राँची से जमशेदपुर तक आयकर का एक्शन…बाबा राइस मिल ग्रुप के ठिकानों पर छापेमारी..

 

राँची/जमशेदपुर।झारखण्ड की राजधानी राँची में गुरुवार को आयकर विभाग ने बड़ी और सुनियोजित कार्रवाई करते हुए बाबा राइस मिल ग्रुप से जुड़े कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की।आयकर विभाग की कई टीमें एक साथ कांके रोड, रातू रोड समेत शहर के अलग-अलग इलाकों में पहुंचीं और मिल व उसके संचालकों से जुड़े दस्तावेजों की गहन जांच शुरू कर दी।

यह कार्रवाई इतनी गोपनीय रखी गई कि स्थानीय पुलिस को भी इसकी पूर्व जानकारी नहीं दी गई थी। अचानक हुई इस कार्रवाई से शहर के कारोबारी जगत में हड़कंप मच गया है। बताया जा रहा है कि छापेमारी केवल राँची तक सीमित नहीं है, बल्कि झारखण्ड के अन्य जिलों में भी आयकर विभाग की टीमें एकसाथ जांच में जुटी हैं।

राँची के पिस्का नगड़ी थाना क्षेत्र के बंधेया इलाके में स्थित बाबा राइस के आटा और चावल मिल प्लांट पर भी आयकर विभाग की टीम ने छापा मारा है। यहां मशीनों, स्टॉक रजिस्टर, बिल-बुक, कंप्यूटर और डिजिटल रिकॉर्ड की बारीकी से जांच की जा रही है।

इसके अलावा नगड़ी के बांध टोली क्षेत्र में स्थित बाबा राइस के एक अन्य प्लांट पर भी अलग टीम द्वारा कार्रवाई की जा रही है। दोनों ही स्थानों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। बिना अनुमति किसी को भी अंदर या बाहर जाने की इजाजत नहीं दी जा रही है।

इधर जमशेदपुर में भी आयकर विभाग की अनुसंधान शाखा ने कार्रवाई तेज कर दी है। बिष्टुपुर थाना क्षेत्र के सर्किट हाउस रोड नंबर-3 स्थित 33सी नंबर बंगले में सुबह से विभाग की टीम मौजूद है। यह आवास कारोबारी मनोज चौधरी का बताया जा रहा है।टीम द्वारा घर के अंदर वित्तीय दस्तावेजों, खातों और अन्य महत्वपूर्ण रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। इसके अलावा हजारीबाग और अन्य जिलों में भी विभाग की टीमें अलग-अलग ठिकानों पर दस्तावेज खंगाल रही हैं। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा के मद्देनजर संबंधित स्थानों पर पुलिस बल की तैनाती की गई है।

सूत्रों के मुताबिक आयकर विभाग को बाबा राइस मिल ग्रुप से जुड़े टैक्स चोरी, संदिग्ध वित्तीय लेन-देन और आय से अधिक संपत्ति को लेकर अहम इनपुट मिले थे। इसी आधार पर यह व्यापक और एकसाथ कार्रवाई की गई है। विभाग की टीमें मिल के अकाउंट, बैंक ट्रांजेक्शन, निवेश और कारोबार से जुड़े तमाम वित्तीय दस्तावेजों की गहन जांच कर रही हैं।

जांच के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं। फिलहाल आयकर विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। विभाग का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट की जाएगी।

अपडेट 2 :आयकर विभाग ने बाबा ग्रुप और चावल के कारोबार से जुड़े व्यापारियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. इस कार्रवाई के तहत झारखंड और बिहार में एक साथ छापेमारी की गई. आयकर विभाग की टीमों ने दोनों राज्यों में कुल 45 ठिकानों की तलाशी ली. मिली जानकारी के अनुसार, रांची में 15 जगहों पर छापेमारी हुई. बिहार के गया और औरंगाबाद में 10-10 ठिकानों पर आयकर अधिकारियों ने जांच की. इसके अलावा जमशेदपुर और पटना में भी बाबा ग्रुप और चावल व्यापार से जुड़े कई ठिकानों की तलाशी ली गई।

 

छापेमारी के दौरान चावल के कच्चे कारोबार से जुड़े करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेनदेन से जुड़े डॉक्यूमेंट बरामद किए गए हैं. आयकर विभाग के अधिकारी इन डाक्यूमेंट्स की बारीकी से जांच कर रहे हैं, ताकि टैक्स चोरी और काले धन से जुड़े मामलों की सच्चाई सामने आ सके।

इस अभियान के तहत बाबा एग्रो फूड और बाबा एग्रो फूड प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड के दफ्तरों के साथ-साथ रांची, गया और औरंगाबाद में चावल के करीब 15 आढ़तिया कारोबारियों के ठिकानों पर भी छापे मारे गए. यह कार्रवाई 29 जनवरी को एक साथ रांची, जमशेदपुर, पटना, औरंगाबाद और गया में शुरू की गई थी।

आयकर विभाग की टीमें कारोबारियों से जुड़े चार्टर्ड अकाउंटेंट और अकाउंटेंट्स के ठिकानों पर भी पहुंचीं. बताया जा रहा है कि छापेमारी की सूचना मिलते ही कुछ अकाउंटेंट मौके से फरार हो गए, जिनकी तलाश की जा रही है. इस बड़े ऑपरेशन में करीब 500 आयकर अधिकारी और कर्मचारी शामिल थे।

बाबा एग्रो फूड का सालाना कारोबार करीब 1500 करोड़ रुपये का बताया जा रहा है. बाबा एग्रो फूड प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड का सालाना टर्नओवर लगभग 300 करोड़ रुपये है और यह कंपनी शेयर बाजार में भी सूचीबद्ध है. आयकर विभाग अब जब्त दस्तावेजों के आधार पर आगे की कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।

 

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