दुबई में नौकरी का झांसा, पासपोर्ट जब्त कर बनाया बंधक….राँची की महिला से जबरन काम कराने और मोटी रकम मांगने का आरोप–
–एजेंट के झांसे में आकर UAE पहुंची महिला, FIR में दावा- अरबी कागजों पर जबरन कराए हस्ताक्षर; घरों में काम करने के लिए भेजा गया..
राँची। विदेश में नौकरी, रहने और खाने की बेहतर सुविधा का सपना दिखाकर राँची की एक महिला को UAE भेजे जाने और वहां पहुंचने के बाद कथित तौर पर बंधक बनाकर जबरन काम कराने का मामला सामने आया है। एयरपोर्ट थाना क्षेत्र के छोटा घाघरा निवासी रतना कच्छप (60 वर्ष) ने अपनी बेटी मोनिका (37) को दुबई में असुरक्षित परिस्थितियों में फंसे होने का दावा करते हुए एयरपोर्ट थाना में प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए आवेदन दिया है।
आवेदन में आरोप लगाया गया है कि नौकरी दिलाने के नाम पर महिला को UAE भेजा गया, लेकिन वहां पहुंचने के बाद उसका मूल पासपोर्ट अपने कब्जे में ले लिया गया, अरबी भाषा में लिखे दस्तावेजों पर कथित तौर पर दबाव बनाकर हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान लिए गए और बाद में उसे अलग-अलग जगहों पर घरेलू काम के लिए भेजा गया।पीड़िता के पिता ने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई करने तथा राज्य सरकार और विदेश मंत्रालय के माध्यम से बेटी को सुरक्षित भारत वापस लाने की गुहार लगाई है।
ऑनलाइन संपर्क से शुरू हुआ पूरा मामला
FIR आवेदन के अनुसार, मोनिका का ऑनलाइन माध्यम से AMD Trend Solution LLC, अजमान (UAE) से जुड़े एक एजेंट प्रियंका से संपर्क हुआ था। आरोप है कि प्रियंका ने मोनिका को विदेश में नौकरी, भोजन और आवास उपलब्ध कराने का भरोसा दिया।इसी भरोसे पर मोनिका ने 22 अप्रैल 2026 को PhonePe के माध्यम से 15 हजार रुपये प्रियंका को भेजे। आवेदन में लेन-देन से जुड़ी रसीद और अन्य दस्तावेज संलग्न किए जाने की बात कही गई है।आरोप है कि प्रियंका ने मोनिका को बताया कि एजेंसी उसके लिए टिकट की व्यवस्था करेगी और उसे टिकट के लिए अलग से पैसे नहीं देने होंगे।
दिल्ली से शारजाह पहुंची, एयरपोर्ट पर ही पासपोर्ट ले लिया
FIR में दर्ज विवरण के अनुसार, मोनिका को 5 मई 2026 को दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचने और अगले दिन सुबह शारजाह की फ्लाइट लेने को कहा गया।मोनिका 6 मई की सुबह करीब 8:30 बजे शारजाह एयरपोर्ट पहुंची। आवेदन में आरोप है कि वहां एजेंसी की ओर से आए कार चालक ने उसका मूल पासपोर्ट तुरंत अपने कब्जे में ले लिया।इसके अगले दिन यानी 7 मई को उसे अजमान स्थित ग्रैंड मॉल के 24वें फ्लोर पर मौजूद ऑफिस ले जाया गया।
अरबी कागजों पर जबरन हस्ताक्षर कराने का आरोप
आवेदन में रितेश और मोहम्मद मेराज अंसारी नाम के दो व्यक्तियों पर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने मोनिका पर दबाव बनाकर अरबी भाषा में लिखे दस्तावेजों पर हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान करवाए।इतना ही नहीं, शिकायत के अनुसार उसका मोबाइल भी ले लिया गया और प्रियंका के साथ WhatsApp पर हुई बातचीत को कथित तौर पर डिलीट कर दिया गया।इसके बाद वीडियो कॉल के जरिए किसी व्यक्ति से उसकी बातचीत कराई गई। FIR आवेदन में आरोप है कि मोनिका को बताया गया कि उसने 12,600 दिरहम का लोन लिया है और 25 मई तक रकम नहीं चुकाने पर उसे जेल भेज दिया जाएगा।
