हुल दिवस के अवसर पर साहिबगंज के भोगनाडीह में ग्रामीणों और पुलिस के बीच झड़प,लाठीचार्ज,देखें वीडियो…
साहेबगंज।झारखण्ड के साहिबगंज जिले के बरहेट भोगनाडीह में हुल दिवस के अवसर पर ग्रामीणों और पुलिस के बीच झड़प हुई है।घटनास्थल पर हजारों की संख्या में ग्रामीण मौजूद है, जिन्हें प्रशासन की तरफ से खदेड़ने का प्रयास किया जा रहा है।वहीं पुलिस के द्वारा लाठीचार्ज करने के साथ साथ आंसू गैस के गोले भी दागे गये हैं ताकि भीड़ का तितर-बितर किया जा सके।ग्रामीणों के अनुसार कार्यक्रम का पंडाल प्रशासन के द्वारा बीते रात्रि खोल दिया गया है।इससे नाराज होकर ग्रामीण हंगामा कर रहे थे।इस कार्यक्रम में झारखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंचने वाले थे।वही हंगामा के बाद कुछ पुलिसकर्मी और कुछ ग्रामीणों के भी घायल होने की सूचना है,हालांकि अभी तक जिला प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है। कहा जा रहा है कि तीन जवान घायल हुए हैं।जिनका इलाज बरहेट सीएचसी में चल रहा है।बताया जा रहा है कि ग्रामीणों ने तीर भी चलाया है।
कई ग्रामीण और पुलिसकर्मी घायल
लाठी चार्ज में कई ग्रामीण और पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। फिलहाल 3 जवानों के घायल होने की सूचना है।सभी का बरहेट सीएचसी में इलाज चल रहा है।हंगामा कर रहे सिदो कान्हू मुर्मू हूल फाउंडेशन के समर्थकों का कहना है कि देर रात उनके कार्यक्रम का पंडाल प्रशासन के द्वारा खोल दिया गया। इस बात से नाराज समर्थकों से हंगामा शुरू कर दिया।
भोगनाडीह पहुंची सीता सोरेन
इधर भाजपा नेत्री सीता सोरेन मौके पर पहुंची हैं।उन्होंने मौके पर उपस्थित प्रशासनिक अधिकारियों को खूब खरी-खोटी सुनायी।मौके पर बड़ी संख्या में जवानों की तैनाती की गयी है। ग्रामीणों के साथ हुई लाठी चार्ज में लगभग सभी पुलिस वालों को चोटें आयी है।
बता दें विगत कुछ दिनों से प्रशासन और ग्रामीण के बीच हूल दिवस के कार्यक्रम के आयोजन को लेकर खिंचतान चल रही थी।सिद्दो कानू के वंशज मंडल मुर्मू स्थानीय स्टेडियम में 30 जून हूल दिवस के मौके पर कार्यक्रम करना चाहते थे।उन्होंने इसकी लिखित सूचना प्रशासन को दी,लेकिन प्रशासन ने कार्यक्रम करने की इजाजत नहीं दी।इसके बाद वहां के ग्रामीण नाराज हो गये और प्रशासन के खिलाफ इन्होंने मोर्चा खोल दिया। ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए प्रशासन ने मौखिक रूप से कार्यक्रम करने की इजाजत दी,लेकिन प्रशासन के द्वारा देर रात इनके मंच को नुकसान पहुंचा गया। मंडल मुर्मू का कहना है कि उन्होंने प्रशासन से लिखित परमिशन देने का आग्रह किया, बावजूद उनके कार्यक्रम में बाधा डाला जा रहा था।गांव के मांझी और समस्त ग्रामीण उनके साथ हैं।

