खूंटी पुलिस ने सुखराम पूर्ति हत्याकांड का दो महीने बाद किया खुलासा…अफीम की खरीद-बिक्री को लेकर हुई थी हत्या,दो गिरफ्तार

 

खूँटी।झारखण्ड के खूँटी जिले के अड़की और चाईबासा के बंदगांव थाना क्षेत्र के सीमावर्ती गांव बकमा के पास जंगल से 12 मई को एक अज्ञात व्यक्ति का शव बरामद किया गया था।घटना के दो माह बाद पुलिस ने उसकी हत्या की गुत्थी सुलझा ली है।जांच में मृतक की पहचान सायको थाना क्षेत्र के उबुरू गांव निवासी सुखराम पूर्ति (23) के रूप में की गयी।उसकी हत्या अफीम की खरीद-बिक्री को लेकर की गयी थी। पुलिस ने उसकी हत्या के आरोप में अड़की थाना क्षेत्र के साके गांव निवासी जिदन हेम्ब्रम उर्फ हीरो और पश्चिम सिंहभूम के टेबो थाना क्षेत्र के गोबाई गांव निवासी नेल्सन बोदरा को गिरफ्तार किया है। वहीं उनके पास से हत्या में प्रयुक्त स्कूटी और मोबाइल फोन जब्त किया गया है।इसकी जानकारी शनिवार को एसडीपीओ वरुण रजक ने प्रेस कांफ्रेंस कर दी।

उन्होंने बताया कि घटना की जांच के लिए एक एसआइटी का गठन किया गया था। एसआइटी ने गुप्त सूचना और तकनीकी अनुसंधान के आधार पर जिदन हेम्ब्रम से पूछताछ की। जिसमें उसने घटना में अपनी संलिप्तता को स्वीकार किया।वहीं बताया कि उसने अन्य लोगों के साथ मिल कर घटना को अंजाम दिया। उसने बताया कि अफीम की खरीद-बिक्री को लेकर उसकी हत्या की।वहीं साक्ष्य को छुपाने को लेकर शव को जंगल-झाड़ी में फेंक दिया था। गिरफ्तार आरोपी जिदन हेम्ब्रम नक्सली था।उसके ऊपर पूर्व से अड़की थाना में दो मामले दर्ज हैं। उसने 15 अप्रैल 2020 को अड़की थाना क्षेत्र के बोहंडा में एक व्यक्ति की गोली मार कर हत्या कर दी थी। जिसमें वह जेल भी जा चुका है।वहीं दूसरे मामले में 23 जुलाई 2021 को उसे विस्फोटक सामग्री और नक्सली पर्चा के साथ गिरफ्तार किया गया था। एसडीपीओ वरुण रजक ने बताया कि मृतक सुखराम पूर्ति भी आपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति था। वह नक्सली गतिविधियों में शामिल था।उसके खिलाफ मुरहू में एक, सायको में आठ और अड़की में तीन मामले दर्ज है।गिरफ्तारी अभियान में एसडीपीओ वरुण रजक, इंस्पेक्टर किशुन दास, पुअनि सुधीर कुमार यादव, रोशन खाखा और सशस्त्र बल शामिल थे।

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