राँची में चेन छिनतई का ‘कोढ़ा कनेक्शन’…रंगीला का हाफ एनकाउंटर खोल रहा गिरोह का राज, 40 से ज्यादा केस और कई जिलों में फैला नेटवर्क

 

राँची। राजधानी में लगातार हो रही चेन छिनतई की वारदातों ने पुलिस की चुनौती बढ़ा दी थी। सड़क पर चलते लोगों से पलक झपकते ही सोने की चेन झपटना, बाइक की रफ्तार से मौके से फरार हो जाना और फिर दूसरे इलाके में पहुंचकर अगली वारदात की तैयारी इसी अंदाज में सक्रिय कुख्यात कोढ़ा गिरोह पर राँची पुलिस ने अब बड़ा प्रहार किया है।राँची पुलिस ने कोढ़ा गिरोह से जुड़े आकाश यादव उर्फ रंगीला, अमन कुमार यादव और कार्तिक यादव उर्फ दिनेश को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान रंगीला के पैर में गोली लगी। पुलिस के अनुसार, हथियार बरामदगी के दौरान रंगीला ने बरियातू थाना के हवलदार रविंद्र कुमार से सर्विस पिस्टल छीन ली और पुलिस टीम पर फायरिंग करते हुए भागने की कोशिश की। इसके बाद आत्मरक्षा में पुलिस की जवाबी फायरिंग में उसके पैर में गोली लगी।

एक्शन के पीछे छिपी है चेन छिनतई की पूरी कहानी
दरअसल, पिछले कई दिनों से राँची शहर में चेन छिनतई की लगातार घटनाएं सामने आने के बाद एसएसपी राकेश रंजन ने सभी थाना प्रभारियों के साथ समीक्षा बैठक की थी। चेन छिनतई में शामिल अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम बनाकर निगरानी शुरू की गई।

इसी बीच 3 अक्टूबर को बरियातू थाना और मेसरा ओपी क्षेत्र में हुई चेन छिनतई की घटनाओं के बाद पुलिस ने गिरोह की गतिविधियों पर और शिकंजा कस दिया। जांच और निगरानी के दौरान पुलिस को कटिहार के कोढ़ा गिरोह के इन सदस्यों तक पहुंचने में सफलता मिली।

रंगीला ने खोला राज, फिर उसी राज में फंस गया
पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने राँची जिले में करीब एक दर्जन वारदातों में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में हथियार छिपाए जाने की जानकारी भी मिली।
इसके बाद पुलिस तीनों को लेकर रिंग रोड के पास चुट्टू गांव की ओर पहुंची। यहीं घटनाक्रम ने अचानक खतरनाक मोड़ ले लिया।
पुलिस के मुताबिक, आकाश यादव उर्फ रंगीला ने हवलदार रविंद्र कुमार पर हमला कर उनकी सर्विस पिस्टल छीन ली। पिस्टल हाथ में आते ही उसने पुलिस टीम पर फायरिंग की और भागने की कोशिश की। जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी। उसके दो अन्य साथी भागने लगे, जिन्हें पुलिस ने खदेड़कर पकड़ लिया। घायल रंगीला को इलाज के लिए रिम्स भेजा गया।

रंगीला अकेला नहीं, पीछे है लंबा आपराधिक नेटवर्क
राँची पुलिस की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, तीनों अपराधी कुख्यात कोढ़ा गैंग से जुड़े हैं। प्रारंभिक जांच में इनके खिलाफ बिहार और झारखण्ड के विभिन्न जिलों में आर्म्स एक्ट, लूट, छिनतई समेत 40 से अधिक मामले सामने आए हैं।

पुलिस के मुताबिक राँची के अलावा हजारीबाग, रामगढ़ और धनबाद में भी चेन छिनतई की घटनाओं में इनकी संलिप्तता सामने आई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह के पीछे और कौन-कौन लोग हैं और लूटी गई सोने की चेन आखिर कहां खपाई जाती थीं।

पहले भी पुलिस रिकॉर्ड में आ चुका है रंगीला का नाम
आकाश यादव उर्फ रंगीला का नाम पहले भी आपराधिक मामलों में सामने आ चुका है। उपलब्ध पुराने रिकॉर्ड में 2024 में हजारीबाग में हुई चेन छिनतई की जांच के दौरान आकाश कुमार उर्फ रंगीला और उसके एक साथी की पहचान कर गिरफ्तारी का उल्लेख मिलता है। उस मामले में पुलिस ने लूटी गई सोने की चेन, अंगूठी और घटना में इस्तेमाल मोबाइल बरामद किए थे। यानी राँची में हुई हालिया कार्रवाई को महज तीन चेन स्नैचरों की गिरफ्तारी के तौर पर नहीं देखा जा रहा है। पुलिस की जांच अब इस बात पर केंद्रित है कि कोढ़ा से निकलकर झारखंड के अलग-अलग शहरों में वारदात करने वाला यह नेटवर्क कैसे काम करता है।

कटिहार से निकलता है गिरोह का कनेक्शन
कोढ़ा गिरोह का नाम बिहार के कटिहार जिले के कोढ़ा इलाके से जुड़ा है। हाल के महीनों में झारखण्ड के अलग-अलग जिलों की पुलिस कार्रवाई में इस गिरोह से जुड़े अपराधियों का नाम सामने आया है। हजारीबाग पुलिस की एक हालिया कार्रवाई में भी पुलिस ने कोढ़ा गिरोह के नेटवर्क का खुलासा करते हुए बताया था कि गिरोह के सदस्य नंबर प्लेट बदलकर, बैंक-पोस्ट ऑफिस के आसपास रेकी कर लोगों को निशाना बनाते थे।

बरामदगी से खुल सकते हैं कई और राज
राँची पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर मोटरसाइकिल, हथियार-कारतूस और छीनी गई सोने की चेन बरामद की है। उपलब्ध पुलिस जानकारी के मुताबिक चार पूरी और एक आधी सोने की चेन भी बरामद हुई है। अब पुलिस बरामद चेन को राँची में दर्ज पुरानी छिनतई की घटनाओं से मिलाने में जुटी है।

पुलिस का फोकस अब सिर्फ रंगीला और उसके दो साथियों तक सीमित नहीं है। गिरोह के बाकी सदस्यों, लूटे गए जेवरों के ठिकाने और बिहार-झारखंड के बीच चल रहे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने की कोशिश शुरू हो गई है।यानी चेन छिनतई के जिन मामलों ने राँची पुलिस को लगातार परेशान किया, उनमें अब एक-एक कर कोढ़ा गैंग की परतें खुलने लगी हैं।

 

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