खूँटी:कांग्रेस नेता सुमित तिग्गा हत्याकांड का खुलासा,दो आरोपी गिरफ्तार…
खूँटी।झारखण्ड के खूँटी जिले में जमीन खरीद-बिक्री में हिस्सेदारी के 85 हजार रुपये को लेकर उपजे विवाद ने दोस्ती की डोर को खून से रंग दिया गया। कर्रा थाना क्षेत्र के गुयू गांव में कांग्रेस नेता सुमित तिग्गा की हत्या के मामले का खुलासा खूँटी पुलिस ने कर लिया है।पुलिस ने हत्या में शामिल मृतक के दो दोस्तों संजय बालमुचू और दशरथ मुंडा को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपी गुयू गांव के ही निवासी हैं।एसपी मनीष टोप्पो ने बताया कि 22 दिसंबर की शाम सुमित तिग्गा की गांव के पास जंगल में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।टीम लगातार सुराग की तलाश में थी।इसी बीच शनिवार को गुप्त सूचना मिली कि दोनों आरोपी अपने घरों में छिपे हुए हैं। तोरपा एएसपी ख्रिस्टोफर केरकेट्टा के नेतृत्व में गठित छापेमारी दल ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों को धर दबोचा।
पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार करते हुए कहा कि जमीन बिक्री से मिले पैसे में सुमित ने उन्हें 85 हजार रुपये नहीं दिए थे।इसी रंजिश में उन्होंने सुमित की हत्या की योजना बनाई।पुलिस ने उनके पास से एक देसी कट्टा, एक जिंदा गोली और एक मोबाइल फोन बरामद किया है। आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। छापेमारी दल में एएसपी के साथ कर्रा थाना के पुलिस अवर निरीक्षक दीपक कांत कुमार, जीतेंद्र राम, जुगेश सिंह, सुनील कुमार दास सहित रिजर्व गार्ड के जवान शामिल थे।
इधर,खूँटी पुलिस ने एक अन्य हत्या के मामले का भी खुलासा किया है। रनिया थाना क्षेत्र के कोयल नदी डोंगा घाट से 23 दिसंबर को बरामद अज्ञात शव की पहचान सिमडेगा जिले के रोमजोल गांव निवासी बीबीएल मड़की के रूप में की गई है। एसपी मनीष टोप्पो ने बताया कि जांच में सामने आया कि बीबीएल की हत्या उसी के परिचित नितिर मड़की उर्फ नितिन ने की थी।दोनों नदी पार कर रहे थे, तभी किसी बात पर गाली-गलौज शुरू हो गई। इसी दौरान गुस्से में आकर नितिर ने बीबीएल को नदी के बीच जोर से धक्का दे दिया। धक्का लगने से बीबीएल पास की चट्टान से टकरा गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई थी।आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है।

