झारखण्ड पुलिस को मिलीं नई गाड़ियां,सीएम हेमंत सोरेन ने कहा-कानून व्यवस्था मजबूत करने में मिलेगी मदद…
राँची।झारखण्ड में कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने पुलिस विभाग को नई दोपहिया और चार पहिया वाहन उपलब्ध कराए हैं। इसके लिए विधानसभा में शुक्रवार को आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इन वाहनों को पुलिस को सौंपते हुए कहा कि इससे पुलिस की कार्यक्षमता बढ़ेगी और किसी भी घटना स्थल पर तेजी से पहुंचकर त्वरित कार्रवाई करना संभव हो सकेगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक संसाधनों से लैस पुलिस बल ही बेहतर तरीके से कानून-व्यवस्था को संभाल सकता है। नए वाहनों के मिलने से पुलिस की गतिशीलता बढ़ेगी और वे दूर-दराज के इलाकों में भी कम समय में पहुंच सकेंगे। उन्होंने कहा कि कई बार घटनास्थल तक पहुंचने में देरी होने के कारण अपराधियों को भागने का मौका मिल जाता है। ऐसे में नई दोपहिया और चार पहिया वाहनों की उपलब्धता से पुलिस की प्रतिक्रिया समय में सुधार होगा और अपराध नियंत्रण में भी मदद मिलेगी।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने युवाओं को नियुक्ति पत्र भी सौंपे।उन्होंने कहा कि ये युवा आने वाले समय में राज्य की सेवा करेंगे और कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। मुख्यमंत्री ने नियुक्ति पाने वाले युवाओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उन्हें पूरी ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का पालन करना चाहिए।उन्होंने उम्मीद जताई कि नई ऊर्जा और उत्साह के साथ ये युवा पुलिस व्यवस्था को और प्रभावी बनाएंगे।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है।समाज के हर नागरिक की इसमें महत्वपूर्ण भूमिका होती है।उन्होंने कहा कि यदि समाज जागरूक और जिम्मेदार हो तो कई अपराध होने से पहले ही रोके जा सकते हैं। प्रशासन और समाज के बीच बेहतर तालमेल से ही सुरक्षित वातावरण बनाया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने उदाहरण देते हुए कहा कि कई जगहों पर लोग इतने अनुशासित और जागरूक होते हैं कि चौराहों पर पुलिस की मौजूदगी बहुत कम दिखाई देती है, फिर भी व्यवस्था बनी रहती है।उन्होंने कहा कि यह तभी संभव होता है जब नागरिक खुद जिम्मेदारी निभाते हैं और नियमों का पालन करते हैं।समाज और प्रशासन यदि मिलकर काम करें तो राज्य में कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पुलिस बल को आधुनिक संसाधनों से लैस करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है, ताकि झारखंड में सुरक्षा व्यवस्था और अधिक प्रभावी बन सके।
इधर झारखण्ड पुलिस मुख्यालय की ओर से प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि झारखण्ड में पुलिस व्यवस्था को और अधिक सुदृढ एवं आधुनिक बनाने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। इस क्रम में पुलिस विभाग के लिए बड़ी संख्या में नए वाहनों, आधुनिक सुरक्षा उपकरणों तथा पुलिस भवनों के निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई है।
राज्य के सभी थानों की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए 636 चार पहिया वाहन (Mahindra Bolero) तथा 849 दो पहिया वाहन (TVS Apache) मुख्यमंत्री द्वारा झारखण्ड की आम जनता के सुरक्षार्थ राज्य के सभी जिलो के लिए वितरित किया गया।
झारखण्ड राज्य के गठन के बाद पहली बार इतने बड़े पैमाने पर पुलिस वाहनों की आपूर्ति की गई है। इन वाहनों का उपयोग विशेष रूप से डायल 112, आपातकालीन सेवा के माध्यम से आम नागरिकों को समय पर सहायता पहुँचाने में किया जायेगा तथा राज्य में सुरक्षा व्यवस्था और अधिक प्रभावी होगी।
जिलावार आवंटित वाहनों की विवरणी
