राँची में कोढ़ा गैंग पर बड़ा प्रहार,रंगीला मुठभेड़ में घायल,दो राज्यों में दर्ज हैं दर्जनों मामले
राँची। राजधानी राँची में लगातार हो रही चेन छिनतई की घटनाओं की जांच ने पुलिस को बिहार के कटिहार से जुड़े कुख्यात कोढ़ा गिरोह तक पहुंचा दिया है। रविवार को पुलिस के साथ मुठभेड़ में गिरोह का कुख्यात सदस्य आकाश उर्फ रंगीला घायल हुआ, जबकि उसके अन्य साथियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। हथियार बरामदगी के दौरान रंगीला द्वारा पुलिसकर्मी का पिस्टल छीनकर भागने की कोशिश किए जाने के बाद पुलिस की जवाबी कार्रवाई में उसके घायल होने की बात सामने आई है।मुठभेड़ के बाद राँची पुलिस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे कोढ़ा गिरोह के नेटवर्क की कई परतें खुलती जा रही हैं। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों ने राजधानी में करीब एक दर्जन चेन छिनतई की वारदातों में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। वहीं हाल के दिनों में हुई करीब एक दर्जन चेन छिनतई की घटनाओं के बारे में भी पुलिस को महत्वपूर्ण जानकारी मिली है। आरोपियों की निशानदेही पर कुछ चेन बरामद किए जाने की बात भी पुलिस ने कही है।
रंगीला का आपराधिक रिकॉर्ड देखकर पुलिस भी हैरान
गिरफ्तार आरोपियों में आकाश उर्फ रंगीला को पुलिस कुख्यात अपराधी बता रही है। एसएसपी राकेश रंजन के अनुसार, रंगीला के खिलाफ बिहार और झारखण्ड में करीब दो दर्जन कांड दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।बिहार के शेखपुरा, समस्तीपुर, सहरसा समेत कई जिलों में उसके खिलाफ छिनतई, लूट और आर्म्स एक्ट से जुड़े मामले दर्ज बताए जा रहे हैं। पुलिस अब अलग-अलग जिलों से उसके आपराधिक रिकॉर्ड जुटा रही है। इससे यह संकेत मिल रहा है कि रंगीला और उसके साथी सिर्फ राँची या किसी एक शहर तक सीमित अपराधी नहीं हैं, बल्कि अलग-अलग जिलों में घूमकर वारदात करने वाले नेटवर्क का हिस्सा रहे हैं।
कटिहार से निकलकर कई शहरों तक फैला नेटवर्क
कोढ़ा गिरोह का नाम लंबे समय से देश के कई हिस्सों में चेन छिनतई और दूसरे संगठित अपराधों से जोड़ा जाता रहा है। पुलिस की जांच में भी यह बात सामने आ रही है कि गिरोह के सदस्य एक जगह वारदात करने के बाद दूसरे शहर का रुख कर लेते हैं।यही वजह है कि पुलिस अब सिर्फ राँची में हुई घटनाओं की जांच नहीं कर रही है, बल्कि यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह के सदस्य बिहार से राँची कैसे पहुंचते थे, यहां कहां ठहरते थे और वारदात के बाद लूटी गई चेन किस नेटवर्क के जरिए खपाई जाती थी।
महिलाएं बनीं आसान निशाना, बाइक से झपट्टा और फरार
पुलिस के अनुसार, गिरोह के सदस्य खास तौर पर चेन पहनकर चलने वाली महिलाओं को निशाना बनाते हैं। मौका मिलने पर पुरुष राहगीरों से भी छिनतई की जाती है। भीड़भाड़ वाले इलाकों में रेकी के बाद बाइक से अचानक झपट्टा मारना और तेज रफ्तार में फरार हो जाना गिरोह की प्रमुख कार्यशैली बताई जा रही है।
राँची में लगातार हुई चेन छिनतई की घटनाओं में भी पुलिस को इसी तरह का पैटर्न मिला। इसके बाद पुलिस ने संदिग्धों की गतिविधियों और पुराने मामलों को जोड़ना शुरू किया तो जांच की कड़ी कोढ़ा गिरोह तक जा पहुंची।
