जमीन कब्जा के दौरान जमीन माफियाओं के द्वारा फायरिंग करने के मामले में एसपी ने जमुआ थाना प्रभारी को किया सस्पेंड…
गिरिडीह।झारखण्ड के गिरिडीह जिले में जमुआ के घोरचांची में जमीन कब्जे को लेकर मारपीट, फायरिंग और बमबारी की घटना के बाद जिले के एसपी सख्त हो गए हैं।एसपी ने जहां जमुआ के थाना प्रभारी मणिकांत को निलंबित कर दिया है, वहीं सभी थानेदार को कड़े शब्दों में सीधा निर्देश भी दिया है। एसपी ने साफ कहा है कि जमीन के मामले में किसी भी पदाधिकारी को सीधे रूप से शामिल नहीं होना है।उन्होंने कहा कि पदाधिकारी को किसी प्रकार की समस्या है तो उसे संबंधित विभाग को अग्रसारित करना चाहिए।एसपी ने कहा कि जमुआ के प्रकरण के बाद से पुलिस की स्पेशल टीम छापेमारी कर रही है। रात-रात भर वैसे लोगों को पकड़ा जा रहा है जिनकी संलिप्तता इस कांड में रही है। पहले उन लोगों को पकड़ा जा रहा है जिसके खिलाफ साक्ष्य मिले हैं, जिनकी पहचान हो चुकी है।इनकी गिरफ्तारी के बाद उन लोगों को भी चिन्हित किया जाएगा जो इनके साथ थे।उन्होंने कहा कि माहौल को खराब करने वाला कोई भी हो किसी भी हालात में बख्शा नहीं जायेगा।![]()
एसपी ने कहा कि घटना की जानकारी मिलते ही पड़ताल की गई तो यह बात साफ हो गई कि जमुआ के थाना प्रभारी न सिर्फ घटना को रोकने में विफल रहे बल्कि उनके पास घटना की विस्तृत जानकारी भी नहीं थी। ऐसे में कर्तव्य में लापरवाह रहे जमुआ के थाना प्रभारी मणिकांत को निलंबित किया गया है। जबकि पुलिस की टीम अभी भी कार्रवाई कर रही है।
बता दें गुरुवार को सरेआम हुए उपद्रव के मामले को लेकर जमुआ थाना में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई।रैयत अखिलेश्वर प्रसाद सिन्हा का आवेदन और प्राथमिकी दर्ज की गई है। प्राथमिकी में दो बड़े माफियाओं समेत 50 लोगों को अभियुक्त बनाया गया है।उनकी गिरफ्तारी के लिए जमुआ, पचम्बा, नगर और मुफ्फसिल अंचल की पुलिस लगी हुई है।सबसे अधिक पचम्बा और नगर थाना इलाके में दबिश दी गई है।कई लोगों से पूछताछ के लिए उनको पचम्बा में रखा गया है।
घोरचांची में जिस जमीन को लेकर विवाद हुआ है उसके रैयत कायस्थ हैं।यहां अपने-अपने हिस्से को लेकर रैयत न सिर्फ दावा करते रहे हैं बल्कि अलग-अलग माफियाओं को करारनामा भी कर दिया गया। चूंकि जमीन के दाम बढ़े हैं तो करार लेने वाले माफियाओं ने जमीन पर दावा भी ठोंक दिया जिसके बाद विवाद बढ़ता गया।
यहां बता दें कि जमीन पर कब्जे के किए जिन दो पक्ष के द्वारा यहां गदर मचाया गया वे सभी एक खास राजनीतिक दल के समर्थक हैं। ऐसे में इनका मनोबल भी काफी बढ़ा हुआ है। हालांकि इस बार पुलिस इन माफियाओं के मनोबल को पूरी तरह से तोड़ने के मूड में दिख रही है।

