राँची में ड्रग्स नेटवर्क की जड़ें खंगाल रही NCB, कई बड़े नाम जांच के घेरे में…
–छह आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद तेज हुई जांच, बार-होटल और लॉज तक पहुंच रही एजेंसी की पड़ताल; CCTV फुटेज, बिलिंग रिकॉर्ड और कारोबारी दस्तावेजों की हो रही जांच..
-एक दर्जन से अधिक कारोबारी रडार पर; रजत जैन के नेटवर्क में कई चौंकाने वाले खुलासे…
राँची। राजधानी राँची में मादक पदार्थों के कारोबार से जुड़े कथित नेटवर्क की परतें अब धीरे-धीरे खुलने लगी हैं। रेलवे स्टेशन के पास कोकीन और एमडीएमए की बरामदगी के बाद नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। एजेंसी की पड़ताल अब केवल गिरफ्तार आरोपियों तक सीमित नहीं है, बल्कि राँची और जमशेदपुर में ड्रग्स की खरीद-बिक्री, संभावित वितरण नेटवर्क और उससे जुड़े संपर्कों की कड़ियां भी खंगाली जा रही हैं। इसी क्रम में एक दर्जन से अधिक कारोबारी प्रतिष्ठान और संचालक जांच के दायरे में आए हैं।
इस पूरे मामले में रजत जैन को लेकर जांच एजेंसी की पड़ताल महत्वपूर्ण मानी जा रही है। 14 अक्टूबर को हुई कार्रवाई में छह आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ के आधार पर NCB अलग-अलग संपर्कों और संभावित वितरण माध्यमों की जानकारी जुटा रही है। सूत्रों के मुताबिक, जांच के दौरान कुछ ऐसे इनपुट सामने आए हैं, जिनके आधार पर एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि मादक पदार्थों की आपूर्ति किन लोगों तक होती थी और इसके लिए किन माध्यमों का इस्तेमाल किया जाता था।हालांकि, जांच के इस चरण में किसी कारोबारी, बार, होटल या लॉज की संलिप्तता को प्रमाणित तथ्य नहीं माना जा सकता। संबंधित प्रतिष्ठानों से जानकारी मांगे जाने और दस्तावेजों की जांच किए जाने का अर्थ अपने आप में किसी अपराध में उनकी भूमिका साबित होना नहीं है।
एक दर्जन से अधिक कारोबारी प्रतिष्ठान NCB के रडार पर
ड्रग्स नेटवर्क की जांच में NCB ने राँची और आसपास के इलाकों में एक दर्जन से अधिक कारोबारी प्रतिष्ठानों से संबंधित जानकारी जुटाने की प्रक्रिया शुरू की है। संबंधित संचालकों को नोटिस जारी कर CCTV फुटेज, बिलिंग रिकॉर्ड और अन्य कारोबारी दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा गया है।एजेंसी इन रिकॉर्ड के जरिए यह समझने की कोशिश कर रही है कि गिरफ्तार आरोपियों के संपर्क किन लोगों से थे, उनकी गतिविधियां किन स्थानों तक फैली थीं और क्या किसी प्रतिष्ठान का इस्तेमाल मादक पदार्थों की कथित आपूर्ति या वितरण के लिए किया गया था। दस्तावेजों के मिलान से आरोपियों के बयानों और उपलब्ध साक्ष्यों की पुष्टि करने की कोशिश भी की जा रही है।
जांच का यह पहलू इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि मादक पदार्थों के नेटवर्क में केवल सप्लायर या ग्राहक की पहचान करना पर्याप्त नहीं होता। एजेंसी को यह भी पता लगाना होता है कि कथित कारोबार की पूरी श्रृंखला कैसे काम करती थी, पैसा किस तरह लेन-देन होता था और आपूर्ति की कड़ियां किन लोगों से जुड़ी थीं।
‘ऑन द रॉक’ संचालक को 28 अक्टूबर को बुलाया गया
NCB की जांच के तहत कांके रोड स्थित ‘ऑन द रॉक’ के संचालक सिद्धांत सुमन उर्फ निशु को नोटिस जारी किया गया है। उन्हें आज 28 अक्टूबर को एजेंसी के समक्ष उपस्थित होकर मांगे गए दस्तावेज और कारोबारी ब्योरा उपलब्ध कराने के लिए बुलाया गया है।इससे पहले मोरहाबादी स्थित ‘रुइन हाउस’ के संचालक अनिरुद्ध बुधिया 26 अक्टूबर को NCB कार्यालय पहुंचे थे। उन्होंने एजेंसी को मांगी गई जानकारी उपलब्ध कराई थी।
इन दोनों मामलों में फिलहाल नोटिस और दस्तावेजों की मांग को जांच प्रक्रिया के हिस्से के रूप में देखा जाना चाहिए। किसी संचालक को पूछताछ या दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए बुलाया जाना अपने आप में उसकी संलिप्तता का प्रमाण नहीं है। आगे की स्थिति दस्तावेजों के परीक्षण और जांच से सामने आने वाले तथ्यों पर निर्भर करेगी।
रेलवे स्टेशन के पास कार से मिली थी कोकीन और एमडीएमए
इस पूरे मामले की अहम कड़ी 14 अक्टूबर को हुई कार्रवाई है। राँची रेलवे स्टेशन के पास एक कार से 18 ग्राम कोकीन और करीब 16.5 ग्राम एमडीएमए बरामद किए जाने के बाद NCB ने छह लोगों को गिरफ्तार किया था।गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रजत जैन, उदित कुमार, आकाश मल्होत्रा, स्नेहा पासवान, मिलन सिंह और ऋषभ जैन के रूप में हुई थी। गिरफ्तारी के बाद आरोपियों से पूछताछ की गई और उनके संपर्कों तथा कथित नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटाई गई।
जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, आरोपियों के संपर्क राँची से बाहर भी होने के संकेत मिले हैं। जमशेदपुर और गोवा तक संभावित कड़ियों की जानकारी सामने आने के बाद एजेंसी ने जांच का दायरा बढ़ाया है। अब यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कथित नेटवर्क स्थानीय स्तर पर किस तरह काम करता था और दूसरे शहरों से उसके संपर्क किस प्रकृति के थे।
युवतियों के इस्तेमाल का भी सामने आया दावा, एजेंसी कर रही कड़ियों की पड़ताल
इस मामले में एक और गंभीर पहलू चर्चा में है। सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि कथित गिरोह मादक पदार्थों की आपूर्ति के लिए कुछ युवतियों का इस्तेमाल करता था। आरोप है कि पुलिस की नजर से बचने के लिए नशीले पदार्थों को छिपाकर एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने की कोशिश की जाती थी।
स्टेशन रोड से पकड़ी गई एक युवती के पास से मादक पदार्थ मिलने और उसे अंडरगारमेंट्स में छिपाकर रखने की बात भी सामने आई है। हालांकि, इस कथित तरीके का इस्तेमाल किसी संगठित नेटवर्क द्वारा नियमित रूप से किया जाता था या नहीं, इसकी स्वतंत्र पुष्टि और आधिकारिक जांच के निष्कर्ष सामने आना अभी बाकी है।
यदि जांच में इस तरह की गतिविधियों की पुष्टि होती है, तो यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि कथित तौर पर पदार्थ पहुंचाने वाले लोगों को किसने निर्देश दिए, उन्हें कहां से सामान मिलता था और अंतिम आपूर्ति किसे की जानी थी। इस संबंध में उपलब्ध साक्ष्य ही वास्तविक भूमिका स्पष्ट कर सकते हैं।
पहले नशे की लत, फिर नए ग्राहकों तक पहुंच बनाने का आरोप
सूत्रों के मुताबिक, कथित नेटवर्क की कार्यप्रणाली को लेकर यह दावा भी किया जा रहा है कि संपन्न परिवारों के युवाओं को पहले नशे की आदत लगाने और फिर उनके संपर्कों के जरिए दूसरे युवाओं तक पहुंच बनाने की कोशिश की जाती थी।इस दावे के अनुसार, कॉलेज और अन्य सामाजिक संपर्कों वाले युवाओं के माध्यम से संभावित ग्राहकों तक पहुंच बनाई जा सकती थी।
जांच के लिहाज से सबसे महत्वपूर्ण सवाल यही है कि क्या गिरफ्तार आरोपियों के पास से मिले पदार्थ किसी बड़े वितरण नेटवर्क का हिस्सा थे, क्या उनके संपर्कों के जरिए नियमित आपूर्ति की जाती थी और क्या इस कथित कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा सकती है।
बार, होटल और लॉज तक आपूर्ति की आशंका की जांच
सूत्रों के हवाले से यह भी दावा किया जा रहा है कि राजधानी के विभिन्न इलाकों में बार, होटल और लॉज तक मादक पदार्थ पहुंचाए जाने की आशंका है। NCB अब कथित नेटवर्क के संपर्कों और उपलब्ध कारोबारी रिकॉर्ड का मिलान कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि गिरफ्तार आरोपियों की गतिविधियां किन स्थानों तक फैली थीं।
इस मामले में CCTV फुटेज, बिलिंग रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेज अहम साबित हो सकते हैं। इनसे संबंधित तारीखों पर लोगों की आवाजाही, संभावित संपर्कों और कारोबारी गतिविधियों के बारे में जानकारी मिल सकती है। हालांकि, किसी प्रतिष्ठान का नाम जांच में आने या उससे रिकॉर्ड मांगे जाने को ड्रग्स कारोबार में उसकी संलिप्तता का प्रमाण नहीं माना जा सकता।
आने वाले दिनों में बढ़ सकती है जांच का दायरा
छह आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद NCB के सामने अब कथित नेटवर्क की पूरी संरचना का पता लगाने की चुनौती है। एजेंसी यह जानने की कोशिश कर रही है कि मादक पदार्थ कहां से लाए जाते थे, उन्हें किन माध्यमों से पहुंचाया जाता था, संभावित खरीदार कौन थे और इस गतिविधि में अन्य लोगों की कोई भूमिका थी या नहीं।
एक दर्जन से अधिक कारोबारी प्रतिष्ठानों से संबंधित जानकारी जुटाने की प्रक्रिया और अलग-अलग शहरों तक पहुंच रही जांच के कारण आने वाले दिनों में इस मामले में और तथ्य सामने आने की संभावना है। हालांकि, आगे किसी गिरफ्तारी, कार्रवाई या प्रतिष्ठान की भूमिका को लेकर अभी निश्चित निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।
फिलहाल NCB की जांच का सबसे अहम सवाल यही है कि राँची रेलवे स्टेशन के पास हुई बरामदगी के पीछे केवल कुछ आरोपियों की भूमिका थी या इसके पीछे एक व्यापक वितरण नेटवर्क काम कर रहा था। दस्तावेजों, पूछताछ और अन्य साक्ष्यों की जांच के बाद ही इस कथित सिंडिकेट की वास्तविक तस्वीर साफ हो सकेगी।

