राँची में राजस्व कर्मचारी लक्ष्मीकांत मुंडा की हत्या का रहस्य बरकरार, पत्नी के बयान पर मामला दर्ज; तीन दिन बाद भी हत्यारे पुलिस की पकड़ से दूर….
राँची।राजधानी राँची के नामकुम थाना क्षेत्र स्थित तेतरी टोली (जोरार) में राजस्व कर्मचारी लक्ष्मीकांत मुंडा की हत्या का मामला अब तक अनसुलझा है। घर के अंदर खून से लथपथ मिला शव, सिर पर धारदार और भारी हथियार से किए गए घातक वार तथा घटनास्थल से CCTV का DVR और दो मोबाइल फोन का गायब होना कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर लक्ष्मीकांत मुंडा की हत्या किसने और क्यों की?
घटना के तीन दिन बाद भी हत्यारे पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। हालांकि पुलिस मामले की जांच में जुटी है, लेकिन अब तक अपराधियों की गिरफ्तारी या हत्या की गुत्थी सुलझाने में सफलता मिलने की कोई जानकारी सामने नहीं आई है। मृतक की पत्नी रेणुका कुमारी के बयान पर नामकुम थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है। अब पुलिस के सामने हत्यारों तक पहुंचने के साथ-साथ हत्या के पीछे की वजह का पता लगाने की चुनौती है।
मृतक की पत्नी रेणुका कुमारी ने 25 अक्टूबर 2026 को नामकुम पुलिस के समक्ष अपना बयान दर्ज कराया। प्राथमिकी के अनुसार, लक्ष्मीकांत मुंडा की उम्र करीब 38 वर्ष थी और वह राँची के अरगोड़ा अंचल अंतर्गत डोरंडा,बड़ा घाघरा, कुसई सहित अन्य क्षेत्रों में राजस्व कर्मचारी के रूप में कार्यरत थे। वह मूल रूप से बुंडू थाना क्षेत्र के दलकीडीह गांव के रहने वाले थे और वर्तमान में नामकुम के तेतरी टोली (जोरार) स्थित आवास में रहते थे।पत्नी रेणुका कुमारी सरायकेला उपडाकघर में पोस्टल असिस्टेंट के पद पर कार्यरत हैं। नौकरी के सिलसिले में वह अपने मायके सरायकेला की सघवा कॉलोनी में रह रही थीं और छुट्टियों में अपनी बेटी के साथ पति के पास तेतरी टोली आती-जाती थीं।
पत्नी के बयान के मुताबिक, 23 अक्टूबर 2026 की रात करीब 10 बजे उनकी अपने पति से फोन पर आखिरी बातचीत हुई थी। अगले दिन उन्होंने कई बार पति से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं हो सकी। इसी बीच शाम करीब पांच बजे उन्हें लक्ष्मीकांत मुंडा की मौत की सूचना मिली। सूचना मिलते ही वह परिजनों के साथ तेतरी टोली स्थित आवास पहुंचीं।वहां घर का मुख्य दरवाजा खुला हुआ था और उनके पति का शव जमीन पर औंधे मुंह पड़ा था। शव खून से लथपथ था। सिर के दाहिने हिस्से में, कान के ऊपर, किसी धारदार और भारी हथियार से वार किए जाने के गंभीर निशान थे। पत्नी ने अपने बयान में आशंका जताई कि सिर पर गंभीर चोट लगने और अत्यधिक खून बहने के कारण उनकी मौत हुई।
हत्या के बाद DVR और दोनों मोबाइल फोन कहां गए?
