बोकारो से अपह्रत ठेका कर्मी की हत्या,मुख्य आरोपी ओडिशा से गिरफ्तार…पांचवें दिन गिरिडीह में मिली लाश….
बोकारो/गिरिडीह।झारखण्ड के बोकारो जिले के हरला थाना अंतर्गत सेक्टर आठ से अपह्रत ठेका कर्मी जयंत कुमार सिंह की हत्या कर दी गई है।सोमवार को जयंत की लाश पीरटांड़ थाना इलाके के जलेबियाघाटी से मिली है। शव को बोकारो पुलिस ने कब्जे में ले लिया है और अपने साथ लेकर चली गई है।इस घटना को लेकर बताया गया कि 10 दिसंबर की रात लगभग 10 बजे बोकारो के भागलपुर मोड़ से जयंत का अपहरण किया गया। जयंत की पत्नी अमृता सिंह ने इसे लेकर एफआईआर दर्ज करवायी थी। अगवा करने का आरोप विनोद खोपड़ी समेत अन्य पर लगाया गया था। पुलिस मामले की छानबीन में जुटी थी।इस बीच पुलिस को पता चला कि आरोपी विनोद खोपड़ी ओडिशा में है। बोकारो पुलिस की टीम ने विनोद पर दबिश बनाया और उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद विनोद से पूछताछ हुई तो उसने जयंत की हत्या की बात स्वीकार कर ली।यह भी बताया कि लाश को गिरिडीह जिला के जंगल में फेंका गया है।ऐसे में सोमवार को विनोद खोपड़ी के साथ बोकारो पुलिस गिरिडीह पहुंची।यहां पहले निमियाघाट थाना इलाके में छानबीन हुई। फिर गिरिडीह पुलिस के साथ टीम पीरटांड़ के जलेबिया घाटी पहुंची और यहीं से लाश को बरामद किया गया।
डुमरी एसडीपीओ ने बताया कि बोकारो से अपह्रत एक व्यक्ति की लाश गिरिडीह जिला के पीरटांड़ थाना इलाके के जलेबियाघाटी की खाई से बरामद की गई है। शव को बोकारो पुलिस अपने साथ ले गई है। बाकी विस्तृत जानकारी बोकारो पुलिस ही दे सकती है।
बता दें कि 10 दिसंबर को सेक्टर – 8A निवासी जयंत सिंह का अपहरण हो गया था और उनकी पत्नी अमृता सिंह ने 11 दिसंबर को हरला थाना में कांड संख्या – 185/ 2025 दर्ज करवाया था। इसमें इस अपहरण के लिए उन्होंने विनोद कुमार उर्फ विनोद खोपड़ी और मुकेश राय को नामजद अभियुक्त बनाया था। 14 दिसंबर को बोकारो पुलिस ने भुनेश्वर के एक होटल से विनोद को गिरफ्तार किया और सड़क मार्ग से आज बोकारो के नावाडीह थाना ले आई। उसके बाद विनोद की जानकारी पर गिरिडीह के पीरटाड़ से जयंत की लाश मिली।
इधर क्षेत्र में चल रही बातों के अनुसार गाड़ी की खरीद बिक्री तथा वर्चस्व को लेकर विनोद खोपड़ी और जयंत में विवाद हुआ था। कहा जा रहा है कि फोन पर विवाद बढ़ने के बाद विनोद ने अपने साथियों के साथ मिलकर जयंत को उठाया। अपहरण करने के बाद जयंत के साथ मारपीट हुई और उसकी हत्या करते हुए शव को जलेबियाघाटी के खाई में फेंक दी गई थी।घटना को अंजाम देने के बाद विनोद खोपड़ी ओड़िशा फरार हो गया था।