क्र.सं:जिला/इकाई का नाम:आवंटित Mahindra Bolero B6 की संख्या: आवंटित TVS Apache की संख्या:
1.बोकारो | 39 | 53
2.चाईबासा (प० सिंहभूम) | 40 | 47
3.चतरा | 19 | 22
4.देवघर | 28 | 39
5.धनबाद | 40 | 45
6.दुमका | 20 | 28
7.गढ़वा | 21 | 29
8.गिरिडीह | 32 | 39
9.गोड्डा | 17 | 33
10.गुमला | 22 | 29
11.हजारीबाग | 28 | 42
12.जमशेदपुर (पू० सिंहभूम) | 51 | 89
13.जामताड़ा | 14 | 18
14.खूंटी | 14 | 12
15.कोडरमा | 14 | 21
16.लातेहार | 18 | 15
17.लोहरदगा | 14 | 19
18.पाकुड़ | 11 | 18
19.पलामू | 31 | 36
20.रामगढ़ | 13 | 19
21.राँची | 88 | 73
22.साहिबगंज | 14 | 27
23.सरायकेला-खरसावां | 19 | 26
24.सिमडेगा | 15 | 28
25.HQRT, झारखण्ड, राँची | 14 | 42
कुल:- 636 चार पहिया, 849 दो पहिया
उल्लेखनीय है कि वितीय वर्ष 2025-2026 में ही 900 Bajaj Pulsar, 50 Royal Enfield Hunter. 05 Tata Bus, 06 JCB, 04 Water Tanker, 03 Prison Van और 05 Riot Intervention Vehicle (Vajra) का क्रय कर संबंधित जिलों को आवंटन किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त 04 Bullet Proof “Rakshak” वाहन, 09 Mahindra Bolero तथा 03 Mahindra Scorpio वाहन का क्रय किया गया है, जिन्हें विभिन्न जिलों और इकाइयों में आवंटित किया जा रहा है।
नए वाहनों की क्षमताएँ
प्रत्येक वाहन में Wireless Set एवं MDT Tab स्थापित किया जाएगा, जिससे वाहनों का कमांड एंड कट्रोल सेटर से सीधा सपर्क बना रहेगा तथा घटनास्थल से सबंधित सूचनाओं का त्त्वरित आदान-प्रदान संभव होगा।
इन संसाधनों के समावेशन से आम नागरिकों को आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित सहायता (Quick Response) उपलब्ध कराना संभव हो सकेगा। इन वाहनों के संचालन से कमांड एंड कंट्रोल सेंटर द्वारा निकटतम उपलब्ध वाहन को तत्काल घटनास्थल के लिए प्रेषित किया जा सकेगा, जिससे गोल्डन ऑवर के दौरान त्वरित पुलिस सहायता सुनिश्चित होगी।
नए वाहनों एवं आधुनिक उपकरणों के समावेशन से Dial 112 प्रणाली की कार्यक्षमता एवं प्रतिक्रिया समय में सुधार होगा। इस व्यवस्था के लागू होने से ERSS Dial 112 प्रणाली और अधिक प्रभावी एवं सुदृढ़ होगी, जिससे आम नागरिकों की सुरक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाया जा सकेगा।
सभी वाहनों को GPS आधारित ट्रैकिंग प्रणाली से जोड़ा जाएगा, जिससे वाहनों की वास्तविक समय (Real Time) लोकेशन की निगरानी एवं नियंत्रण संभव होगा।
संयुक्त पुलिस थाना निर्माण
पुलिस अवसंरचना के विकास के लिए राज्य के 12 जिलों में संयुक्त पुलिस थाना निर्माण झारखण्ड पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन लि० (JPHCL) द्वारा किया जा रहा है जिसका शिलान्यास आज मुख्यमंत्री द्वारा किया गया है।
राज्य के 12 जिलों:- दुमका, पूर्वी सिंहभूम, गुमला, राँची, बोकारो, चतरा, देवघर, धनबाद, गढ़वा, गिरिडीह, हजारीबाग और पलामू में G+6 संयुक्त पुलिस स्टेशन तथा ए०एच०टी०यू० थाना, साइबर थाना, एसटी/एससी थाना एवं महिला थाना को एक ही परिसर में स्थापित करने के लिए संयुक्त थाना भवन का निर्माण कराया जा रहा है, जो राज्य में नये कीर्तिमान को स्थापित करेगा।
साथ ही इस अवसर पर राज्य विधि विज्ञान प्रयोगशाला में चयनित 09 वैज्ञानिक सहायकों को नियुक्ति पत्र वितरण किया गया है, जिससे काण्डों के वैज्ञानिक अनुसंधान में उल्लेखनीय सफलता हासिल होगी।
राज्य सरकार आम जन की सुरक्षा के लिए सदैव तत्पर है। संयुक्त पुलिस थाना भवन मानव तस्करी एवं साईबर अपराध पर कड़ी कार्रवाई, महिला एवं एस०सी०/एस०टी० की सुरक्षा एवं कानूनी संरक्षण के लिए झारखण्ड वासियों के हित में और अधिक क्षमता से कार्य करेगा। आधुनिक तकनीक से लैस वाहन आम जन की सुरक्षा को और सुदृढ बनाएंगे।