इस हत्याकांड में सबसे अहम पहलुओं में से एक घर से CCTV कैमरे का DVR और मृतक के दो मोबाइल फोन का गायब होना है। पत्नी रेणुका कुमारी ने पुलिस को बताया कि घटनास्थल पर पहुंचने के बाद घर की जांच करने पर पता चला कि CCTV का DVR और उनके पति के दोनों मोबाइल फोन वहां नहीं थे।
प्राथमिकी में गायब मोबाइल नंबर का उल्लेख किया गया है।
DVR और दोनों मोबाइल फोन का गायब होना जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण है। क्या अपराधियों ने वारदात से जुड़े संभावित साक्ष्य मिटाने या पुलिस की जांच को प्रभावित करने के लिए इन्हें अपने साथ ले लिया। क्या मोबाइल फोन में ऐसी कोई जानकारी थी, जिससे हत्या के पीछे का कारण सामने आ सकता है? फिलहाल इन सवालों के जवाब जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगे।यदि पुलिस गायब DVR और मोबाइल फोन का पता लगाने में सफल होती है, तो मामले की जांच को महत्वपूर्ण दिशा मिल सकती है। हालांकि, इन वस्तुओं के गायब होने के पीछे का वास्तविक कारण अभी स्पष्ट नहीं है।
पत्नी ने अज्ञात अपराधियों पर जताया हत्या का संदेह
रेणुका कुमारी ने अपने बयान में आशंका जताई कि किसी अज्ञात अपराधी ने धारदार हथियार से उनके पति पर हमला कर गंभीर रूप से घायल किया और उनकी हत्या कर दी। उन्होंने पुलिस के समक्ष घटना का विवरण देते हुए कार्रवाई की मांग की है। FIR के अनुसार, घटना के बाद गहरे मानसिक आघात के कारण वह तत्काल बयान देने की स्थिति में नहीं थीं। इसी वजह से उन्होंने 25 अक्टूबर को पुलिस के समक्ष अपना बयान दर्ज कराया। बयान पर उनके ससुर और मृतक के पिता बंगाली मुंडा की भी सहमति का उल्लेख किया गया है।नामकुम थाना में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर पुलिस अब हत्या की परिस्थितियों, घटनास्थल से गायब सामान और संभावित सुरागों की जांच कर रही है।
तीन दिन बाद भी हत्यारे फरार, पुलिस की जांच पर टिकी निगाहें
राजस्व कर्मचारी की हत्या को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर इस वारदात को किसने अंजाम दिया,क्या हमलावर मृतक के परिचित थे, जिन्हें उनके आने-जाने और रहने की जानकारी थी? क्या हत्या के पीछे कोई पुराना विवाद या अन्य वजह थी? या फिर अपराधियों ने किसी दूसरी मंशा से इस वारदात को अंजाम दिया?
फिलहाल इन सभी सवालों पर तस्वीर साफ नहीं है। किसी संभावित आरोपी की पहचान या हत्या के पीछे की वजह की पुष्टि भी सामने नहीं आई है। पुलिस की कार्रवाई जारी है, लेकिन घटना के तीन दिन बाद भी अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं हो पाना मामले को लेकर सवाल खड़े कर रहा है।जांच में CCTV DVR की बरामदगी, मोबाइल फोन की तलाश, मृतक के संपर्कों की पड़ताल और घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ना अहम साबित हो सकता है।
आखिर किसने की लक्ष्मीकांत मुंडा की हत्या?
तेतरी टोली के आवास में राजस्व कर्मचारी की हत्या ने कई अनुत्तरित सवाल छोड़ दिए हैं। सिर पर धारदार हथियार से किया गया घातक वार, खुला दरवाजा और CCTV DVR के साथ दो मोबाइल फोन का गायब होना इस मामले को गंभीर बनाता है।
तीन दिन बीतने के बाद भी हत्यारों का सुराग नहीं मिलना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती है। जांच जारी है, लेकिन लक्ष्मीकांत मुंडा की हत्या के पीछे कौन था, वारदात की वजह क्या थी और गायब DVR व मोबाइल फोन कहां हैं,इन सवालों का जवाब मिलना अभी बाकी है। अब सबकी निगाहें राँची पुलिस की जांच पर टिकी हैं कि इस हत्याकांड का पर्दाफाश कब होता है और मृतक के परिवार को न्याय कब मिलता है।

