भारी बारिश से मिट्टी का कच्चा मकान गिरा, 10 लोग मलबे में दबे,तीन की मौत
सरायकेला।झारखण्ड के सरायकेला-खरसावां जिले में भारी बारिश के कारण अलग-अलग जगहों पर मकान ढहने से तीन की मौत हो गई। वहीं 10 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।पहली घटना राजनगर थाना क्षेत्र के डांडू गांव की है। जहां भारी बारिश के कारण मिट्टी का मकान ढहने से 10 लोग मलबे में दब गए।घटना शुक्रवार देर शाम को हुई। मलबे में दबकर अरविंद लोहार (7) और उसकी माँ शांति लोहार (27) की मौत हो गई। घर में मौजूद आठ अन्य सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए,जिन्हें 108 एम्बुलेंस के माध्यम से राजनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया।जहां से प्राथमिक उपचार के बाद सात को बेहतर इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल रेफर कर दिया गया।
हादसे के बाद ग्रामीणों ने हिम्मत दिखाई।उन्होंने मलबा हटाकर सभी को बाहर निकाला और राजनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। घटना की सूचना मिलते ही प्रखंड विकास पदाधिकारी मलय कुमार और स्थानीय मुखिया सानो टुडू मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।ग्रामीणों ने अपने स्तर पर बचाव कार्य कर घायलों को अस्पताल पहुंचाया। प्रशासन ने भी त्वरित कार्रवाई करते हुए घायलों को बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया।
वहीं शनिवार को भी खरसावां थाना क्षेत्र के कोल शिमला में मुन्ना बोदरा का मिट्टी का मकान गिर गया।जहां मलबे में दबकर उनके 5 साल के बेटे बाजे बोदरा की मौके पर ही मौत हो गई।वहीं इस घटना में मुन्ना बोदरा, उनकी पत्नी अनुष्का बोदरा और ढाई साल की बेटी गुरबारी बोदरा भी घायल हो गए।घटना सुबह 4:00 बजे की बताई जा रही है।
जब स्थानीय लोगों को इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने मिट्टी के मकान का मलबा हटाया। मलबा हटाने के बाद सभी को एक-एक करके मलबे से बाहर निकाला और सरायकेला सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां 5 साल के बाजे बोदरा को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।थोड़ी देर बाद मुन्ना बोदरा को होश आ गया।इस बीच उनकी ढाई साल की बेटी और पत्नी अनुष्का भी घायल हो गईं।घटना के बाद पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचा और बचाव कार्य जारी है।उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह ने बताया कि घटना दुखद है।लोगों को समुदायिक और पंचायच भवन में अभी रखा गया है।

