रामगढ़ में प्रतिमा विसर्जन के दौरान पुलिस से झड़प,10 लोगों को गिरफ्तार कर भेजा जेल..
रामगढ।झारखण्ड के रामगढ़ में सोमवार की रात सरस्वती पूजा मूर्ति विसर्जन में शामिल लोगों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। इस घटना में चार पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस ने विसर्जन के लिए दूसरे रूट से जाने के लिए कहा। इसी बात पर झड़प हो गई। घटना रजरप्पा थाना क्षेत्र अंतर्गत सुकड़ी गांव के लारी की है।
रामगढ़ थाना प्रभारी कृष्ण कुमार ने घटना की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि सरस्वती पूजा विसर्जन के लिए लोग गलत मार्ग से तालाब जा रहे थे, इसलिए उन्हें रोका गया। इसी क्रम में लोगों ने पथराव कर दिया और चार पुलिसकर्मी घायल हो गए।
पुलिस के अनुसार, सरस्वती पूजा मूर्ति विसर्जन के लिए लोग विशेष रूट से तालाब जाने की जिद कर रहे थे। पुलिस ने उन्हें इस मार्ग से जाने से रोका, जिसके बाद पुलिस और मूर्ति विसर्जन करने वाले लोगों के बीच कहासुनी हो गई। इधर, रजरप्पा थाना पुलिस ने विसर्जन जुलूस में शामिल डीजे टेंपो को जब्त कर थाना ले आई है।घायल पुलिसकर्मियों में फूलचंद महतो (48), रूपेश कुमार महतो (40), रंजीत कुमार महतो (40) और मोहम्मद इकबाल (56) शामिल हैं। थाना प्रभारी के अनुसार, इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
सुकरीगढ़ा में हुए पुलिस और ग्रामीणों की झड़प व पथराव मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 10 लोगों को गिरफ्तार कर मंगलवार को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। उनपर धारा 191 (2), 190, 61, 127 (2), 121 (1), 121 (2), 132, 109 (1), 119 (2), 352, 351 (2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जेल भेज दिया गया है।
क्या है मामला
मां सरस्वती की प्रतिमा के विसर्जन के दौरान लारी में हुए हंगामे में लारी को अशांत करके रख दिया। चंद लोगों की जिद की वजह से पूरे माहौल को खराब कर दिया और स्थिति यह बना की कई लोग जेल चले गए और कई की तलाश पुलिस कर रही है। विसर्जन के दौरान तालाब में पहुंची मूर्ति को कुछ लोग वापस विशेष संप्रदाय के इलाके में ले जाने के लिए अड़ गए। जब पुलिस ने इसका विरोध किया तो उपद्रवियों ने पुलिस के ऊपर पथराव कर दिया। इसी के साथ मामला बिगड़ और इतनी बड़ी घटना हो गई।
इधर सोमवार की रात लारी में हुए मूर्ति विसर्जन के दौरान हुए हंगामे के बाद मंगलवार को सन्नाटा पसरा रहा। इस मसले को लेकर जब मीडिया के लोगों ने बात करना चाहा तो कोई भी कुछ बोलने के लिए तैयार नहीं था। हालांकि ग्रामीणों का कहना था कि कुछ उपद्रवी लोगों के वजह से पूरा गांव अशांत हो गया। ग्रामीणों का कहना था कि इसमें जो लोग भी दोषी हैं, उन पर कार्यवाही हो बस निर्दोष नहीं फंसना चाहिए।
पत्थरबाजी करने वाले दोषियों पर हो कार्रवाई : छोटू वर्मा
26 जनवरी की रात चितरपुर प्रखंड अंतर्गत सुकरी गढ़ा लारी में मूर्ति विसर्जन के दौरान पुलिस प्रशासन और ग्रामीणों के बीच झड़प की घटना सामने आई है। इस दौरान स्थिति उस समय बिगड़ गई जब पुलिस प्रशासन पर पत्थरबाजी शुरू हो गई, जिसमें पुलिस बल के जवानों सहित कुछ ग्रामीण भी घायल हो गए। घटना को लेकर मंगलवार को सुकरी गढ़ा लारी के ग्रामीण विश्व हिंदू परिषद के रामगढ़ जिला मंत्री छोटू वर्मा से मिले और उन्हें अपनी आपबीती से अवगत कराया।
ग्रामीणों ने आवेदन के माध्यम से बताया कि मूर्ति विसर्जन शांतिपूर्ण ढंग से किया जा रहा था, लेकिन प्रशासन की ओर से विसर्जन प्रक्रिया को जल्द पूरा करने का दबाव बनाया जा रहा था। ग्रामीणों के अनुसार, विसर्जन के दौरान दूसरे गांव के कुछ लोग भी शामिल थे। इसी क्रम में पुलिस प्रशासन और दूसरे गांव के कुछ लोगों के बीच कहासुनी हो गई, जिसके बाद दूसरे गांव के कुछ असामाजिक तत्वों की ओर से पत्थरबाजी शुरू कर दी गई। इस पत्थरबाजी में पुलिसकर्मी और स्थानीय ग्रामीण घायल हो गए। इस मामले को लेकर विश्व हिंदू परिषद के जिला मंत्री छोटू वर्मा ने जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि पत्थरबाजी करने वाले वास्तविक दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। लेकिन निर्दोष ग्रामीणों को किसी भी तरह से प्रताड़ित न किया जाए। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि पूरे मामले की गहन जांच कर सच्चाई सामने लाई जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और सामाजिक सौहार्द बना रहे।

