NGT की रोक हटने से पहले सरकार की तैयारी, 23 बालू घाटों की ई-नीलामी शुरू
-15 अक्टूबर को खत्म हो रहा है मानसून सत्र का एनजीटी प्रतिबंध, वैध खनन सुनिश्चित करने में जुटा खान एवं भूतत्व विभाग
-पलामू के 18 घाटों के लिए 5 अक्टूबर और पश्चिमी सिंहभूम के 5 घाटों के लिए 12 अक्टूबर को खुलेगी तकनीकी बिड, 5 वर्षों के लिए होगा आवंटन
राँची। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) द्वारा मानसून अवधि के दौरान बालू खनन पर लगाई गई चार महीने की रोक इसी महीने 15 अक्टूबर को समाप्त हो रही है।रोक हटते ही राज्य में लोगों को सुलभ व वैध तरीके से बालू उपलब्ध कराने और अवैध उत्खनन पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए खान एवं भूतत्व विभाग ने पूरी तैयारी कर ली है।विभाग ने बालू घाटों के सुचारू संचालन के लिए ई-ऑक्शन और बंदोबस्ती की प्रक्रिया तेज कर दी है।इसके तहत पलामू और पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले के कुल 23 बालू घाटों की ई-नीलामी के लिए टेंडर जारी किए गए हैं
पलामू के 18 बालू घाटों की प्रक्रिया अंतिम चरण में, 5 अक्टूबर को खुलेगा टेंडर
खान एवं भूतत्व विभाग के पलामू अंचल (मेदिनीनगर) स्थित जिला खनन कार्यालय की ओर से जिले के 18 बालू घाटों के बंदोबस्त की प्रक्रिया जारी है। इन घाटों के लिए 9 सितंबर से शुरू हुई टेंडर प्रक्रिया के तहत बिड जमा करने की अंतिम तिथि 3 अक्टूबर (दोपहर 2:00 बजे) तक तय है, जबकि 5 अक्टूबर को तकनीकी बिड खोली जाएगी।पलामू के जिन प्रमुख बालू घाटों की बंदोबस्ती की जा रही है, उनमें डलहा-बरकोमा-विशुनपुर, परता, मेराल, सिंगराहा कलां-सिंगरा खुर्द, बिरितिया-दांदर कुम्हराडीह, मल्हातोल-जिंजीरा-तोलरा, गुरतुरी कुम्हराडीह, मिसिर पात्रा, गंगी-लिड़की-काकटुआ, दंगवार, कोल्हुआ सोनबरसा, बरवैया, बरवाडीह-उकसू, जैतूखांड, रामपुर-बोकेया खुर्द-बोकेया कलां, काबरा कलां, गोढ़ो और लालगड़ा बालू घाट शामिल हैं।
पश्चिमी सिंहभूम के 5 घाटों के लिए 5 साल का बंदोबस्त, 12 अक्टूबर को खुलेगी बिड
वहीं कोल्हान अंचल के चाईबासा जिला खनन कार्यालय द्वारा पश्चिमी सिंहभूम के महत्वपूर्ण बालू घाटों को 5 वर्षों के लिए ई-नीलामी के जरिए बंदोबस्त किया जा रहा है।इसके तहत आनंदपुर बालू घाट, तिरला-II व तरतरा, कमरगाओ, तिरला-I और अभयपुर-धनापाली-डोमलाई बालू घाट शामिल हैं। इन सभी 5 क्लस्टरों के लिए ऑनलाइन बिड जमा करने की अंतिम तिथि 10 अक्टूबर (शाम 4:00 बजे) रखी गई है, जबकि 12 अक्टूबर को सुबह 11:00 बजे इनकी तकनीकी बिड खोली जाएगी।
रोक हटते ही वैध उठाव शुरू कराने का लक्ष्य
एनजीटी के नियमों के तहत हर साल 10 जून से 15 अक्टूबर तक नदियों से बालू के व्यावसायिक उत्खनन पर पूर्ण प्रतिबंध रहता है। प्रतिबंध समाप्त होने के तुरंत बाद निर्माण कार्यों में तेजी आती है और बालू की मांग अचानक बढ़ जाती है। समय रहते नीलामी व कागजी प्रक्रिया पूरी होने से रोक हटते ही घाटों से वैध उठाव शुरू हो सकेगा, जिससे जहां एक ओर सरकारी राजस्व में बढ़ोतरी होगी, वहीं आम जनता को भी उचित दर पर बालू मिल सकेगा।

