राँची में फर्जी दारोगा बन युवती को प्रेमजाल में फंसाया, फिर किया दुष्कर्म; आरोपी गया से गिरफ्तार
राँची/गयाजी। झारखण्ड पुलिस में दारोगा होने का कथित फर्जी रौब दिखाकर युवती को अपने झांसे में लेने और उसके साथ दुष्कर्म करने के आरोप में राँची पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। मामले में फरार चल रहे आरोपी को बिहार के गयाजी जिले से गिरफ्तार किया गया है। मंगलवार देर रात राँची पुलिस और गया के मुफस्सिल थाने की पुलिस ने संयुक्त छापेमारी कर मानपुर इलाके से आरोपी को दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद राँची पुलिस फर्जी दरोगा को राँची लाया है।जिससे पूछताछ कर आगे की कार्रवाई में जुटी है।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान गया जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र स्थित विष्णु विहार कॉलोनी निवासी मिथिलेश प्रसाद सिंह के पुत्र अविनाश कुमार उर्फ राज शर्मा के रूप में हुई है। आरोपी के खिलाफ राँची महिला थाने में दुष्कर्म का मामला दर्ज है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी पर आरोप है कि उसने खुद को झारखण्ड पुलिस में दारोगा बताकर युवती को अपने विश्वास में लिया। मोबाइल फोन के माध्यम से युवती से संपर्क स्थापित किया और कथित पुलिस अधिकारी होने की पहचान का इस्तेमाल कर उसे झांसे में रखा। आरोप है कि इसी दौरान उसने युवती के साथ दुष्कर्म किया।बाद में जब आरोपी की कथित असलियत सामने आई, तो युवती ने हिम्मत जुटाकर राँची महिला थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू की।
15 मई को दर्ज हुई थी प्राथमिकी
इस मामले में राँची महिला थाने में 15 मई 2026 को कांड संख्या 15/26 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। केस दर्ज होने के बाद से ही पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी थी। जांच के दौरान आरोपी के गया जिले में होने की जानकारी मिलने पर राँची पुलिस ने स्थानीय मुफस्सिल थाने से संपर्क किया।इसके बाद मंगलवार देर रात दोनों थानों की पुलिस ने संयुक्त रूप से छापेमारी की और मानपुर इलाके से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
राँची पुलिस आरोपी को अपने साथ ले गई
मुफस्सिल थानाध्यक्ष देवराज इंद्र ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि राँची महिला थाने में दर्ज मामले में आरोपी की तलाश की जा रही थी। राँची पुलिस की सूचना पर स्थानीय पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई में सहयोग किया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को राँची पुलिस अपने साथ ले गई।
क्या है मामला
मामले में पीड़िता ने महिला थाना में आवेदन देकर आरोप लगाया है कि आरोपी ने शादी का झांसा देकर उसका यौन शोषण किया। पीड़िता के अनुसार, आरोपी ने शादी का भरोसा देकर कई बार शारीरिक संबंध बनाए और बाद में शादी की बात करने पर गाली-गलौज, मारपीट तथा निजी तस्वीरें वायरल करने की धमकी देने लगा।
पीड़िता ने अपने आवेदन में बताया है कि वर्ष 2021 में फेसबुक के माध्यम से उसकी पहचान अविनाश कुमार उर्फ राम शर्मा से हुई थी। बातचीत बढ़ने के बाद आरोपी ने बताया कि वह पहले से शादीशुदा है और पत्नी से तलाक का मामला न्यायालय में चल रहा है। जनवरी 2022 में आरोपी ने पीड़िता के पिता से शादी करने की बात भी कही थी। हालांकि, तलाक से संबंधित कागजात दिखाने का भरोसा देने के बावजूद उसने दस्तावेज नहीं दिखाए।
पीड़िता के मुताबिक, जब उसने रिश्ता खत्म करने की कोशिश की और आरोपी का मोबाइल नंबर ब्लॉक कर दिया, तो वह दूसरे मोबाइल नंबरों और अपने दोस्त के नंबर से संपर्क करने लगा। आरोप है कि आरोपी ने भावनात्मक दबाव बनाकर उसे फिर से विश्वास में लिया और शादी का झांसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए।
पीड़िता ने आरोप लगाया है कि आरोपी ने अलग-अलग जगहों पर ले जाकर शादी का आश्वासन दिया और उसका यौन शोषण किया। बाद में जब भी उसने शादी करने की बात कही, तो आरोपी कथित तौर पर गाली-गलौज करने लगा। पीड़िता ने मारपीट करने और निजी तस्वीरें वायरल कर परिवार की प्रतिष्ठा खराब करने की धमकी देने का भी आरोप लगाया है।
मामले में पीड़िता ने यह भी दावा किया है कि आरोपी ने अपनी पत्नी और पारिवारिक स्थिति को लेकर उससे कई बातें छिपाईं। आरोपी की पत्नी के संबंध में जानकारी मिलने के बाद उसने उसके परिवार से संपर्क किया, जहां उसे आरोपी की शादी और बच्चे के बारे में जानकारी मिलने की बात कही गई है।पीड़िता की शिकायत पर महिला थाना पुलिस ने मामले को लेकर कानूनी कार्रवाई की गई है।

