कुकर,चाकू और कैंची से मर्डर… हैदराबाद की रेणु अग्रवाल के कातिल राँची से गिरफ्तार…
राँची।हैदराबाद के हाईप्रोफाइल सोसायटी कुकाटपुल्ली निवासी स्टील व्यवसायी राकेश अग्रवाल की पत्नी रेणु अग्रवाल हत्याकांड मामले में हैदराबाद पुलिस ने राँची पुलिस के सहयोग से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।गिरफ्तार आरोपी में एक का नाम रोशन और दूसरे का नाम हर्ष है।दोनों सुखदेवनगर थाना क्षेत्र के कांके डैम साइड इलाके के रहने वाले हैं।दोनों को शनिवार को न्यायालय में प्रस्तुत किया, फिर पुलिस दोनों आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर लेकर हैदराबाद के लिए रवाना हो गयी है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर कुछ जेवरात भी बरामद किये हैं।बरामद जेवरात आर्टिफिशियल हैं। बताया जाता है कि हर्ष को नशे का लत भी है।नशे की लत छुड़ाने के लिए उसे पूर्व में पुनर्वास केंद्र में भर्ती भी कराया जा चुका है।जांच में यह भी पता चला था कि रेणु अग्रवाल ने हर्ष को 11 दिन पहले ही नौकरी पर रखा था। जिसने अपने साथी रोशन के साथ मिलकर इस जघन्य घटना को अंजाम दिया था।जांच में यह भी पता चला था कि आरोपियों ने घटना को अंजाम देने से पहले रेणु अग्रवाल से लॉकर की चाबी की मांग की थी। जब उन्होंने इसका विरोध किया, तब आरोपियों ने पहले उन्हें टॉर्चर किया।हत्या की घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी जेवरात सहित अन्य सामान लेकर वहां से भाग निकले। घटना के दौरान रेणु अग्रवाल फ्लैट में अकेली थीं।घटना से पहले राकेश अग्रवाल अपने पुत्र को साथ लेकर कंपनी में चले गये थे। शाम को राकेश अग्रवाल को घटना की जानकारी तब मिली, जब फोन करने पर भी उनकी पत्नी ने फोन रिसीव नहीं किया था।इसके बाद फ्लैट पहुंचे, तब घटना की जानकारी मिली।जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि दोनों आरोपी झारखण्ड के रहने वाले हैं और हर्ष को कोलकाता की एक एजेंसी के जरिये काम पर रखा गया था। घटना के बाद दोनों आरोपियों ने खून लगे कपड़े वहीं छोड़ दिये थे और नहाने के बाद कपड़ा बदलकर भाग निकले थे, ताकि किसी को कोई संदेह नहीं हो।दोनों अपार्टमेंट में लगे सीसीटीवी कैमरे में एक साथ जाते हुए नजर भी आये थे, जिसके बाद इसकी तलाशी शुरू की गयी।
कुकर, चाकू और कैंची से मर्डर… रेणु अग्रवाल के कातिल ने दिलदहला देने वाली वारदात को अंजाम दिया। पढ़ें पूरी सनसनीखेज कहानी…
हैदराबाद की एक सुरक्षित समझी जाने वाली हाई-प्रोफाइल सोसायटी में कत्ल का ऐसा मंजर सामने आया कि देखने वालों की रूह कांप उठी। वहां 50 साल की रेणु अग्रवाल की बेरहमी से हत्या कर दी गई।कातिल कोई बाहरी नहीं बल्कि घर के वो नौकर थे, जिन पर भरोसा कर परिवार ने घर में जगह दी थी। जिस तरह से कत्ल की वारदात को अंजाम दिया गया, वो तरीका किसी फिल्मी सीन से कम नहीं लगता।लेकिन असलियत में ये वारदात एक रियल लाइफ क्राइम स्टोरी बन गई। इस वारदात ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी और यह सवाल खड़ा कर दिया कि आखिर नौकरों या घर में काम करने वाले स्टाफ पर भरोसा कैसे किया जाए।
हैदराबाद की इस कहानी का आगाज़ कुकटपल्ली के हाई प्रोफाइल स्वान लेक अपार्टमेंट से होता है।जहां 50 वर्षीय महिला रेणु अग्रवाल की बेरहमी से हत्या कर दी गई। रेणु, शहर के स्टील कारोबारी राकेश अग्रवाल की पत्नी थीं।इस हत्याकांड से इलाके में सनसनी फैल गई। शुरुआती जांच में सामने आया कि वारदात को घर में काम करने वाले नोकरों ने ही अंजाम दिया और हत्या के बाद फरार हो गए।
