जंगल में साइबर अपराध करते 8 अपराधी देवघर पुलिस के हत्थे चढ़ा…जनवरी 2025 से अबतक 681 साइबर अपराधी पकड़े गए..
देवघर।झारखण्ड देवघर एसपी सौरभ के आदेश पर साइबर डीएसपी राजा कुमार मित्रा के निर्देशन में सोमवार को विशेष छापेमारी अभियान चला कर 8 शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। यह कार्रवाई जिले में बढ़ते ऑनलाइन ठगी के मामलों पर लगाम लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस छापेमारी एक गुप्त सूचना के आधार पर किया गया। साइबर डीएसपी राजा कुमार मित्रा ने मंगलवार को प्रेसवार्ता में बताया कि एसपी को सूचना मिली थी कि देवीपुर थाना अंतर्गत पेसरपुर के जंगल क्षेत्र में कुछ युवक फर्जी कस्टमर केयर अधिकारी बनकर लोगों से ठगी कर रहे हैं। सूचना मिलते ही एसपी के निर्देश पर एक टीम गठित किया गया और बताए गए स्थान पर घेराबंदी कर छापेमारी की।
पुलिस टीम के पहुंचने पर वहां मौजूद युवक भागने का प्रयास करने लगे, लेकिन टीम की तत्परता से सभी को मौके पर ही पकड़ लिया गया। गिरफ्तार किए गए युवकों के पास से 08 मोबाइल फोन और 12 सिम कार्ड बरामद किए गए, जिनके माध्यम से वे विभिन्न प्रकार की ऑनलाइन ठगी को अंजाम दे रहे थे। बताया कि प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि ये सभी आरोपी संगठित तरीके से ठगी करते थे। इनकी अपराध पद्धति काफी योजनाबद्ध थी और ये सोशल मीडिया, गूगल सर्च तथा ऑनलाइन विज्ञापन प्लेटफॉर्मों का दुरुपयोग कर ग्राहकों को विश्वास में लेते थे। गूगल पर फर्जी मोबाइल नंबर ग्राहक सेवा के नाम से अपलोड कर ये लोग खुद को फोनेपे/पे-टीएम कस्टमर केयर, एयरटेल पेमेंट बैंक अधिकारी, पीएम किसान योजना सहायता केंद्र या अन्य बैंकिंग और सरकारी योजनाओं के प्रतिनिधि के रूप में प्रस्तुत करते थे। फर्जी नंबर खोजकर जब कोई व्यक्ति सहायता के लिए फोन करता, तो आरोपी विभिन्न बहानों से उसकी व्यक्तिगत जानकारी हासिल कर लेते थे। कई मामलों में वे पीड़ित से उसके बैंक खाते, ओटीपी, क्रेडिट कार्ड या डेबिट कार्ड से जुड़े विवरण भी प्राप्त कर लेते थे।
पुलिस द्वारा जारी जानकारी के अनुसार आरोपियों की अपराध शैली मुख्यतः तीन प्रमुख तरीकों पर आधारित थी जिसमें गूगल पर फर्जी नंबर अपलोड कर आरोपी गूगल पर ऐसे नंबर अपलोड कर देते थे, जो वास्तविक कंपनियों के ग्राहक सेवा नंबरों की तरह दिखते थे। सहायता के लिए गूगल पर खोज करने वाले सामान्य लोग इन नंबरों को कंपनी का असली कस्टमर केयर समझकर कॉल करते थे और इसी प्रक्रिया में वे ठगी का शिकार हो जाते थे। फोनपे, पेटीएम कस्टमर केयर के फर्जी अधिकारी बनकर कैस बैक का झांसा देते हुए कैशबैक या रिफंड देने का बहाना बनाता था। वे पीड़ितों से गिरफ्ट र्काड बनाने को कहते और फिर उसे रेडीम कर अपने खातों में राशि ट्रांसफर करा लेते थे। इस प्रक्रिया में आरोपी तकनीकी जानकारी का फायदा उठाकर पीड़ित को यह विश्वास दिलाते थे कि वह किसी अधिकृत अधिकारी से बात कर रहा है।
गिरफ्तार आरोपियों में पथरड्डा ओपी क्षेत्र के चोर मारा गांव निवासी 20 वर्षीय राहुल कुमार दास, 19 वर्षीय बिक्रम कुमार दास, 19 वर्षीय अमित कुमार दास, पथरोल थाना के सिमरा तरी गांव निवासी 19 वर्षीय डब्लू कुमार दास,मलमला टंडेरी गांव निवासी 30 वर्षीय मुचकुन्द दास, लेढ़वा गांव निवासी 24 वर्षीय चन्दन कुमार दास, देवीपुर थाना के सधवा डीह गांव निवासी 30 वर्षीय पवन कुमार दास,सारठ थाना के घघरजोरा गांव निवासी 23 वर्षीय आनन्द कुमार दास शामिल है। वहीं आरोपी आनंद कुमार दास पहले भी साइबर थाना देवघर के कांड संख्या 69/2023 में नामजद हो चुका है। जिसमें ऑनलाइन ठगी से जुड़े कई गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज था। इससे स्पष्ट होता है कि वह लगातार साइबर अपराध में सक्रिय था और पहले भी पुलिस की पकड़ में आ चुका था। पुलिस ने मौके से जो मोबाइल और सिम कार्ड बरामद किए हैं, उनकी जांच जारी है।प्राथमिक जांच में पुलिस को कई ऐसे साक्ष्य मिले हैं जिनसे यह सिद्ध होता है कि आरोपी लंबे समय से कई राज्यों में फैले हुए पीड़ितों से ठगी कर चुके हैं।
डीएसपी राजा कुमार मित्रा ने बताया कि जनवरी 2025 से अब तक देवघर साइबर पुलिस द्वारा कुल 681 साइबर अपराधियों व विधिविरुद्ध किशोरों को गिरफ्तार या निरुद्ध किया जा चुका है। इस अवधि में कुल 838 मोबाइल फोन एवं 1076 सिम कार्ड जब्त किए गए हैं। इनमें 250 प्रतिबिंब आधारित सिम कार्ड भी शामिल हैं, जिनका उपयोग पहचान छिपाने के उद्देश्य से किया जाता है। पुलिस की इस लगातार कार्रवाई से साइबर अपराधियों में खलबली मची हुई है।