राँची पुलिस द्वारा जारी प्रेस रिलीज
सिर्फ चेन नहीं… हथियार भी रखते थे अपराधी
जांच में सामने आया है कि यह नेटवर्क सिर्फ चेन छिनतई तक सीमित नहीं था। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों ने हथियार छिपाकर रखने की जानकारी भी दी थी। इन्हीं हथियारों की बरामदगी के लिए पुलिस आरोपियों को लेकर पहुंची थी।
इसी दौरान आकाश उर्फ रंगीला ने कथित तौर पर पुलिसकर्मी का पिस्टल छीन लिया और भागने की कोशिश की। पुलिस के मुताबिक, उसे रोकने के लिए जवाबी कार्रवाई की गई, जिसमें रंगीला घायल हो गया।पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हथियार बरामद करने का भी दावा किया है। इससे जांच एजेंसियों को यह आशंका है कि गिरोह के सदस्य सिर्फ झपटमारी के लिए ही नहीं, बल्कि जरूरत पड़ने पर हथियार के इस्तेमाल की तैयारी के साथ भी चलते थे।
बंद घर भी थे निशाने पर!
कोढ़ा गिरोह की गतिविधियां सिर्फ सड़क पर होने वाली चेन छिनतई तक सीमित होने की बात नहीं कही जा रही है। पुलिस अब इस एंगल से भी जांच कर रही है कि गिरोह के सदस्य बंद मकानों की रेकी कर चोरी की घटनाओं को भी अंजाम देते थे या नहीं।
अगर राँची और आसपास के इलाकों में हुई पुरानी चोरी की घटनाओं की कड़ियां भी इसी नेटवर्क से जुड़ती हैं, तो गिरोह का अपराध का दायरा चेन छिनतई से कहीं ज्यादा बड़ा हो सकता है।राँची पुलिस की जांच अब गिरफ्तार आरोपियों तक सीमित नहीं है। पुलिस नेटवर्क के पीछे मौजूद लोगों की तलाश कर रही है।
एसएसपी,ग्रामीण एसपी और सिटी एसपी ने मौके पर पहुंचकर लिया जायजा
मुठभेड़ और बरामदगी की कार्रवाई के बाद एसएसपी राकेश रंजन,ग्रामीण एसपी और सिटी एसपी मौके पर पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। अधिकारियों ने मौके का जायजा लेने के साथ पुलिस टीम से कार्रवाई और बरामदगी के संबंध में जानकारी ली।पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। साथ ही अलग-अलग जिलों की पुलिस से आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और मामलों की जानकारी जुटाई जा रही है।
राँची में कोढ़ा गैंग की दस्तक ने बढ़ाई पुलिस की चिंता
सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर कोढ़ा गिरोह के सदस्य राँची में कब से सक्रिय थे और अब तक कितनी वारदातों को अंजाम दे चुके हैं। हाल के दिनों में लगातार हुई चेन छिनतई की घटनाओं ने पहले ही राजधानी पुलिस की चिंता बढ़ा रखी थी।अब रंगीला और उसके साथियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को एक संगठित नेटवर्क का सुराग मिला है। अगर पूछताछ में सामने आए सुराग सही साबित होते हैं, तो राँची में हुई कई पुरानी छिनतई और चोरी की घटनाओं का राज भी खुल सकता है।फिलहाल रंगीला के घायल होने और उसके साथियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस की नजर गिरोह की बाकी कड़ियों पर है। राजधानी में कोढ़ा गिरोह का नेटवर्क कितना गहरा है और इसके पीछे कौन-कौन लोग काम कर रहे हैं, इसका खुलासा पुलिस की आगे की जांच में होने की उम्मीद है।
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