से सामान्य दिखने वाले कंटेनर के अंदर बाकायदा एक गुप्त तहखाना तैयार किया गया था। इसी तहखाने में सैकड़ों किलो गांजा छिपाकर तस्करी की जा रही थी। लेकिन गढ़वा पुलिस की नजर से तस्करों की यह चाल बच नहीं सकी। पुलिस ने कटर मशीन चलवाई तो कंटेनर के भीतर छिपा नशे का बड़ा जखीरा सामने आ गया। गुप्त बॉक्स से कुल 426 किलो गांजा के 426 पैकेट बरामद किए गए हैं।दरअसल, गढ़वा थाना क्षेत्र के कल्याणपुर ओवरब्रिज के समीप सड़क किनारे खड़े एक संदिग्ध कंटेनर में भारी मात्रा में गांजा छिपाकर रखे जाने की गुप्त सूचना पुलिस अधीक्षक को मिली थी। सूचना मिलते ही एसपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई का निर्देश दिया।

एसपी के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी दिल्लू लोहरा के नेतृत्व में थाना प्रभारी सुनील कुमार तिवारी समेत पुलिस पदाधिकारियों और जवानों की विशेष टीम गठित की गई। टीम ने बिना देर किए कल्याणपुर ओवरब्रिज के पास पहुंचकर संदिग्ध कंटेनर की घेराबंदी की और उसकी जांच शुरू की।

कंटेनर में नहीं मिला चालक, पीछे छिपा था तस्करी का पूरा राज

पुलिस जब मौके पर पहुंची तो कंटेनर सड़क किनारे खड़ा था, लेकिन उसमें कोई मौजूद नहीं था। चालक की तलाश की गई, मगर उसका कोई पता नहीं चला। इसके बाद पुलिस ने कंटेनर की बारीकी से तलाशी शुरू की। इसी दौरान ड्राइवर केबिन के ठीक पीछे एक विशेष बॉक्सनुमा ढांचा नजर आया। पहली नजर में यह सामान्य संरचना जैसी दिख रही थी, लेकिन पुलिस को इसमें कुछ गड़बड़ी का संदेह हुआ।

इसके बाद कंटेनर को गढ़वा थाना लाया गया। यहां कटर मशीन की मदद से उस गुप्त बॉक्स को काटकर खोला गया। जैसे ही बॉक्स खुला, पुलिस के सामने गांजे का बड़ा जखीरा निकल आया। अंदर प्लास्टिक की थैलियों में छिपाकर रखे गए कुल 426 पैकेट बरामद हुए। प्रत्येक पैकेट का वजन करीब एक किलो था। इस तरह कुल 426 किलोग्राम गांजा जब्त किया गया।

गुप्त तहखाने के पीछे कौन सा तस्करी नेटवर्क?

पुलिस के लिए अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर इतनी बड़ी खेप कहां से लाई गई थी और इसे किस ठिकाने तक पहुंचाया जाना था? कंटेनर का मालिक कौन है, फरार चालक कौन है और इस पूरे तस्करी नेटवर्क के पीछे किन लोगों का हाथ है, इसकी जांच की जा रही है।

एसडीपीओ दिल्लू लोहरा ने बताया कि गढ़वा पुलिस मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है। इस मामले में गांजा के स्रोत, गंतव्य, वाहन मालिक, चालक और तस्करी से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है। पूरे नेटवर्क का पता लगाने के लिए अग्रतर अनुसंधान जारी है।

फिलहाल 426 किलो गांजे की बरामदगी ने तस्करों की बड़ी खेप को बाजार तक पहुंचने से पहले ही रोक दिया है। अब पुलिस की जांच इस बात पर टिकी है कि कंटेनर के इस गुप्त तहखाने के पीछे तस्करी का पूरा सिंडिकेट कौन चला रहा था।

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