घर में बंधक बनाकर घरेलू काम कराने का आरोप
शिकायत के मुताबिक, इसके बाद मोनिका को मोहम्मद मेराज अंसारी के घर ले जाया गया। वहां उसे कथित तौर पर करीब एक महीने तक झाड़ू-पोछा, बर्तन और वॉशरूम साफ करने का काम कराया गया।परिवार का आरोप है कि इस दौरान उसे प्रताड़ित भी किया गया और वह अपनी इच्छा के मुताबिक भारत वापस नहीं लौट सकी।
अलग-अलग घरों में भेजे जाने का भी आरोप
आवेदन के अनुसार, करीब एक महीने बाद मोनिका को वहां से निकालकर बिना वैध वर्क परमिट के 22 जून 2026 को एक घर में बुजुर्ग की देखभाल के लिए भेजा गया।भाषा की समस्या के कारण अगले दिन उसे वापस ऑफिस लाए जाने का दावा किया गया है। इसके बाद 1 जुलाई और फिर 16 जुलाई को उसे कथित तौर पर अलग-अलग घरों में काम के लिए भेजा गया।परिवार का कहना है कि अरबी भाषा नहीं आने के कारण उसे वहां मानसिक परेशानी और प्रताड़ना का सामना करना पड़ा।
मां की बीमारी का हवाला देकर भारत लौटना चाहा तो मांगी गई मोटी रकम
FIR आवेदन के मुताबिक, जब मोनिका ने अपनी मां की बीमारी का हवाला देते हुए भारत लौटने की इच्छा जताई तो मोहम्मद मेराज अंसारी ने कथित तौर पर गाली-गलौज की।आरोप है कि उससे कहा गया कि बिना मोटी रकम कंपनी के खाते में जमा किए उसे भारत नहीं जाने दिया जाएगा।शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि उसे धमकी दी गई कि अगर उसने रकम नहीं दी तो वह दुबई में ही फंसकर रह जाएगी और उसे कोई काम नहीं देगा।
“पासपोर्ट वापस नहीं किया, बेटी की जान को खतरा”
मोनिका के पिता रतना कच्छप का कहना है कि उनकी बेटी वर्तमान में दुबई में बेहद असुरक्षित और असहाय स्थिति में है। परिवार ने आरोप लगाया है कि आरोपियों ने उसका पासपोर्ट अपने कब्जे में रखा हुआ है और उसे भारत लौटने नहीं दिया जा रहा।
परिवार को उसकी सुरक्षा और जान-माल को लेकर गंभीर चिंता है।
पुलिस से मानव तस्करी समेत कई गंभीर आरोपों में कार्रवाई की मांग
पीड़िता के पिता ने पुलिस से प्रियंका, रितेश, मोहम्मद मेराज अंसारी और AMD Trend Solution LLC के अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।आवेदन में धोखाधड़ी, आपराधिक षड्यंत्र, मानव तस्करी, बंधक बनाने, जबरन श्रम, वसूली/रंगदारी और धमकी जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। साथ ही संबंधित कानूनी धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई करने की मांग की गई है।परिवार की सबसे बड़ी मांग फिलहाल मोनिका को सुरक्षित तरीके से दुबई से भारत वापस लाने की है। इसके लिए राज्य सरकार और विदेश मंत्रालय से मदद की गुहार भी लगाई गई है।
आवेदन के साथ ये दस्तावेज लगाए गए
परिवार की ओर से पुलिस को दिए गए आवेदन के साथ मोनिका का हाथ से लिखा शिकायत पत्र, संबंधित महिला की फोटो, 15 हजार रुपये के PhonePe लेन-देन की रसीद तथा पासपोर्ट और यात्रा दस्तावेजों की प्रतियां संलग्न करने की बात कही गई है।

