कर्ज से तंग व्यक्ति ने की आत्महत्या:बेटे ने कहा-सूदखोरों को ब्याज चुका रहे थे पिता, रुपए लौटाने का था दबाव…

 

कोडरमा।कोडरमा के तिलैया थाना क्षेत्र के असनाबाद स्थित तुरिया मोहल्ले में कर्ज से परेशान एक व्यक्ति ने जहर खा कर आत्महत्या कर ली। मृतक के बेटे के अनुसार, कर्ज देने वाला व्यक्ति लगातार रुपए लौटाने का दबाव बना रहा था। इसी दबाव और कर्ज से तंग आकर उन्होंने सुसाइड कर लिया।मृतक की पहचान 55 वर्षीय बजरंगी विश्वकर्मा के रूप में हुई है, जो बक्सा बनाने का काम करते थे। वहीं, आरोपी का कहना है कि बजरंगी से उनका किसी प्रकार का लेनदेन नहीं था।पुलिस को मृतक के कमरे से एक टेबलेट की रैपर भी बरामद हुई है, जिसकी मेडिकल एक्सपर्ट से जांच कराई जा रही है।

मृतक के पुत्र योगेश कुमार ने बताया कि उनके पिता शुक्रवार शाम दुकान से घर लौटे और परिवार के साथ खाना खाकर सो गए। योगेश के अनुसार, उनके पिता ने मां को डोमचांच थाना क्षेत्र के ढोढाकोला स्थित उनके मायके किसी काम से भेजा था। इसलिए वे अपने कमरे में अकेले सोए थे। घर पर योगेश, उनका छोटा भाई और दादी मौजूद थे।शनिवार सुबह जब बजरंगी विश्वकर्मा देर तक नहीं उठे, तो योगेश ने उन्हें आवाज दी। कोई जवाब न मिलने पर योगेश ने दरवाजा खोला। उसने देखा कि बजरंगी अचेत अवस्था में पड़े थे, उनके मुंह से झाग निकल रहा था और कमरे में उल्टी फैली हुई थी।
योगेश ने तुरंत अपनी दादी, छोटे भाई और पड़ोसियों को बुलाया। जब तक लोग मौके पर पहुंचे, बजरंगी विश्वकर्मा की मौत हो चुकी थी। योगेश ने बताया कि उनके पिता ने अपने व्यवसाय के लिए कुछ लोगों से कर्ज लिया था और सूदखोरों को भारी ब्याज चुका रहे थे।उन्होंने यह भी बताया कि करमा निवासी संजय यादव नामक एक व्यक्ति ने उनके पिता को कर्ज दिया था। संजय यादव लगातार पैसे लौटाने का दबाव बना रहे थे। इसी दबाव और कर्ज से तंग आकर बजरंगी विश्वकर्मा ने विषपान कर अपनी जान दे दी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है

इधर, खुद पर लगे आरोपों को संजय यादव ने बेबुनियाद बताया है। संजय यादव ने कहा कि उनके द्वारा बजरंगी विश्वकर्मा को कुछ वर्षों पहले उनकी पुत्री की शादी के लिए एक लाख रुपए कर्ज के रूप में दिए गए थे, जिसे बजरंगी ने वापस कर दिए थे। फिलहाल उनका बजरंगी विश्वकर्मा से किसी प्रकार का लेनदेन नहीं था।

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