अब तो गिरफ्तार कीजिये….20 हजार इनाम फेल,आईजी का आदेश फेल,लोअर और हाइकोर्ट से भी नहीं मिली राहत…फिर भी नहीं हो रहे हैं आरोपी गिरफ्तार…!
राँची।राँची के हिंदपीढ़ी क्षेत्र के एक परिवार इस आस में है कि अब पुलिस कार्रवाई करेगी,और उसके बेटे पर जानलेवा हमले की आरोपी को सजा देगी और उन्हें शायद इंसाफ मिलेगा।लेकिन पुलिस चार महीने में एक भी आरोपी को नहीं पकड़ पायी है।दरअसल,हिंदपीढ़ी इलाके में एक युवक पर जानलेवा हमले के मामलों में चार आरोपी भाइयों पूर्व वार्ड पार्षद मो असलम, आसिफ हुसैन, अकरम उर्फ राजू एवं दिलावर हुसैन उर्फ मुन्ना को अग्रिम राहत देने से हाइकोर्ट ने इनकार किया है। इससे पहले लोअर कोर्ट ने भी आरोपियों को अग्रिम जमानत देने से इंकार किया था।चारों आरोपी हिंदपीढ़ी थाना क्षेत्र के मोजाहिद नगर निवासी हैं। आरोपियों पर हिंदपीढ़ी थाना क्षेत्र निवासी कलीम का बेटा अप्पू उर्फ इरशाद पर जानलेवा हमला करने का आरोप है। साथ ही जान मारने की नीयत से फायरिंग करने का भी आरोप है। घटना 22 जनवरी 2025 की है। घटना को लेकर कलीम ने बीते 23 जनवरी को चारों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई है। चारों ने अग्रिम जमानत की गुहार लगाते हुए सिविल कोर्ट में अर्जी दाखिल की थी।वहाँ भी आरोपियों को कोई राहत नहीं मिला था।उसके बाद हाइकोर्ट में अग्रिम जमानत कि अर्जी दाखिल किया।हाइकोर्ट ने भी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दिया है।कोर्ट ने आदेश में कहा था कि आरोपों के अनुसार, इन याचिकाकर्ताओं ने अपने 8-10 सहयोगियों के साथ मिलकर सूचक के बेटे पर बेरहमी से हमला किया और उसे मारने के इरादे से उस पर गोलियां चलाईं।याचिकाकर्ता नंबर 1 के खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज है।इसलिए तथ्यों पर विचार करते हुए,इस मामले में अग्रिम जमानत देने के लिए उपयुक्त नहीं लगता।इसलिए,अग्रिम जमानत आवेदन खारिज किया जाता है।

आईजी के आदेश के बाद भी आरोपी गिरफ्तार नहीं हुए..
मामले को लेकर पीड़ित के परिजनों का कहना है की पुलिस आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर रही है।सभी आरोपी मुहल्ले में आराम से घूम रहे है।परिजनों का कहना है कि बीते दिनों आरोपियों की हाइकोर्ट से अग्रिम जमानत याचिका खारिज हुई।ये जानकारी हिंदपीढ़ी थाना पुलिस को है।फिर भी पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं कर रही है।बताया कि इस मामले को लेकर जन शिकायत समाधान केंद्र,पुलिस लाइन राँची में भी गए थे।मामले को लेकर आईजी मनोज कौशिक ने थाना प्रभारी को एक महीने के अंदर आरोपियों को गिरफ्तार करने कहा था।लेकिन पुलिस आजतक गिरफ्तार नहीं कर पायी है।अब हाइकोर्ट से भी आरोपियों की ज़मानत याचिका खारिज हो गई है।बता दें घटना के बाद मुख्य आरोपी सहित अन्य पर राँची पुलिस ने 20 हजार का इनाम भी रखा है।लेकिन पुलिस अब तक आरोपियों को नहीं पकड़ पाई है।
कौन सी घटना में आरोपियों को पहले लोअर कोर्ट फिर हाइकोर्ट ने अग्रिम जमानत देने से इनकार किया..
दरअसल,हिंदपीढ़ी के सेकेंड स्ट्रीट निवासी अप्पू उर्फ इरशाद को युवती को छेड़ने का विरोध करने पर बेरहमी से पिटाई की गई।जिसका वीडियो वायरल हुआ था।वीडियो में पूर्व पार्षद मो. असलम और उसका भाई दिलावर सहित 5 युवक हॉकी और बेंत लिए खड़े हैं और लगातार गाली-गलौज करते हुए डंडे बरसा रहे हैं, जबकि अप्पू जान बख्श देने की गुहार लगा रहा है।आरोपियों को पैर पकड़ने के बाद भी अप्पू पर लगातार डंडे बरसा रहे हैं।एक आरोपी कहता है कि तुम मेरे इतिहास नहीं जानते, तुम मेरे भाई पर हाथ डालने और हथियार सटाने के बारे में नहीं जानते, और आसपास के लोग कहते हैं कि तुम्हारी किस्मत अच्छी है कि इतनी पिटाई कर छोड़ दिया।अप्पू के पिता मो. कलीम ने 22 जनवरी को हिंदपीढ़ी के खेत मोहल्ला स्थित मक्का मस्जिद के पास गली में पूर्व पार्षद असलम और उसके चार भाइयों आशिफ उर्फ आरिफ, दिलावर, मुन्ना और राजू के खिलाफ नामजद FIR दर्ज कराई है, जिसमें 10 अज्ञात लोगोंको भी आरोपी बनाया गया है।पिटाई से बचाने गए पिता को भी लोगों ने पीटा।अप्पू की हालत गंभीर है और उसे रिम्स में भर्ती कराया गया था।जहां काफी दिनों तक इलाज चला।फिलहाल अप्पू खड़े होकर चलने में असमर्थ है।
एफआइआर में कहा गया है कि 19 जनवरी को, असलम का छोटा भाई आशिफ लड़की को छेड़ रहा था।उसने विरोध किया तो आशिफ ने देख लेने की धमकी दी, लेकिन वह इसे गंभीरता से नहीं लिया। 22 जनवरी को, असलम और उसके भाइयों ने अप्पू को पकड़ लिया और उसे बेरहमी से हॉकी और बेंत से पीटा। पिटाई का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस की नींद खुली,लेकिन तब तक सभी आरोपी भाग गए।पुलिस ने पूर्व पार्षद और उसके भाइयों की सूचना देने वाले को 20 हजार रुपए का इनाम देने का ऐलान किया था।

