प्यार के बीच आड़े आ रही थी पत्नी,पति ने रास्ते से हटाने के लिए 40 हजार की सुपारी दी..हत्या की सुपारी लेने वाला गिरफ्तार

 

पलामू।झारखण्ड के पलामू जिला पुलिस ने 1 जनवरी को नावाबाजार थाना क्षेत्र के तुकबेरा के डरौना गांव से प्रियंका देवी नामक महिला का दफनाया हुआ शव बरामद किया गया।हत्या का आरोप प्रियंका देवी के पति रंजीत मेहता एवं उसकी प्रेमिका पर लगा।बाद में दोनों ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया।पुलिस ने दोनों को रिमांड पर लिया।रिमांड पर लेने के बाद रंजीत मेहता एवं उसकी प्रेमिका ने पुलिस के समक्ष प्रियंका देवी हत्याकांड का चौंकाने का वाला खुलासा किया है।हत्याकांड की पूरी साजिश रंजीत मेहता एवं उसकी प्रेमिका ने रची थी।दोनों ने प्रियंका देवी की हत्या के लिए 40 हजार रुपये की सुपारी दी थी। प्रियंका देवी पति रंजीत मेहता और उसकी प्रेमिक के प्रेम संबंधों के बीच रोड़ा बन रही थी।पुलिस ने प्रियंका देवी की हत्या के लिए सुपारी लेने वाले पड़वा थाना क्षेत्र के रहने वाले लाल कुमार और गोविंद कुमार के साथ-साथ रंजीत मेहता का भगिना सुनील कुमार गिरफ्तार किया है।

बिश्रामपुर के थाना प्रभारी ऋषिकेश दुबे ने बताया कि पति रंजीत मेहता एवं उसकी प्रेमिका प्रियंका देवी को अपने रास्ते से हटाना चाहते थे। सभी ने मिलकर हत्या के लिए 40 हजार रुपए की सुपारी दी थी। घटना के दिन आरोपियों ने प्रियंका देवी को बेहोशी का दवा सुंघाया।बाद में बेहोशी की हालत में प्रियंका देवी को सभी मिलकर नावाबाजार के डरौना गए।वहीं पर मफलर से प्रियंका देवी की गला दबाकर हत्या कर दी गई और शव को दफना दिया।एक कुत्ते के शव को दफनाने वाले स्थान पर रख दिया ताकि दुर्गंध होने पर किसी को शक नहीं है

28 दिसंबर 2025 को प्रियंका देवी अपने ससुराल विश्रामपुर थाना क्षेत्र से गायब हुई थी। 31 दिसंबर को परिजनों ने पूरे मामले में पुलिस से शिकायत की।बता दें कि 2019 में रंजीत मेहता एवं प्रियंका देवी की शादी हुई थी। पुलिस ने गोपनीय सूचना के आलोक में 1 जनवरी को शव को बरामद किया था।दंडाधिकारी के मौजूदगी में शव को बाहर निकाला गया था। घटना के बाद पूरे मामले में एसडीपीओ आलोक कुमार टूटी, थाना प्रभारी ऋषिकेश दुबे, सब इंस्पेक्टर शिवनाथ रंजन, शैलभ कुमार सुमित कई पुलिस अधिकारी शामिल रहे।

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