गोड्डा:सूर्या हांदसा के गांव पहुंचे भाजपा के कई नेता,पूर्व सीएम अर्जुन मुंडा बोले- फिर से हो पोस्टमार्टम, सीबीआई करे जांच…
गोड्डा। झारखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व केंद्रीय जनजाति मंत्री अर्जुन मुंडा ने गोड्डा के चर्चित सूर्यनारायण हांसदा उर्फ सूर्या हांसदा एनकाउंटर मामले की जांच करने के लिए सूर्या के परिजनों से मिलने रविवार को उसके गांव पहुंचे उनके साथ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की 7 सदस्यीय टीम भी थी। इस टीम ने सूर्या के गांव ललमटिया में कहा कि सूर्या हांसदा के शव का फिर से पोस्टमार्टम होना चाहिए।अर्जुन मुंडा ने पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की है।
टीम में पूर्व सीएम अर्जुन मुंडा के अलावा पूर्व मंत्री अमर बाउरी, पूर्व मंत्री भानु प्रताप शाही, रणधीर सिंह, दुमका के पूर्व सांसद सुनील सोरेन, भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता सह पूर्व विधायक अमित मंडल के साथ भाजपा नेता पूर्व विधायक लोबिन हेम्ब्रम और अनिता सोरेन शामिल थीं।ये सभी लोग रविवार को ललमटिया के डकैता गांव पहुंचे और सूर्या के परिवार के सदस्यों से मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी ली।
भाजपा नेताओं ने सूर्या के परिजनों से की बात:
इस दौरान सूर्या हांसदा की मां,पत्नी, भाई की बातें टीम ने सुनी. अर्जुन मुंडा के समक्ष सूर्या हांसदा की ओर से गरीब आदिवासी परिवार व असहाय के लिए खोले गये स्कूल बच्चों ने सीबीआई जांच की मांग की है।
अर्जुन मुंडा ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि 10 अगस्त को सूर्या हांसदा को गिरफ्तार किया जाता है। 11 अगस्त को एनकाउंटर बताकर पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर डेथ साबित कर दिया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोगों से बातचीत में उन्होंने कहा कि सूर्या हांसदा का परिवार ललमटिया और डकैता गांव के स्थानीय लोगों के प्रधान का घर है।यह ट्रेडिशनल हेड मेन है। सामुदायिक रूप से इस परिवार के लोगों ने और खासकर सूर्या हांसदा ने परंपरा निभायी है।
पुलिस ने सूर्या को गिरफ्तार करने के बाद एनकाउंटर किया – अर्जुन मुंडा
अर्जुन मुंडा ने कहा कि सूर्या हांसदा पर 25 केस दर्ज थे। 14 फॉल्स केस से उन्हें मुक्त कर दिया गया था।आसपास की किसी भी घटना में सूर्या हांसदा पर केस कर दिाय जाता था। 27 मई को भी एक फर्जी केस उस पर दर्ज किया गया था। पुलिस की ज्यादती यहीं नहीं रुकी, कोर्ट से वारंट नहीं था कि वह फरार है। पुलिस ने सुर्या को गिफ्तार कर लिया था।इसके बाद उसका एनकाउंटर कर दिया।यह गोड्डा पुलिस की गहरी साजिश का हिस्सा है।
अर्जुन मुंडा ने कहा कि यह गोड्डा पुलिस की गहरी साजिश है।सूर्या हांदसा की हत्या की गयी और पुलिस ने इसे मुठभेड़ का नाम दे दिया।यह साफ दिख रहा है कि मामला कुछ और है, कहानी कुछ और बनायी गयी है।
पूर्व सीएम ने कहा कि सूर्या हांसदा 350 बच्चों को पढ़ाता था। घटना की जानकारी हुई है और प्रतिनिधिमंडल यहां पहुंचा है। परंपरागत व्यवस्था का पालन करने वाले को रास्ते से हटा दिया गया। साजिश के तहत उनका मुंह बंद किया गया है। मुंडा ने कहा कि सूर्या हांसदा का दोबारा पोस्टमार्टम हो।साथ ही मामले की सीबीआई जांच की मांग की है। भाजपा इस पर बड़ा आंदोलन करेगी।

