एनआईए की मिली बड़ी सफलता:चार साल से फरार चल रहा नक्सली मुंबई में गिरफ्तार

 

राँची।राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने बिहार-झारखण्ड में सक्रिय रहे और फरार चल रहे कुख्यात नक्सली चंदन को गिरफ्तार कर लिया है। एनआईए के द्वारा चंदन कुमार की गिरफ्तारी की आधिकारिक रूप से पुष्टि भी की गई है।जिसे मुंबई से गिरफ्तार किया गया है।

एजेंसी ने 2021 के सीपीआई (माओइस्ट) मगध षड्यंत्र मामले में लंबे समय से फरार चल रहे प्रमुख आरोपी नक्सली चंदन को गिरफ्तार कर लिया।चन्दन जहानाबाद (बिहार) का निवासी है और संगठन में सक्रिय सीपीआई (माओइस्ट) सदस्य के रूप में जाना जाता है। खास बात यह है कि आरोपी संगठन के वित्तीय मामलों में गहराई से लिप्त रहा, जो माओवादियों की आर्थिक रीढ़ को मजबूत करने का काम करता था।

एनआईए की विशेष अदालत ने पहले ही चंदन को (भारतीय दंड संहिता) के तहत भगोड़ा घोषित कर दिया था।मामला दिसंबर 2021 में दर्ज किया गया था, जिसका आरसी नंबर है आरसी-05/2021/एनआईए/राँची । इसमें प्रद्युम्न शर्मा, सुनील भगत, अभय मांझी उर्फ गुड्डू, बिट्टू उर्फ योजनंद्र पासवान समेत कई आरोपी नामजद हैं। एनआईए की जांच के अनुसार, यह षड्यंत्र मगध क्षेत्र में सीपीआई (माओइस्ट) को दोबारा मजबूत और विस्तार देने के लिए रचा गया था।

एनआईए की गहन जांच में सामने आया कि गिरफ्तार चंदन ने मगध जोनल कमेटी के जरिए संगठन को फिर से संगठित करने की कोशिश की। इसमें हथियारों का संग्रह, निर्माण और वितरण प्रमुख गतिविधियां थीं।आरोपी विभिन्न जांच एजेंसियों की नजरों से बचने के लिए मजदूर के भेष में भी काफी दिन तक छुपा रहा। लेकिन इसी दौरान वह ग्रामीण इलाकों में सक्रिय अपने एजेंट्स (ग्राउंड वर्कर्स या जीडब्ल्यूएस) के माध्यम से संगठन को निर्देशित करता रहा ये एजेंट स्थानीय स्तर पर लेवी वसूली, भर्ती और हथियार सप्लाई का काम संभालते थे।

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