Ranchi:लखनऊ मिलिट्री इंटेलिजेंस और पुलिस की कार्रवाई, आर्मी में नौकरी के नाम पर करोड़ों के ठगी करने वाले तीन गिरफ्तार

 

राँची।आर्मी सहित कई केंद्रीय दफ्तर में नौकरी का झांसा देकर करोड़ों रुपए की ठगी करने वाले तीन आरोपियों को राँची से गिरफ्तार किया गया है।यह कार्रवाई लखनऊ मिलिट्री इंटेलिजेंस और राँची पुलिस के द्वारा संयुक्त रूप से की गई है।

दरअसल,राँची में एक बड़ा गिरोह आर्मी (MES), रेलव, केंद्र और राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में नौकरी के नाम पर ठगी को अंजाम दे रहा था।इस मामले की तफ्तीश कर रही लखनऊ मिलिट्री इंटेलिजेंस को जानकारी मिली कि यह सारा नेटवर्क झारखण्ड की राजधानी राँची से चल रहा है।इस मामले में आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए आर्मी इंटेलिजेंस के अफसरों ने राँची पुलिस से संपर्क किया। जिसके बाद लखनऊ आर्मी इंटेलिजेंस और राँची पुलिस के संयुक्त अभियान में ठगी में शामिल तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

राँची पुलिस के द्वारा जारी किए गए प्रेस रिलीज के अनुसार इस मामले में तीन लोगों की गिरफ्तारी की गई है। जिनमें चंदन कुमार सिंह, गौतम कुमार और विनोद कुमार शामिल है।पुलिस के अनुसार गिरोह के द्वारा राँची के बरियातू के रहने वाले अभिषेक कुमार से 37 लाख रुपये की ठगी की गई। जांच में अब तक गिरोह के द्वारा लगभग 1.2 करोड़ की ठगी की बात सामने आई है।गिरफ्तार अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि वे Military Engineering Service (MES), Indian Railway और अन्य सरकारी विभागों में नौकरी दिलाने का झांसा देकर अब तक कई लोगों से लगभग 1.2 करोड़ रुपये की ठगी कर चुके हैं।

वादी,जो मूल रूप से पटना के नरमा के निवासी हैं और वर्तमान में रराँची के तेतरटोली में रहते हैं,ने नौकरी लगाने के नाम पर धोखाधड़ी और जाली जॉइनिंग लेटर बनवाने का आरोप लगाया। इस संबंध में सितंबर माह में बरियातू थाना में राजकिशोर साह, सुनील साह, गौतम कुमार, चंदन कुमार सिंह, वापी वैशवाल और विनोद सहित छह अभियुक्तों के विरुद्ध शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गयी थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय पदाधिकारियों ने त्वरित संज्ञान लिया और डीएसपी के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (एसआइटी) का गठन किया गया। इसके बाद लखनऊ मिलिट्री इंटेलिजेंस और बरियातू पुलिस की संयुक्त और त्वरित कार्रवाई करते हुए प्राथमिक अभियुक्तों में से तीन को गिरफ्तार कर लिया गया।गिरफ्तार किये गये अभियुक्तों ने पूछताछ में स्वीकार किया है कि उन्होंने मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस, इंडियन रेलवे समेत केंद्र और राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में नौकरी का झांसा देकर कई लोगों से करीब 1.2 करोड़ रुपये की ठगी की है।

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