बुधवार सुबह जब राकेश और उनका बेटा शोरूम के लिए निकले, तब रेणु घर में अकेली थीं।रोज की तरह शाम लगभग 5 बजे राकेश ने पत्नी को फोन किया।लेकिन इस बार उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। राकेश ने सोचा कि शायद बिजी होंगी। लेकिन बार-बार कॉल करने पर भी कोई जवाब नहीं मिला।कॉल बैक तक न आने से उन्हें अनहोनी का अंदेशा हुआ और वे जल्दबाजी में घर पहुंचे।घर पहुंचकर राकेश ने घंटी बजाई, लेकिन अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। डर के कारण उन्होंने सोसायटी की मदद ली और एक प्लंबर की सहायता से फ्लैट की बालकनी से अंदर दाखिल हुए। अंदर का मंजर देखकर उनकी रूह कांप गई।पत्नी रेणु के हाथ-पांव बंधे थे और उनकी लाश खून से लथपथ जमीन पर पड़ी थी।घर की अलमारियां खुली हुई थीं और सारा सामान बिखरा पड़ा था।
पुलिस की जांच में सामने आया कि रेणु के शरीर पर कई जगह गहरे घाव थे।उनके सिर पर प्रेशर कुकर से कई वार किए गए थे। इसके बाद गले पर चाकू से हमला किया गया।इतना ही नहीं, कैंची से चेहरे और सीने के आसपास भी कई घाव किए गए
। यह सब सुनियोजित तरीके से किया गया ताकि महिला की मौत तुरंत हो जाए और आरोपी लूटपाट कर भाग सकें।
रेणु के सारे जेवर और अलमारी में रखे करीब चार तोला सोना और एक लाख रुपये कैश गायब थे।पुलिस को शक हुआ कि यह काम बाहर के किसी चोर का नहीं, बल्कि घर के अंदरूनी व्यक्ति का है।जांच के बाद पता चला कि लगभग 10 दिन पहले ही परिवार ने कोलकाता की एक एजेंसी के जरिए झारखण्ड के रहने वाले हर्षा नामक नौकर को काम पर रखा था।
जांच में खुलासा हुआ कि हर्षा ने उसी अपार्टमेंट की 14वीं मंजिल पर काम करने वाले रौशन नामक एक अन्य नौकर को बुलाया। दोनों ने मिलकर वारदात की साजिश रची। दोनों ने पहले रेणु के हाथ-पांव बांधे और फिर बेरहमी से हमला कर दिया। हत्या के बाद दोनों ने घर का कीमती सामान समेटा और भागने की तैयारी शुरू की।
आरोपियों की हैवानियत यहीं खत्म नहीं हुई। दोनों आरोपी वारदात को अंजाम देने के बाद आराम से घर के बाथरूम में नहाए।खून से सने कपड़े वहीं छोड़ दिए और साफ कपड़े पहने, परफ्यूम लगाया और फिर सामान्य अंदाज में सोसायटी से बाहर निकले। उनके चेहरे पर कोई घबराहट नहीं थी, इसलिए किसी को उन पर शक भी नहीं हुआ।
सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि शाम 5 बजकर 2 मिनट पर दोनों आरोपी अपार्टमेंट की लिफ्ट से नीचे उतरे। फिर वे दोनों रेणु की ही स्कूटी लेकर फरार हो गए।उस फुटेज के आधार पर पुलिस ने दोनों की पहचान की और तलाश शुरू कर दी। पुलिस को शक हुआ कि वे राँची की ओर भाग गए होंगे
पुलिस की क्लूज़ टीम ने घटनास्थल से उंगलियों के निशान और अन्य सबूत इकट्ठा किए हैं।मृतकी की लाश पोस्टमॉर्टम के लिए भेजी गई। इस सनसनीखेज हत्या और लूट के मामले में पुलिस ने बीएनएस की धारा 103(1) के तहत हत्या का केस दर्ज किया है।पुलिस की पांच टीमें आरोपियों की तलाश में जुटी।और कामयाबी मिल गई।
रेणु अग्रवाल हत्याकांड ने पूरे शहर को हिला दिया है।जिस सोसायटी को सुरक्षित माना जाता था, वहीं इस तरह की वारदात से लोग सहमे हुए हैं. स्थानीय लोग भी इस हत्या से स्तब्ध हैं।

