बालू माफिया और व्यवसायी से लेवी वसूली की योजना से पहले पीएलएफआई के नक्सली हथियार के साथ पुलिस के हत्थे चढ़ गया…
खूंटी।झारखण्ड के खूंटी जिले में पीएलएफआई के फरार सदस्यों ने महीनों बाद जरियागढ़ इलाके में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की योजना बनाने पहुंचा था। लेकिन वारदात को अंजाम देने से पहले ही तीन नक्सलियों को तीन थाना की पुलिस ने संयुक्त अभियान के दौरान गिरफ्तार किया है गिरफ्तार नक्सलियों में गेन्द्र बारला उर्फ लादेन, असीम तोपनो और अजित तोपनो शामिल है। इसके पास से पुलिस ने एक देसी पिस्टल, 2 कारतूस, एक मोबाइल और संगठन का 13 पर्चा बरामद किया है।खूंटी एसपी मनीष टोप्पो ने गिरफ्तारी का खुलासा करते हुए बताया कि एक सूचना मिली थी कि जरियागढ़ इलाके के बकसपुर स्थित झंडा टोंगरी में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहे हैं।क्षेत्र में बालू माफियाओं और व्यापारियों से लेवी और अन्य वारदात को अंजाम बनाने में जुटे है।
इसी सूचना पर डीएसपी क्रिस्टोफर केरकेट्टा के नेतृत्व में एक स्पेशल टीम बनाई गयी। जिसमें रनिया, कर्रा और जरियागढ़ थाना की टीम को शामिल किया गया। गठित टीम ने तकनीकी और मानवीय तरीके से जंगल और आसपास के इलाके की घेराबंदी करते हुए तीनों नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया।गिरफ्तार नक्सलियों ने पुलिस को कई जानकारियां दी हैं।
एसपी ने बताया कि नक्सलियों के बयान पर पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है फिलहाल तीनो को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। एसपी ने बताया कि गेन्द्र बारला पूर्व में जेल से छूटा है और जेल से छूटने के बाद नक्सली संगठन से जुड़कर कांडों को अंजाम देने का काम कर रहा था।एसपी ने बताया कि इन तीनों की गिरफ्तारी के बाद से कर्रा और जरियागढ़ इलाके में नक्सलियों का भय लगभग खत्म हुआ।
इस छापेमारी टीम में डीएसपी क्रिस्टोफर केरकेट्टा, सर्किल इंस्पेक्टर अशोक कुमार, जरियागढ़ थाना प्रभारी राजू कुमार थाना, रनिया प्रभारी विकास कुमार जयसवाल, कर्रा थाना प्रभारी मनीष कुमार थाना, पुअनि कुलदीप रोशन बारी, पुअनि मनीष कुमार सहिय जरियागढ़ और कर्रा और थाना के सशत्र बल सामिल रहे।

