Ranchi: सीआईडी टीम ने नामकुम थाना क्षेत्र में एक ट्रेनिंग सेंटर और ऑफिस में मारा छापा….नौकरी लगाने के नाम पर युवक-युवतियों से 25 से 30 हजार लेकर दी जा रही थी मार्केटिंग की ट्रेनिंग
राँची।नामकुम थाना क्षेत्र के घाट रोड केतारी बागान में सीआईडी एएसपी दीपक कुमार के नेतृत्व में सीआईडी टीम और नामकुम और चुटिया थाना की पुलिस ने के दो जगहों पर छापामारी कर रोजगार के नाम पर नौजवानों से ठगी करने का पर्दाफाश किया गया है।सीआइडी टीम ने केतारी बगान घाट रोड स्थित पुष्पांजलि प्लैस के उपर एवं लोअर चुटिया लोटा फेक्ट्री के समीप स्थित आर्यावर्त एसोसिएट के कार्यालय में छापामारी की।छापामारी के क्रम में पुलिस ने पुष्पांजलि प्लैस में ट्रेनिंग करा करे करीब ढेड़ दर्जन युवक-युवती एवं लोअर चुटिया से एक कंप्यूटर ऑपरेटर व एक अन्य युवक को हिरासत में लिया है।सभी को नामकुम थाना में रखकर पूछताछ की जा रही है।वहीं टीम ने लोअर चुटिया से दर्जन भर से ज्यादा मोबाइल, लैपटॉप, प्रिंटर, रबर स्टाम्प, बील, आयुर्वेदिक सामान सहित अन्य सामाज जब्त किया हैं।

छापामारी टीम में सीआईडी एएसपी दीपक कुमार, सीआईडी थाना प्रभारी नवल किशोर के साथ नामकुम थाना के प्रभारी थाना प्रभारी रंजीत कुमार,एसआई शशि कुमार,एएसआई देवेन्द्र सिंह व चुटिया थाना की पुलिस थी।अधिकारियों ने फिलहाल कुछ भी जानकारी देने से इंकार कर दिया है। सिर्फ कहा कि जांच की ज रहीं हैं।
नौकरी दिलवाने के नाम पर ट्रेनों कराकर ठगी की जा रही थी
मिली जानकारी के अनुसार संस्थान के द्वारा विज्ञापन निकाल कर स्किल प्रोग्राम के तहत रोजगार देने का झांसा दिया जाता है।आने वाले युवक-युवतियों को बड़े बड़े सपना दिखाया जाता था। सभी को ट्रैनिंग लेने के बाद रोजगार देने की बात कहकर पैसा लिया जाता था।ट्रेनिंग पूरा होने पर उनसे आयुर्वेदिक सामानों की मार्केटिंग कराईं जाती थी। मार्केटिंग करने में असफल लोगों को हटा दिया जाता था। ट्रेनिंग कर चुके एक छात्र को नौकरी नहीं मिलने पर उसने एक एनजीओ के माध्यम से झारखण्ड सीआईडी में शिकायत की थी। जिसके आधार पर सीआईडी डीजी के निर्देश पर छापामारी की गई।
सैकड़ों युवक युवती ले रहे ट्रेनिंग, एक से ली जाती थी 25 से 30 हजार
ट्रेनिंग ले रहे उत्तर प्रदेश के युवक ने बताया कि रोजगार का आकर्षक विज्ञापन देकर झांसा में लिया जाता है।देश के विभिन्न राज्यों के ग्रामीण क्षेत्रों के सैकड़ों बेरोजगार लोग ट्रेनिंग ले रहे हैं। ट्रेनिंग के नाम पर प्रत्येक युवक-युवती से 25 से 30 हजार लिया जाता है।रहने और खानें की व्यवस्था भी संस्थान करती थीं। ट्रेनिंग के बाद सभी को मार्केटिंग के लिए भेज दिया जाता है।सभी को ठगा जा रहा है।दो समय ही खाने दिया जाता है।

