धनबाद खदान हादसे में वैन में सवार सभी 6 लोगों का शव बरामद,आज एनडीआरएफ टीम ने निकाले 3 शव
धनबाद।झारखण्ड के धनबाद जिले में बीसीसीएल एरिया 4 के अंगारपथरा ओपी क्षेत्र में संचालित अंबे आउटसोर्सिंग खदान में शुक्रवार को हुए भीषण हादसे में 6 मजदूरों की मौत हो गई। खदान में पत्थरों के स्खलन के बाद एक सर्विस वैन सैकड़ों फीट गहरी खाई में गिर गई थी। वैन में सवार छह मजदूरों में से तीन के शव शुक्रवार को निकाले गए थे,जबकि शनिवार को एनडीआरएफ की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद तीन और शवों को खदान से बाहर निकाला। एक शव पत्थरों के बीच फंसा था, जबकि एक अन्य गहरे पानी में मिला।
एनडीआरफ कंपनी कमांडर कौशल कुमार ने बताया कि कल ही कुछ शव बीसीसीएल की माइंस रेस्क्यू टीम ने रिकवर कर लिया था। आज बीसीसीएल की माइंस रेस्क्यू टीम और एनडीआरएफ की ज्वाइंट रेस्क्यू में तीन शव बाहर निकाले जा चुके हैं।इलाके को सर्च किया गया, जिसमें और कुछ नहीं मिला।उन्होंने कहा कि माइनिंग एरिया होने के कारण कठिनाई थी, लेकिन हमारे लिए यह चुनौती थी।उन्होंने कहा कि जब ऑपरेशन चल रहा था, उस वक्त भी हल्की स्लाइडिंग हो रही थी। बीसीसीएल की माइंस रेस्क्यू टीम का हौसला भी काफी अच्छा था।
हादसे में मारे गए मजदूर अमन के शव को शुक्रवार को रेस्क्यू के बाद निकाला गया था। पोस्टमॉर्टम के बाद परिजन और ग्रामीण शव लेकर अंबे आउटसोर्सिंग के कार्यालय पहुंचे और मुख्य गेट पर प्रदर्शन किया। आक्रोशित लोगों ने प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की और मृतकों के परिवारों के लिए उचित मुआवजे की मांग की।खबर लिखे जाने तक अमन का शव कार्यालय के मुख्य गेट के पास रखा हुआ था।बताया जा रहा है कि आउटसोर्सिंग प्रबंधन का कोई भी अधिकारी या कर्मचारी कार्यालय में मौजूद नहीं है और सभी फरार हैं।
मृतक अमन के भाई पृथ्वी सिंह ने बताया कि अमन खदान में मैकेनिक सुपरवाइजर के रूप में काम करते थे।शुक्रवार को काम खत्म कर सर्विस वैन से लौटते समय उनकी वैन खाई में गिर गई।पृथ्वी ने कहा कि अमन की दो छोटी बेटियां हैं, जिनके लालन-पालन के लिए आउटसोर्सिंग प्रबंधन को उचित व्यवस्था और मुआवजा देना होगा। उन्होंने अपने भाई के लिए न्याय की मांग की है।
गिरिडीह सांसद के प्रतिनिधि सुभाष रवानी ने हादसे के लिए बीसीसीएल की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया।उन्होंने कहा कि गलत ढंग से की जा रही माइनिंग के कारण यह हादसा हुआ। रवानी ने बीसीसीएल से मृतकों के आश्रितों को तत्काल उचित मुआवजा देने की मांग की है।

