धनबाद:नीरज सिंह हत्याकांड मामले में आईओ इंस्पेक्टर निरंजन तिवारी और पीपी की बढ़ सकती हैं मुश्किलें,कोर्ट ने जारी किया नोटिस

 

धनबाद।चर्चित नीरज सिंह हत्याकांड में पूर्व विधायक संजीव सिंह समेत अन्य आरोपियों को बुधवार को फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने बरी कर दिया। फैसले के बाद केस के अनुसंधानकर्ता इंस्पेक्टर निरंजन तिवारी और पीपी सत्येंद्र कुमार राय की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। जिला एवं सत्र न्यायाधीश 16 एमपी एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश दुर्गेश चंद्र अवस्थी की अदालत ने उन्हें नोटिस जारी किया है।दरअसल, 20 अगस्त 2025 को पूर्व विधायक संजीव सिंह के वकील ने धारा 344 के तहत कोर्ट में आवेदन दिया था, जिसमें कोर्ट को बताया गया था कि केस के अनुसंधानकर्ता निरंजन तिवारी ने सूचक (शिकायतकर्ता) अभिषेक सिंह के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेज से फर्जी गवाह तैयार किए।ताकि संजीव कुमार को फांसी की सजा मिले।संजीव सिंह के वकील मो जावेद ने बताया कि पुलिस ऑफिसर होने के बावजूद उन्होंने कोर्ट में शपथ लेकर ऐसी बातों का वर्णन किया है, जो रिपोर्ट में नहीं हैं।पुलिस का यह काम संदेहास्पद है।इतना ही नहीं, पीपी की नियुक्ति सरकार द्वारा सच्चाई तक पहुंचने और कोर्ट को सहयोग करने के लिए की जाती है।पीपी ने सूचक के साथ मिलकर कोर्ट में फर्जी सीडीआर पेश किया है। मुखबिर से लेकर पुलिस और पुलिस से लेकर सरकार तक, सभी संजीव कुमार को सजा दिलाने में लगे थे।लेकिन अदालत ने साबित कर दिया कि यहां सिर्फ न्याय होता है।

उन्होंने बताया कि जिला एवं सत्र न्यायाधीश 16 एमपी एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश दुर्गेश चंद्र अवस्थी ने विवेचक इंस्पेक्टर निरंजन तिवारी और पीपी सत्येंद्र कुमार राय को नोटिस जारी किया है।अब उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।पुलिस का काम जांच कर उसे अदालत के समक्ष पेश करना है।अदालत इस पर विचार करेगी।एक पुलिस अधिकारी होने के नाते उन्होंने साजिश में भाग लिया।आरोपियों को सजा दिलाने के लिए फर्जी दस्तावेज और फर्जी गवाह पेश करना पुलिस अधिकारी का काम नहीं है।अगली तारीख पर विवेचक इंस्पेक्टर निरंजन तिवारी, पीपी सत्येंद्र कुमार राय को अदालत में पेश होकर अपना जवाब देना है।

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