राँची के कोतवाली डीएसपी का बेहतर अनुसंधान: सिविल कोर्ट के अधिवक्ता गोपाल कृष्ण हत्याकांड में दो आरोपी दोषी करार..
राँची।राजधानी राँची में राँची सिविल कोर्ट के अधिवक्ता गोपाल कृष्ण हत्याकांड में दो आरोपी दोषी करार हुआ है। सिविल कोर्ट ने इस केस में रोशन मुंडा और संदीप कालिंदी को कोर्ट द्वारा दोषी पाया गया। दोनों आरोपियों को 18 नवंबर को सजा सुनाई जाएगी।इस केस के अनुसंधान में राँची के कोतवाली डीएसपी प्रकाश सोय की भूमिका महत्वपूर्ण रही है।

मृतक अधिवक्ता
बता दें सुखदेवनगर थाना क्षेत्र के मधुकम में राँची सिविल कोर्ट के अधिवक्ता गोपाल कृष्ण की शुक्रवार (2 अगस्त 2024) की सुबह चाकू मारकर हत्या कर दी गयी थी।तत्कालीन एसएसपी चंदन कुमार सिन्हा के निर्देश पर तत्कालीन सिटी एसपी राजकुमार मेहता ने कोतवाली डीएसपी प्रकाश सोय नेतृत्व में एक विशेष टीम किया।इस घटना में शामिल अपराधी रोशन मुंडा और संदीप कालिंदी को अनगड़ा थाना क्षेत्र के महेशपुर बागानटोली से एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार किया था।साथ ही पुलिस ने इन दोनों के मददगार संदीप मुंडा को सुखदेवनगर इलाके से गिरफ्तार किया। इन अपराधियों के पास पुलिस ने एक पिस्टल, दो जिंदा गोली बरामद किये हैं।इस मामले का खुलासा करने में कोतवाली डीएसपी प्रकाश सोय की अहम भूमिका रही थी।
डीएसपी प्रकाश सोय
पुलिस पूछताछ में मुख्य आरोपी रोशन ने कहा कि अधिवक्ता ने घटना के दिन उसके साथ मारपीट की थी।उसने कहा कि अधिवक्ता पूजा करने के लिए मंदिर जा रहा था, इसी दौरान वह अधिवक्ता से टकरा गया। जिस वजह से अधिवक्ता का पूजा का सामान गिर गया।जिसके बाद अधिवक्ता ने उसके साथ बेरहमी से मारपीट की।उसके आंख के सामने अंधेरा छा गया। इसी गुस्से में उसने कुछ ही देर के बाद अधिवक्ता की उसके घर के सामने ही चाकू मारकर हत्या कर दी।जबकि संदीप कालिंदी ने कहा कि अधिवक्ता के द्वारा मेरा केस लड़ने के लिए ज्यादा पैसा मांगा जा रहा था, इसे लेकर भी विवाद हुआ था।जिसके बाद उसकी हत्या कर दी।
बता दें इस चर्चित हत्या के बाद मौके डीजीपी,आईजी,डीआईजी सहित कई पुलिस अधिकारी जांच करने पहुँचे थे।हत्या के बाद वकीलों में काफी आक्रोश था।हाइकोर्ट ने भी मामले की स्वतः संज्ञान लिया था।लेक़िन राँची पुलिस के तत्कालीन सिटी एसपी राज कुमार मेहता और कोतवाली डीएसपी प्रकाश सोय ने अपराधियों को ताबड़तोड़ छापेमारी कर ढूंढ निकाला था।उसके बाद डीएसपी प्रकाश सोय ने एक एक जांच में आरोपियों के लिए साक्ष्य जुटाया और आरोपी को सजा दिलवाने में अहम भूमिका निभायी।

