बजट सत्र को लेकर स्पीकर ने की उच्चस्तरीय बैठक, अधिकारियों को दिए ये सख्त निर्देश
राँची।बजट सत्र के दौरान सदन में आने वाले प्रश्नों को सही और ससमय जवाब देने का सख्त निर्देश स्पीकर रबींद्रनाथ महतो ने राज्य के आला अधिकारियों को दिए हैं।विधानसभा में मंगलवार को आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार सहित विभिन्न विभागों के सचिव मौजूद थे। संसदीय कार्यमंत्री राधाकृष्ण किशोर की मौजूदगी में हुई इस बैठक में स्पीकर ने सदन में ध्यानाकर्षण, प्रश्नकाल आदि में आनेवाले प्रश्नों का सही और ससमय जवाब सरकार की ओर से देने के निर्देश दिए।
बैठक के बाद स्पीकर रबींद्रनाथ महतो ने मीडियाकर्मी से बात की।स्पीकर ने कहा कि अधिकारियों के द्वारा आश्वस्त किया गया है कि जो भी सामग्री की आवश्यकता बजट सत्र के दौरान होगी, उसे उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से विभागीय अधिकारियों ने आश्वस्त किया है कि ससमय प्रश्नों का जवाब आयेगा।
संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने इस सत्र को अहम बताते हुए कहा कि अधिकारियों के साथ हुई बैठक में सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से संचालित करने में कार्यपालिका की भूमिका महत्वपूर्ण है। ऐसे में उनसे अपेक्षा की गई है कि सदन के अंदर जो भी प्रश्न आए, उसका ससमय जवाब मिले। साथ ही विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई है।जिससे 18 फरवरी से शुरू हो रहे झारखण्ड विधानसभा के बजट सत्र को सुचारु ढंग से संचालित किया जा सके।
झारखण्ड विधानसभा का बजट सत्र इस बार खास होने वाला है। इस बार के बजट सत्र में जहां विधानसभा पेपरलेस की दिशा में कदम बढ़ाता दिखेगा, वहीं सदन की कार्यवाही भी बदली बदली सी दिखेगी। 18 फरवरी से शुरू हो रहे इस बजट सत्र में कुल 17 कार्य दिवस होंगे। जिसकी शुरुआत 18 फरवरी को राज्यपाल के अभिभाषण से होगा। 19 फरवरी को राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव और वाद विवाद के बाद 20 फरवरी को वित्तीय वर्ष 2025-26 का तृतीय अनुपूरक बजट पेश होगा।
20 फरवरी को राज्यपाल के अभिभाषण पर वाद विवाद के बाद सरकार का उत्तर और मतदान होगा। इसी दिन राज्य सरकार द्वारा आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट भी लाए जाने की संभावना है। शनिवार और रविवार की वजह से 21 और 22 फरवरी को अवकाश रहेगा। वहीं 23 फरवरी को नगर निकाय चुनाव के मतदान की वजह से सदन की कार्यवाही स्थगित होने की संभावना है। हालांकि अभी तक के कार्यक्रम के अनुसार इस दिन अनुपूरक बजट पर वाद विवाद के बाद मतदान और पारण निर्धारित किया गया है।
24 फरवरी को वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश करेंगे। इससे पहले प्रश्नकाल की कार्यवाही होगी। 25 फरवरी को बजट पर सामान्य वाद विवाद के बाद सरकार का उत्तर होगा। 26 फरवरी को भी आय व्यय के अनुदान मांगों पर वाद विवाद के बाद सरकार का उत्तर होगा। 27 फरवरी को अनुदान मांगों पर वाद विवाद के बाद सरकार का उत्तर होगा। इसके बाद 28 फरवरी से 8 मार्च तक होली का अवकाश रहेगा। फिर 9 मार्च से 13 मार्च तक प्रश्नकाल के बाद बजट के अनुदान मांगों पर वाद विवाद के बाद सरकार का उत्तर और मतदान होगा।

