देर रात बस में गूंजी किलकारी,राँची आ रही गर्भवती महिला का रास्ते में कराया गया प्रसव…पुलिस,डॉक्टर और यात्रियों ने मिलकर मानवता की मिसाल पेश की…
कोडरमा।झारखण्ड के कोडरमा जिले में कल रविवार की रात डॉक्टर और पुलिस ने मिलकर मानवता की ऐसी मिसाल पेश की, जिसे देख हर कोई उनकी वाहवाही करने लगा।कोडरमा पुलिस व डॉ प्रवीण कुमार ने मिलकर देर रात भारी बारिश के बीच प्रसव पीड़ा से परेशान एक महिला का बस में सुरक्षित प्रसव कराया। प्रसव के बाद जच्चा व बच्चा दोनों सुरक्षित हैं।महिला ने बच्ची को जन्म दिया है। बस में देर रात महिला की डिलीवरी कराए जाने का यह मामला अब चर्चा का विषय बन गया है।

इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार 20 वर्षीय राधा देवी अपनी माँ मीना देवी व बहन के साथ श्री साईं नामक यात्री बस से वैशाली पटना से राँची के कांटाटोली स्थित अपने घर जा रही थी।राधा को 2 अगस्त की डिलीवरी डेट दी गयी थी। इस लिए उसकी माँ उसे राँची ले जा रही थी। राधा बस के स्लीपर कोच में सोयी हुई थी।इसी दौरान कोडरमा पास अचानक उसे प्रसव पीड़ा होने लगी। राधा की स्थिति देख बस में बैठे अन्य यात्रियों व परिजनों ने मदद का प्रयास किया, लेकिन राधा की प्रसव पीड़ा बढ़ती चली गयी।
महिला की स्थिति बिगड़ता देख अस्पताल की तलाश में बस को तिलैया लाकर महिला को यहां किसी अस्पताल में ले जाने का प्रयास किया गया।बारिश के बीच कुछ समझ नहीं आने पर बस चालक ने राँची-पटना रोड पर रेलवे ओवरब्रिज के पास खड़ी पीसीआर टीम से मदद मांगी। पुलिस ने तुरंत पहल की और बस को लेकर महिला को अस्पताल पहुंचाने का प्रयास शुरू किया गया। रात होने की वजह से दो-तीन अस्पतालों में डॉक्टर नहीं मिले।ऐसे में पुलिस टीम में शामिल ओमप्रकाश व अन्य बस सहित महिला को लेकर बाईपास रोड में संचालित आर्यन हॉस्पीटल पहुंचे और डॉक्टर प्रवीण कुमार से संपर्क किया।
डॉ़ प्रवीण अपने मेडिकल स्टाफ के साथ तुरंत सड़क किनारे खड़ी बस में पहुंचे।महिला की स्थिति देख उसे स्लीपर कोच से उतारकर अस्पताल ले जाना संभव नहीं लगा।इस स्थिति में मेडिकल टीम को बस में ही डिलीवरी कराने का इंतजाम देकर महिला का सुरक्षित प्रसव कराया गया।महिला ने रात करीब 2:40 बजे स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया।
पूरे मामले में पुलिस व डॉक्टर के साथ बस में बैठे यात्रियों की भूमिका भी मानवता का अलग संदेश देती दिखी।जब तक महिला का सुरक्षित प्रसव नहीं हुआ सभी यात्री बारिश के बीच इंतजार करते रहे। बस में महिला को नॉर्मल डिलीवरी के बाद जैसे ही स्वस्थ बच्ची का जन्म हुआ सभी यात्री खुशी से झूम उठे। बाद में जच्चा-बच्चा को अपनी निगरारी में डॉ़ प्रवीण ने अस्पताल में भर्ती कराया।यहां सोमवार को उचित इलाज व परामर्श के बाद महिला को छुट्टी दे दी गयी।
राधा की मां मीना देवी ने एक दैनिक अखबार के पत्रकार को बताया कि डिलीवरी का डेट दो अगस्त दिया गया था।मुझे भी पथरी का ऑपरेशन करवाना था। ऐसे में सोचा कि बेटी को साथ ले आएंगे तो उसका भी यहां ठीक से देखरेख हो जाएगा, पर राँची आने के क्रम में प्रसव पीड़ा के बाद पुलिस व डॉ प्रवीण ने पूरी मदद की।मेरी बेटी का बस में सुरक्षित प्रसव कराया।मीना ने बताया कि राधा का पति मुंबई में मजदूरी का काम करता है। राधा को पहले से एक पुत्री है।

